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सरकार से सहमति के बाद सीजेपी ने समाप्त किया जंतर-मंतर आंदोलन, स्वीकार हुईं तीनों प्रमुख मांगे

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एजेंसी, नई दिल्ली। CJP Jantar Mantar Protest : देश की राजधानी दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से अधिक समय से चल रहा विरोध प्रदर्शन आखिरकार समाप्त हो गया है। केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रतिनिधियों के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद आंदोलन को वापस लेने की औपचारिक घोषणा कर दी गई। दोनों पक्षों के बीच हुई सकारात्मक बातचीत के बाद संगठन ने धरना खत्म करने का निर्णय लिया और जंतर-मंतर पर मौजूद सभी प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक अपने-अपने घर लौटने की अपील की है।

कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई बैठक के बाद लिया गया निर्णय

दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह उपस्थित रहे। वहीं दूसरी तरफ सीजेपी के प्रतिनिधियों ने छात्रों और प्रदर्शनकारियों का पक्ष रखा। बैठक के उपरांत आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में संगठन के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने जानकारी दी कि सरकार के साथ बातचीत बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। सरकार ने संगठन की सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद सर्वसम्मति से आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिया गया।

आंदोलनकारियों पर नहीं होगी कोई दंडात्मक कार्रवाई

संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय मंत्रियों और सीजेपी प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि इस ऐतिहासिक आंदोलन में शामिल रहे किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई कानूनी या दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। सरकार ने आश्वासन दिया है कि दिल्ली सहित देश के अन्य राज्यों में प्रदर्शन के दौरान दर्ज किए गए मामलों और प्राथमिकियों को वापस लेने के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि भविष्य में छात्रों या प्रदर्शनकारियों के करियर पर कोई आंच न आए।

संगठन का दावा: सरकार ने स्वीकार कीं तीन मुख्य मांगे

प्रेस वार्ता के दौरान सीजेपी ने औपचारिक रूप से बताया कि केंद्र सरकार ने उनकी तीन प्रमुख मांगों पर पूरी तरह अपनी सहमति व्यक्त की है। इन मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पद से इस्तीफा देना, नीट परीक्षा में हुई धांधली व पर्चा लीक के बाद मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि देना और आंदोलन के दौरान दर्ज सभी मुकदमों को रद्द करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना शामिल है।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अभिजीत दीपके की प्रतिक्रिया

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आते ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने जश्न मनाया। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने इसे संगठित प्रयास और लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर मानते थे कि वर्तमान व्यवस्था में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन यह परिणाम दिखाता है कि यदि नागरिक निडर होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं तो बदलाव निश्चित है। हालांकि उन्होंने समर्थकों से अपील की कि इस सफलता के लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से नायक न बनाया जाए, बल्कि इस सामूहिक संघर्ष को ही इसका श्रेय दिया जाए।

चार सप्ताह बाद होगी शिक्षा सुधारों पर अगली बैठक

आंदोलन समाप्ति की घोषणा के साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि आगामी 4 सप्ताह के भीतर सीजेपी के प्रतिनिधि एक बार फिर केंद्रीय मंत्रियों के साथ आधिकारिक बैठक करेंगे। इस प्रस्तावित बैठक में देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था, नीट सहित अन्य सभी राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं के पारदर्शी संचालन और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार से जुड़े बेहद महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी, ताकि भविष्य में छात्रों के हितों की रक्षा की जा सके।

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