एजेंसी, क्वेटा। Balochistan Mine Explosion : पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक बड़ा और दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां सोरेंज कोयला खदान क्षेत्र में मीथेन गैस के अचानक भड़कने से हुए जोरदार धमाके में 32 खनिकों की जान चली गई। प्रांतीय राजधानी क्वेटा के बाहरी इलाके में स्थित इस खदान में हुए विस्फोट के बाद मलबे में अभी भी 10 से अधिक मजदूरों के फंसे होने की आशंका बनी हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही आपातकालीन राहत टीमें और आपदा प्रबंधन बल मौके पर पहुंच गए हैं। प्रांतीय सरकार ने इस हादसे में मारे गए सभी मजदूरों के आश्रित परिजनों को 5-5 लाख पाकिस्तानी रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है।
At least 34 workers were killed in an explosion caused by methane gas in a coal mine in Pakistan’s southern Balochistan province.
The regional disaster management authority said in a statement: “According to information received from rescue teams deployed at the site, 34 bodies… pic.twitter.com/VWpAKdAkpf— Qatar Tribune (@Qatar_Tribune) July 31, 2026
गैस रिसाव के कारण हुआ भीषण विस्फोट
सरकारी खदान निरीक्षक गनी बलोच द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह भयानक दुर्घटना खदान के भीतर अत्यधिक मात्रा में ज्वलनशील मीथेन गैस एकत्रित हो जाने के कारण हुई। जहरीली और ज्वलनशील गैस के दबाव से खदान की गहराई में तेज धमाका हुआ, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर इसकी सीधी चपेट में आ गए। विस्फोट के तुरंत बाद खदान का एक बड़ा हिस्सा ढह गया, जिससे अंदर काम कर रहे कर्मियों को बाहर निकलने का कोई अवसर नहीं मिल सका।
शून्य ऑक्सीजन स्तर के बीच चलाया जा रहा रेस्क्यू ऑपरेशन
आपदा प्रबंधन एजेंसी और राहत दलों ने मौके पर पहुंचकर राहत अभियान शुरू किया। शुरुआती जांच में पहले 7 शवों को बाहर निकाला गया, जिसके बाद तलाशी अभियान के दौरान 25 अन्य शव बरामद किए गए। बचाव अधिकारियों का कहना है कि मीथेन गैस के धमाके के बाद खदान के अंदर ऑक्सीजन का स्तर पूरी तरह समाप्त हो जाता है, जिससे फंसे हुए मजदूरों के जीवित बचे होने की संभावनाएं बेहद कम हो जाती हैं। राहतकर्मी बेहद जोखिम भरी परिस्थितियों में खदान के अंदर फंसे बाकी लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।
प्रांतीय सरकार ने किया आर्थिक सहायता का ऐलान
बलूचिस्तान के खदान एवं खनिज मंत्री शोएब नोशेरवानी ने इस भीषण जनहानि पर गहरा दुख प्रकट किया है। उन्होंने बताया कि प्रांतीय सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और प्रत्येक मृतक के परिवार को 5-5 लाख पाकिस्तानी रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि राहत कार्य पूरा होने के बाद खदान में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
कोयला खदानों में लगातार उठ रहे सुरक्षा के सवाल
बलूचिस्तान का यह इलाका अपने समृद्ध खनिज भंडारों के लिए जाना जाता है, लेकिन यहाँ की खदानों में सुरक्षा इंतजामों की स्थिति हमेशा से चिंताजनक रही है। श्रमिक यूनियनों का आरोप है कि अधिकांश निजी और स्थानीय खदानों में गैस डिटेक्शन सिस्टम, पर्याप्त वेंटिलेशन और आपातकालीन निकास मार्गों का अभाव रहता है। सुरक्षा मानकों की इस तरह की अनदेखी के कारण हर साल दर्जनों मजदूर इन असुरक्षित खदानों में अपनी जान गंवाने के लिए मजबूर होते हैं।
इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :
प्रश्न 1: पाकिस्तान के बलूचिस्तान में यह खदान हादसा कहाँ और किस कारण से हुआ?
उत्तर: यह हादसा क्वेटा के पास सोरेंज कोयला क्षेत्र में खदान के भीतर ज्वलनशील मीथेन गैस के अचानक भड़कने और विस्फोट के कारण हुआ।
प्रश्न 2: इस दर्दनाक हादसे में अब तक कितने मजदूरों की जान जा चुकी है?
उत्तर: खदान हादसे में अब तक 32 मजदूरों के शव निकाले जा चुके हैं और 10 से अधिक लोग अभी भी फंसे हुए हैं।
प्रश्न 3: बलूचिस्तान सरकार ने पीड़ित परिवारों के लिए क्या राहत राशि घोषित की है?
उत्तर: प्रांतीय सरकार ने इस हादसे में मारे गए प्रत्येक मजदूर के परिवार को 5-5 लाख पाकिस्तानी रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है।
प्रश्न 4: खदान के भीतर राहत और बचाव कार्य में क्या मुख्य बाधा आ रही है?
उत्तर: मीथेन विस्फोट के बाद खदान के अंदर ऑक्सीजन का स्तर शून्य हो गया है और जहरीली गैस की उपस्थिति के कारण बचाव कार्य धीमा चल रहा है।
प्रश्न 5: स्थानीय मजदूर संगठनों ने खदानों की सुरक्षा को लेकर क्या आरोप लगाए हैं?
उत्तर: मजदूर यूनियनों ने आरोप लगाया है कि खदानों में वेंटिलेशन और गैस डिटेक्शन जैसे बुनियादी सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी की जाती है।
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