Anti Paper Leak Bill

प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक पर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला : कैबिनेट ने दी सख्त विधेयक को मंजूरी, 10 वर्ष की जेल और 10 करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रावधान

नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, नई दिल्ली। Anti Paper Leak Bill : देश भर में प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आ रही धांधली और नीट प्रश्नपत्र लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक और कड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की उच्चस्तरीय बैठक में पेपर लीक जैसे गंभीर अपराधों पर अंकुश लगाने हेतु एक अत्यंत कड़े कानून के मसौदे को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। प्रस्तावित विधेयक में संगठित रूप से पेपर लीक करने वाले परीक्षा माफिया और गिरोहों के खिलाफ 10 वर्ष तक के कठोर कारावास और 10 करोड़ रुपये तक के भारी आर्थिक दंड जैसे कठोर प्रावधान तय किए गए हैं। कैबिनेट की इस महत्वपूर्ण बैठक के पश्चात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच भी इस विषय पर लंबी और गहन चर्चा संपन्न हुई। इस कड़े कानून से संबंधित विधेयक को अगले सप्ताह संसद के पटल पर पेश किए जाने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन पर विशेष बल और समयबद्ध सुनवाई की व्यवस्था

केंद्रीय कैबिनेट की इस बैठक में केवल कड़े दंड ही नहीं, बल्कि मामलों के जल्द निस्तारण हेतु विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों की स्थापना पर भी मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया गया। सरकार की योजना एक ऐसा कानूनी ढांचा तैयार करने की है जिसके तहत पेपर लीक से जुड़े मुकदमों की रोजाना सुनवाई हो सके और दोषियों को एक निश्चित समयसीमा के भीतर सजा दिलाई जा सके। इस कैबिनेट बैठक से पूर्व, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई की देर रात देश के परीक्षार्थियों और युवाओं को संबोधित करते हुए एक विशेष वीडियो संदेश भी जारी किया था। अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया था कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पवित्रता बनाए रखना और लाखों विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसी प्रतिबद्धता के तहत Fast Track कोर्ट एवं कड़े प्रावधानों वाले इस नए कानून का खाका तैयार किया गया है।

नीट मामले में अब तक 13 आरोपी गिरफ्तार और उच्च शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

एक तरफ जहां केंद्र सरकार विधायी और कानूनी मोर्चे पर शिकंजा कस रही है, वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय जांच एजेंसियां नीट प्रश्नपत्र लीक प्रकरण में लगातार कार्रवाई में जुटी हुई हैं। अब तक की जांच और धरपकड़ के दौरान इस पूरे प्रकरण से जुड़े 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस प्रशासनिक और कानूनी हलचल के बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में भी एक बड़ा और महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव लागू किया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1994 बैच के राजस्थान कैडर के वरिष्ठ अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है। नरेश पाल गंगवार ने इस पद पर विनीत जोशी का स्थान लिया है। जानकारों का मानना है कि फास्ट ट्रैक अदालतों और सख्त कानून के लागू होने से भविष्य में परीक्षा माफिया के नेटवर्क पर पूर्ण विराम लगेगा और पूरी व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी।

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