एजेंसी, चेन्नई। Amar Prasad : दक्षिण भारत के बेहद महत्वपूर्ण राज्य तमिलनाडु की राजनीति से इस समय भारतीय जनता पार्टी के लिए एक बहुत ही बुरी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। राज्य में पार्टी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेता और तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश सचिव अमर प्रसाद रेड्डी ने अपने सभी आधिकारिक पदों और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से अपना इस्तीफा दे दिया है। अमर प्रसाद रेड्डी के इस अचानक लिए गए फैसले के साथ ही भाजपा के साथ उनका पिछले 13 साल पुराना एक बहुत लंबा और गहरा जुड़ाव हमेशा के लिए खत्म हो गया है। आपको बता दें कि अमर प्रसाद रेड्डी को तमिलनाडु के पूरे सियासी गलियारे में भाजपा के सबसे ज्यादा सक्रिय, मुखर और अग्रिम पंक्ति के प्रमुख चेहरों में गिना जाता था। कूटनीतिक हलकों में उनके इस इस्तीफे को तमिलनाडु में भाजपा की जड़ों को हिला देने वाला एक बहुत बड़ा संगठनात्मक संकट माना जा रहा है।
थलाइवर अन्नामलाई के साथ नई राजनीतिक पारी की शुरुआत करेंगे अमर प्रसाद
अपने इस बड़े फैसले की आधिकारिक घोषणा करने के लिए अमर प्रसाद रेड्डी ने सोशल मीडिया के माध्यम से जनता और अपने समर्थकों के बीच एक भावुक संदेश साझा किया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में साफ तौर पर लिखा है कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी से पूरी तरह नाता तोड़ लिया है और अब वह अपने पुराने साथी व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष थलाइवर अन्नामलाई के साथ उनके आगे के भावी राजनीतिक सफर और आंदोलन में कंधे से कंधा मिलाकर शामिल होंगे। अमर प्रसाद के इस बयान से यह पूरी तरह साफ हो गया है कि अन्नामलाई ने पार्टी छोड़ने के बाद जो नई राजनीतिक जमीन तैयार करने की योजना बनाई है, अमर प्रसाद उसमें उनके सबसे बड़े और वफादार सिपाही के रूप में खड़े दिखाई देंगे।
करुणा नागराजन समेत दर्जनों पदाधिकारियों ने पहले ही छोड़ दी थी पार्टी
तमिलनाडु में भाजपा के भीतर असंतोष की यह आग नई नहीं है, बल्कि पिछले कुछ दिनों से लगातार सुलग रही है। इससे ठीक पहले जब कद्दावर नेता अन्नामलाई ने भाजपा का दामन छोड़ा था, तो उसके कुछ ही घंटों के भीतर पार्टी के भीतर एक बहुत बड़ा विस्फोट हुआ था। तब तमिलनाडु भाजपा के उपाध्यक्ष करुणा नागराजन और उनके साथ पार्टी के करीब 15 अन्य बड़े पदाधिकारियों ने एक साथ सामूहिक इस्तीफा देकर आलाकमान की नींद उड़ा दी थी। इतनी बड़ी संख्या में वरिष्ठ नेताओं के अचानक पार्टी छोड़ने के बाद राज्य में भाजपा के वजूद और उसकी संगठनात्मक क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे थे। इस भारी बिखराव को थामने के लिए राज्य के वर्तमान भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन को खुद मीडिया के सामने आकर सफाई देनी पड़ी थी। उन्होंने तब दावा किया था कि अन्नामलाई या किसी अन्य नेता के जाने से संगठन की सेहत और चुनाव की तैयारियों पर रत्ती भर भी कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
आगामी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा के लिए बहुत बड़ी कूटनीतिक हार
राजनीतिक विश्लेषकों और अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि अमर प्रसाद रेड्डी का यह कदम पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के लिए एक बहुत बड़ा सबक है। माना जा रहा है कि राज्य इकाई के भीतर पिछले लंबे समय से चल रहे आपसी मतभेदों, गुटबाजी और केंद्रीय नेतृत्व के कुछ संगठनात्मक फैसलों से वह काफी समय से बेहद असंतुष्ट और नाराज चल रहे थे। राज्य में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले इतने सक्रिय और जमीनी पकड़ रखने वाले नेता का पार्टी छोड़कर जाना तमिलनाडु भाजपा के लिए किसी बड़े कूटनीतिक झटके से कम नहीं है। अब देखना यह होगा कि इस भारी नुकसान की भरपाई के लिए भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व दक्षिण भारत में क्या नई रणनीति अख्तियार करता है।
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