Assam Earthquake

असम के कछार में आया 3.3 तीव्रता का तेज भूकंप, मेघालय सहित पूरे पूर्वोत्तर भारत में हिली धरती

असम राष्ट्रीय

एजेंसी, गुवाहाटी। Assam Earthquake : उत्तर पूर्व भारत के असम राज्य से एक बड़ी प्राकृतिक हलचल की खबर सामने आई है। असम के कछार जिले में गुरुवार की रात को मध्यम तीव्रता का एक तेज भूकंप दर्ज किया गया है। रिक्टर पैमाने पर इस भूगर्भीय झटके की तीव्रता चार दशमलव सात मापी गई है। इस भूकंप के तेज झटके न केवल असम बल्कि पड़ोसी राज्य मेघालय सहित पूर्वोत्तर भारत के कई अन्य हिस्सों में भी साफ तौर पर महसूस किए गए। हालांकि, इस पूरे मामले में सबसे बड़ी राहत और संतोष की बात यह रही कि इतनी तीव्रता के बावजूद अभी तक किसी भी क्षेत्र से किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान, किसी नागरिक के हताहत होने या किसी बड़ी इमारत के ढहने जैसी अप्रिय घटना की कोई सूचना सामने नहीं आई है।

रात के वक्त अचानक कांप उठी धरती, लोगों में मची दहशत

आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम विज्ञान के अधिकारियों से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह भूकंप गुरुवार की रात को करीब नौ बजकर दस मिनट पर आया था। जब यह हादसा हुआ, उस समय अधिकांश लोग अपने घरों में सोने की तैयारी कर रहे थे या भोजन कर रहे थे। अचानक धरती कांपने के कारण घरों के भीतर रखे बर्तन, पंखे और खिड़कियां तेजी से हिलने लगीं। झटके महसूस होते ही सुरक्षा और एहतियात के तौर पर भारी संख्या में लोग अपने मासूम बच्चों और परिवारों के साथ तुरंत बहुमंजिला इमारतों और पक्के मकानों से बाहर निकलकर खुले मैदानों की तरफ भागे। कुछ घने रिहायशी इलाकों में लोगों के बीच काफी देर तक डर और अफरा-तफरी का माहौल भी बना रहा।

जमीन से उनतालीस किलोमीटर नीचे स्थित थी भूकंप की मुख्य गहराई

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों और वैज्ञानिक विश्लेषण के मुताबिक, इस भूगर्भीय हलचल की गहराई जमीन की सतह से लगभग उनतालीस किलोमीटर नीचे दर्ज की गई थी। जमीन के भीतर इतनी गहराई पर होने के कारण ही इसके झटके बहुत बड़े विनाश में तब्दील नहीं हुए, परंतु इसका असर आसपास के कई राज्यों की सीमाओं तक देखने को मिला। भू-वैज्ञानिकों के अनुसार, इस भूकंप का मुख्य केंद्र चौबीस दशमलव नौ चार एक डिग्री उत्तरी अक्षांश और तिरानबे दशमलव शून्य शून्य सात डिग्री पूर्वी देशांतर रेखा पर स्थित था, जो कछार जिले के अंतर्गत आता है।

आपदा प्रबंधन टीमों के साथ स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क

इस प्राकृतिक घटना के बाद दक्षिणी असम के कछार, सिलचर और मेघालय के पर्वतीय इलाकों से भी लगातार कंपन महसूस किए जाने की खबरें प्रशासन को मिलती रहीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय जिला प्रशासन, पुलिस बल और राज्य आपदा प्रबंधन प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमों को तुरंत हाई अलर्ट पर डाल दिया गया। कंट्रोल रूम के जरिए प्रभावित क्षेत्रों के सभी थानों और ग्राम प्रधानों से तुरंत संपर्क साधा गया ताकि वास्तविक जमीनी स्थिति का पता लगाया जा सके। राहत आयुक्त कार्यालय ने साफ किया है कि वे पूरी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं और सभी आवश्यक आपातकालीन सेवाएं किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।

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