Piyush Goyal

डीपफेक वीडियो पर भड़के पीयूष गोयल : दिल्ली पुलिस में दर्ज कराई प्राथमिकी, बोले- कृत्रिम बुद्धिमत्ता का गलत इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं

देश/प्रदेश नई दिल्ली

एजेंसी, नई दिल्ली। Piyush Goyal Deepfake Video : देश की राजनीति में आधुनिक तकनीक के गलत इस्तेमाल का एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का एक विवादास्पद वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। इस वीडियो की वास्तविकता पर स्पष्टीकरण देते हुए केंद्रीय मंत्री ने इसे पूरी तरह से फर्जी और साजिश का हिस्सा करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई की सहायता से तैयार किया गया यह एक डीपफेक वीडियो है, जिसका एकमात्र मकसद देश के नागरिकों और विशेषकर युवाओं को गुमराह करना तथा समाज में भ्रम की स्थिति पैदा करना है।

संसद परिसर की वास्तविक बातचीत के साथ की गई छेड़छाड़

इस पूरे विवाद पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सार्वजनिक रूप से बयान जारी किया है। उन्होंने बताया कि हाल ही में संसद परिसर के बाहर मीडिया प्रतिनिधियों के साथ हुई उनकी वास्तविक बातचीत के मूल ऑडियो और वीडियो को उठाकर उसमें आधुनिक सॉफ्टवेयर की मदद से बदलाव किए गए हैं। एआई तकनीक का प्रयोग करके उनके मुंह से ऐसे शब्द और विवादित दावे बुलवाए गए हैं, जो उन्होंने कभी कहे ही नहीं थे। मंत्री ने कहा कि डिजिटल युग में इस प्रकार की आपराधिक गतिविधियां केवल व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास नहीं हैं, बल्कि यह हमारे लोकतांत्रिक संवाद और सार्वजनिक विश्वास पर भी एक बड़ा हमला है।

चाणक्यपुरी पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ आपराधिक मुकदमा

मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय मंत्री के निर्देश पर प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कानूनी कदम उठाए गए हैं। दिल्ली के चाणक्यपुरी पुलिस स्टेशन में 25 जुलाई 2026 को तड़के 4:35 बजे एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर पुलिस ने एफआईआर संख्या 123/26 पंजीकृत कर ली है। जांच एजेंसियों ने वीडियो के स्रोत और इसे डिजिटल स्पेस में वायरल करने वाले नेटवर्क की पड़ताल शुरू कर दी है। केंद्रीय मंत्री ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि इस फर्जी डिजिटल सामग्री को बनाने वाले, इसे अलग-अलग ग्रुपों में प्रसारित करने वाले तथा इसमें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

तकनीक के गैर-जिम्मेदाराना उपयोग पर जताई गहरी चिंता

डिजिटल दुनिया में फैलती इस प्रकार की भ्रामक सामग्रियों पर चिंता व्यक्त करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी आधुनिक और उन्नत तकनीक का देश के विकास में उपयोग होना चाहिए, न कि इसका गैर-जिम्मेदाराना इस्तेमाल करके समाज में नफरत या भ्रम फैलाया जाए। उन्होंने कहा कि एआई के ऐसे गलत प्रयोग को किसी भी कीमत पर स्वीकार या बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। सरकार इस प्रकार के डिजिटल अपराधों से निपटने और इंटरनेट को सुरक्षित बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

नागरिकों से की सतर्क रहने और आधिकारिक पुष्टि करने की अपील

वीडियो विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री ने देश के आम नागरिकों और विशेष रूप से जागरूक युवाओं से एक खास अपील भी की है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर आए दिन वायरल होने वाले सनसनीखेज दावों, तस्वीरों और वीडियो पर बिना जांच-पड़ताल के भरोसा न करें। किसी भी संवेदनशील खबर या मंत्री के बयान पर विश्वास करने से पहले केवल आधिकारिक और सत्यापित सूचना स्रोतों से ही उसकी सच्चाई की पुष्टि करें। उन्होंने भरोसा जताया कि देश की जनता और युवा वर्ग बेहद समझदार हैं और वे शरारती तत्वों द्वारा फैलाए जा रहे इस प्रकार के फर्जी और भ्रामक जाल में बिल्कुल नहीं फंसेंगे।

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