एजेंसी, अहमदाबाद। Ahmedabad Bangladeshis Arrested : गुजरात के सबसे प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक शहर अहमदाबाद में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और देश में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को बाहर निकालने के लिए एक बेहद बड़ा और सुनियोजित सुरक्षा अभियान चलाया गया है। अहमदाबाद पुलिस और स्थानीय अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) की संयुक्त टीमों ने अवैध घुसपैठ के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के तीन अलग-अलग घने इलाकों से 300 से अधिक संदिग्ध व्यक्तियों को अपनी हिरासत में ले लिया है। शुरुआती जांच और पहचान पत्रों के सत्यापन के बाद इनमें से 166 नागरिकों के अवैध रूप से भारत में दाखिल होने और बांग्लादेशी होने की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। वहीं दूसरी तरफ, हिरासत में लिए गए अन्य संदिग्ध नागरिकों के दस्तावेजों, पहचान पत्रों और नागरिकता संबंधी कागजात की बारीकी से जांच-पड़ताल की जा रही है।
STORY | Ahmedabad police apprehend 166 Bangladeshi nationals for illegal stay in country
The Ahmedabad police have rounded up around 300 suspected Bangladeshi nationals, of which 166 were confirmed to be living illegally, officials said on Wednesday.
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— Press Trust of India (@PTI_News) June 3, 2026
तीन प्रमुख इलाकों में देर रात एक साथ शुरू हुई पुलिस और अपराध शाखा की छापेमारी
सुरक्षा एजेंसियों को पिछले काफी समय से यह खुफिया जानकारी मिल रही थी कि शहर के कुछ खास इलाकों में विदेशी नागरिक बिना किसी वैध दस्तावेज और वीजा के छिपकर रह रहे हैं। इसी पुख्ता सूचना के आधार पर दो जून की रात को अहमदाबाद पुलिस और अपराध शाखा के आला अधिकारियों ने एक गुप्त रणनीतिक योजना तैयार की। इसके बाद पुलिस बल की कई टुकड़ियों ने एक साथ शहर के चंडोला, गुलाबनगर और खोडियारनगर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की चारों तरफ से घेराबंदी कर दी और सामूहिक तलाशी अभियान (सर्च ऑपरेशन) शुरू किया। इस औचक कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने इन क्षेत्रों में रहने वाले सैकड़ों संदिग्ध लोगों को काबू में किया और उन्हें बड़ी-बड़ी बसों में भरकर कड़ी सुरक्षा के बीच अपराध शाखा के मुख्यालय परिसर (क्राइम ब्रांच कैंपस) लेकर आई, जहां सुरक्षा नियमों के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पहचान बदलकर शहर के कोने-कोने में फैल रहे थे अवैध प्रवासी, केंद्रीय एजेंसियों को सौंपने की तैयारी
अपराध शाखा के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस पूरे मामले पर महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि चंडोला जैसे क्षेत्रों में पुलिस द्वारा लगातार की जा रही कड़ी कानूनी कार्रवाई और सख्त निगरानी के कारण अब अवैध घुसपैठिए एक जगह पर लंबा समय बिताने से बच रहे हैं। ये लोग कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए लगातार अपनी पहचान बदल रहे हैं और शहर के अलग-अलग हिस्सों में स्थित झुग्गी-झोपड़ियों, किराए के मकानों, कामगार बस्तियों, होटलों और छोटे व्यावसायिक परिसरों में शरण ले रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध प्रवासियों को पकड़ने का यह अभियान अभी थमेगा नहीं, बल्कि आने वाले दिनों में यह कार्रवाई और अधिक व्यापक रूप से पूरे शहर में चलाई जाएगी। हिरासत में लिए गए इन बांग्लादेशी नागरिकों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। कागजी और कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद राज्य पुलिस इन सभी को देश की केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों और सीमा सुरक्षा बल के सुपुर्द करेगी ताकि इन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
हवाला और मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए बांग्लादेश भेजी जा रही थी भारत में कमाई गई रकम
हिरासत में लिए गए संदिग्धों से अपराध शाखा और खुफिया विभाग के अधिकारियों द्वारा की जा रही गहन पूछताछ में कई बेहद गंभीर और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े खुलासे हुए हैं। पकड़े गए कुछ बांग्लादेशी नागरिकों ने स्वीकार किया है कि वे यहाँ विभिन्न प्रकार के श्रम और छोटे-मोटे काम करके जो भी पैसा कमाते थे, उसे वे अवैध तरीके से बांग्लादेश में रह रहे अपने परिवारों को भेजते थे। इस काम के लिए शहर में सक्रिय अवैध दलालों और हवाला नेटवर्क का सहारा लिया जाता था। कमाई गई नकदी रकम को पहले गुजरात से पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता भेजा जाता था, और फिर वहां से सीमा पार कराकर बांग्लादेश पहुंचाया जाता था। इसके अलावा जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ अवैध और संदिग्ध मोबाइल एप्लीकेशन (ऐप्स) का इस्तेमाल भी इस पैसे के अवैध हस्तांतरण के लिए किया जा रहा था। पुलिस की साइबर अपराध शाखा (साइबर क्राइम टीम) अब इन सभी मोबाइल फोनों और ऐप्स की बारीकी से तकनीकी जांच कर रही है ताकि इस पूरे हवाला नेटवर्क और इसके दलालों का पर्दाफाश किया जा सके।
पुलिस की छापेमारी के दौरान स्पा सेंटर की खिड़कियों से कूदकर भागीं संदिग्ध विदेशी लड़कियां
इस पूरे बड़े तलाशी अभियान के दौरान अहमदाबाद के ओधव इलाके में स्थित क्रिस्टल कॉम्प्लेक्स के भीतर एक बेहद हाई-वोल्टेज ड्रामा और अफरा-तफरी का माहौल भी देखने को मिला। अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त (जेसीपी) शरद सिंघल ने बताया कि जब पुलिस की विशेष टीमें परिसर में स्थित कुछ स्पा सेंटरों की जांच करने पहुंचीं, तो वहां हड़कंप मच गया। पुलिस को देखते ही स्पा सेंटर के प्रबंधक (मैनेजर) दुकानों को बाहर से ताला लगाकर मौके से फरार हो गए, जबकि उनके भीतर कई संदिग्ध बांग्लादेशी लड़कियां काम कर रही थीं। जब पुलिस की टीम अंदर फंसी लड़कियों को बाहर निकालने के लिए ताला और दरवाजा तोड़ने की कोशिश कर रही थी, तभी कुछ लड़कियों ने इमारत की पिछली खिड़कियों से नीचे छलांग लगा दी। जांच में पता चला है कि कुछ स्थानीय लोगों ने कानून की आंख में धूल झोंकने और इन लड़कियों को भगाने के लिए नीचे से सीढ़ियां लगा दी थीं। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इनमें से कुछ लड़कियों को तुरंत हिरासत में ले लिया है और उनकी अवैध रूप से मदद करने वाले स्थानीय लोगों की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
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