एजेंसी, खंडवा। MP Krishak Kalyan Varsh : मध्य प्रदेश के खंडवा में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत प्रदेश के 82.70 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में 3,300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि एक साथ अंतरित की गई। इस दौरान पात्र किसानों को वर्ष 2025-26 की तीसरी और वर्ष 2026-27 की पहली किस्त के रूप में 4,000 रुपये की राशि मिली। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र से जुड़े कई अन्य विषयों पर भी सरकार की योजनाओं और आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी।
आज खंडवा में आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव’ के अवसर पर ‘मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना’ अंतर्गत प्रदेश के 82 लाख से अधिक किसानों के खाते में दो किस्तों की ₹3,300 करोड़ से अधिक राशि का सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरण किया।
प्रदेश के सभी किसानों को हार्दिक बधाई। हमारी सरकार हर… pic.twitter.com/HMtxaG0DDx
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) July 27, 2026
मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत किसानों को मिली राशि
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खंडवा में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि राज्य सरकार किसान कल्याण को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करते हुए लगातार योजनाओं का विस्तार कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के अंतर्गत प्रदेश के 82 लाख 70 हजार से अधिक किसानों के खातों में 3,300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की गई। इस भुगतान के माध्यम से किसानों को एक साथ 4,000 रुपये की सहायता राशि मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती-किसानी में किसानों की मेहनत और उनकी भूमिका को देखते हुए सरकार उनके आर्थिक हितों को मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। कार्यक्रम में किसानों की ओर से मुख्यमंत्री का हल भेंट कर स्वागत भी किया गया।
2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का फैसला
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इसी के तहत प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने भगवान बलराम को कृषि परंपरा से जोड़ते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में कृषि और किसानों का विशेष महत्व रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के साथ किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
सिंचाई का रकबा बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर हुआ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि राज्य में सिंचाई का रकबा बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर हो गया है, जबकि वर्ष 2002-03 से पहले यह 44 लाख हेक्टेयर था। मुख्यमंत्री के मुताबिक पिछले ढाई वर्षों में ही सिंचाई क्षेत्र में 10 लाख हेक्टेयर से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। सरकार की ओर से किसानों को बिजली, पानी, सड़क, प्राकृतिक खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ रहा है और किसान खेतों में खाद तथा बीज के छिड़काव के लिए ड्रोन का उपयोग भी कर रहे हैं।
किसानों को दिन में सिंचाई के लिए बिजली देने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा काल समाप्त होने के बाद किसानों को दिन के समय भी सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य किसानों की सिंचाई संबंधी जरूरतों को आसान बनाना और खेती की लागत तथा संचालन से जुड़ी परेशानियों को कम करना है। उन्होंने कृषि क्षेत्र के साथ पशुपालन को भी किसानों की आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। राज्य सरकार दूध उत्पादन को बढ़ावा देने पर काम कर रही है और इसे वर्तमान 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
जैविक और हाईटेक खेती करने वाले किसानों का सम्मान
खंडवा के कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया। जैविक खेती, हाईटेक खेती और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले किसानों को सम्मान मिला। इसके अलावा मेधावी विद्यार्थियों और सोशल मीडिया के माध्यम से कृषि तथा अन्य विषयों पर काम करने वाले लोगों को भी सम्मानित किया गया।मुख्यमंत्री ने इस आयोजन को किसानों के साथ संवाद और कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं को सामने लाने का माध्यम बताया। कार्यक्रम में खेती को अधिक आधुनिक, तकनीक आधारित और आय बढ़ाने वाला बनाने पर जोर दिया गया।
खंडवा में पुलिस बटालियन की घोषणा
कृषि महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने खंडवा में पुलिस बटालियन स्थापित करने की घोषणा भी की। इसके साथ ही खंडवा-बूंदी मार्ग से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर भी जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मार्ग के लिए 15 सितंबर से पहले निविदा जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। कृषि क्षेत्र के विकास के साथ प्रदेश में सड़क, बिजली, पानी और अन्य आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में भी सरकार की योजनाओं का उल्लेख किया गया।
अगले महीने से सरकारी रोडवेज बसों की सौगात
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में किसानों और गरीब वर्ग के कल्याण के साथ आम नागरिकों के लिए भी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि अगले महीने से प्रदेश के नागरिकों को सरकारी रोडवेज बसों की सुविधा मिलने लगेगी। उन्होंने जरूरतमंद लोगों के उपचार के लिए एयर एंबुलेंस की उपलब्धता का भी उल्लेख किया। इसके अलावा भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम से जुड़े धार्मिक स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित करने तथा ओंकारेश्वर धाम में बड़े स्तर पर विकास कार्य किए जाने की बात कही।
सिंघस्थ 2028 की तैयारियों का भी जिक्र
मुख्यमंत्री ने सिंघस्थ 2028 के आयोजन की तैयारियों को लेकर भी सरकार की योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक और पर्यटन स्थलों के विकास के साथ प्रदेश में बड़े आयोजनों के लिए आवश्यक सुविधाओं को मजबूत करने पर काम किया जा रहा है। ओंकारेश्वर धाम के विकास के लिए भी हजारों करोड़ रुपये की लागत से अलग-अलग कार्य किए जाने की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने इसे धार्मिक पर्यटन और क्षेत्रीय विकास से जोड़कर प्रस्तुत किया।
समान नागरिक संहिता को लेकर मुख्यमंत्री का दावा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समान नागरिक संहिता को लेकर भी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि राज्य विधानसभा से समान नागरिक संहिता को पारित कराया गया है और सरकार का उद्देश्य सभी के लिए समान कानून की व्यवस्था को आगे बढ़ाना है। मुख्यमंत्री के मुताबिक समान नागरिक संहिता से संबंधित सर्वे के दौरान 3.5 करोड़ से अधिक लोगों को संदेश भेजे गए थे और 10 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए। उन्होंने दावा किया कि सर्वे में 76 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम महिलाओं ने समान नागरिक संहिता लागू करने का समर्थन किया।
किसान कल्याण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर
बलराम कृषि महोत्सव के मंच से मुख्यमंत्री ने किसान कल्याण को कृषि उत्पादन तक सीमित न रखते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर दिया। सरकार की योजनाओं में सिंचाई, बिजली, आधुनिक तकनीक, प्राकृतिक खेती, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण और बेहतर परिवहन जैसी सुविधाओं को शामिल किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि के साथ जुड़े दूसरे क्षेत्रों को भी मजबूत करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से दूध उत्पादन बढ़ाने, आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने और किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर सरकार काम कर रही है।
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