एजेंसी, कटनी। MP Uniform Civil Code Bill : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के विकास, आधुनिक शिक्षा, सिंचाई तंत्र के विस्तार और सामाजिक न्याय की दिशा में कई युगांतरकारी घोषणाएं की हैं। कटनी जिले के स्लीमनाबाद में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को विकास कार्यों की एक बहुत बड़ी सौगात दी। इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने झिंझरी और बहोरीबंद में नवनिर्मित अत्याधुनिक शासकीय सांदीपनि विद्यालयों का गरिमामयी लोकार्पण किया और साथ ही देश की सबसे लंबी और अनूठी जल सुरंग परियोजना का सघन निरीक्षण भी किया। राजनीतिक और कानूनी दृष्टिकोण से सबसे बड़ी घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश सरकार अब पूरे राज्य में एक समान कानून व्यवस्था लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
सर्वसुविधायुक्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के सशक्त केंद्र बन रहे सांदीपनि विद्यालय…
आज स्लीमनाबाद, कटनी में आयोजित कार्यक्रम में झिंझरी में ₹38.61 करोड़ और बहोरीबंद में ₹35.63 करोड़ की लागत से निर्मित सांदीपनि विद्यालयों के भवनों का लोकार्पण किया।
बेहतर अधोसंरचना और शिक्षा की… pic.twitter.com/47VBJGhoR7
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) July 17, 2026
आगामी वर्षाकालीन विधानसभा सत्र में पेश होगा समान नागरिक संहिता का मसौदा
स्लीमनाबाद के मंच से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश के नीतिगत ढांचे को मजबूत करने वाली एक बहुत बड़ी राजनीतिक घोषणा की। उन्होंने अत्यंत दृढ़ता के साथ कहा कि मध्य प्रदेश सरकार राज्य के भीतर रहने वाले प्रत्येक नागरिक के अधिकारों की रक्षा और सामाजिक समरसता के लिए “एक देश, एक विधान, एक निशान और एक कानून” के राष्ट्रीय संकल्प को पूरा करने जा रही है। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए राज्य सरकार आगामी वर्षाकालीन विधानसभा सत्र में समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी का ऐतिहासिक मसौदा सदन के पटल पर प्रस्तुत करेगी। उन्होंने बताया कि इस कानून के लागू होने से समाज के सभी वर्गों के लिए पारिवारिक और नागरिक अधिकार पूरी तरह एक समान हो जाएंगे।
‘स्लीमनाबाद टनल’ किसानों और व्यापारियों के लिए वरदान साबित होगी…
कटनी जिले के स्लीमनाबाद में लंबे संघर्ष के बाद पूर्णता की ओर अग्रसर लगभग 12 किमी लंबी नर्मदा टनल परियोजना का आज अवलोकन किया। यह विज्ञान का चमत्कार है कि मध्यप्रदेश की जीवनदायिनी मां नर्मदा इस ऐतिहासिक टनल के… pic.twitter.com/8XCDcqBUwh
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भोपाल के समीप ऐतिहासिक जगदीशपुर में आयोजित होगी कैबिनेट की विशेष बैठक
मुख्यमंत्री ने इस बड़े कानून को अमलीजामा पहनाने की प्रशासनिक समय सारणी साझा करते हुए संकेत दिया कि विधानसभा के आगामी वर्षाकालीन सत्र की शुरुआत से ठीक पहले एक विशेष कैबिनेट बैठक बुलाई जाएगी। मंत्रिपरिषद की यह अत्यंत महत्वपूर्ण और विशेष बैठक भोपाल के समीप स्थित ऐतिहासिक नगरी जगदीशपुर में आयोजित की जाएगी। इसी विशेष बैठक के दौरान कैबिनेट के सभी वरिष्ठ मंत्रियों के समक्ष समान नागरिक संहिता के संपूर्ण कानूनी प्रारूप को विचार-विमर्श के लिए रखा जाएगा और वहां से औपचारिक मंजूरी मिलने के तुरंत बाद इस विधेयक को अंतिम पारित होने के लिए विधानसभा में प्रस्तुत कर दिया जाएगा।
74 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुए हाई-टेक सांदीपनि विद्यालय
शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने झिंझरी और बहोरीबंद में बनकर तैयार हुए आलीशान शासकीय सांदीपनि विद्यालयों का लोकार्पण किया। उन्होंने बताया कि झिंझरी के सांदीपनि विद्यालय परिसर के निर्माण में लगभग 38.61 करोड़ रुपये की लागत आई है, जबकि बहोरीबंद के विद्यालय को करीब 35.63 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने गर्व से कहा कि ये सरकारी स्कूल केवल कंक्रीट के भवन नहीं हैं, बल्कि इन्हें आधुनिक शिक्षा के एक समग्र और सर्वगुण संपन्न मॉडल के रूप में विकसित किया गया है। इन परिसरों में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए हाई-टेक स्मार्ट क्लासरूम, उन्नत डिजिटल कंप्यूटर लैब, आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं, समृद्ध पुस्तकालय, खेल मैदान और सर्वसुविधा युक्त छात्रावास की व्यवस्था की गई है।
निजी स्कूलों को पछाड़ रहे हैं सरकारी सांदीपनि विद्यालय, कुलगुरु संबोधन को बढ़ावा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भगवान श्रीकृष्ण और उनके गुरु सांदीपनि के प्राचीन पौराणिक प्रसंग का श्रद्धापूर्वक उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी गौरवशाली भारतीय संस्कृति में शिक्षा केवल किताबी ज्ञान अर्जित करने का जरिया नहीं है, बल्कि यह मनुष्य के संपूर्ण व्यक्तित्व के निर्माण का पावन आधार है। उन्होंने दावा किया कि आज सरकारी शिक्षा व्यवस्था में किए जा रहे इस क्रांतिकारी और आधुनिक निवेश का ही परिणाम है कि क्षेत्र के मेधावी विद्यार्थी अब बड़े-बड़े निजी और महंगे स्कूलों को छोड़कर सरकार के इन सांदीपनि विद्यालयों में दाखिला लेने को पहली प्राथमिकता दे रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि भारतीय परंपरा में गुरु के सर्वोच्च स्थान को पुनर्स्थापित करने के लिए ही प्रदेश के विश्वविद्यालयों में अब कुलपति के स्थान पर “कुलगुरु” के सम्मानजनक संबोधन को पूरी तरह बढ़ावा दिया जा रहा है, और आगामी गुरुपूर्णिमा महोत्सव को भी पूरे राज्य में बेहद भव्य स्तर पर मनाया जाएगा।
मेधावी छात्रों के लिए स्कूटी, लैपटॉप और लाड़ली बहनों को 1,500 रुपये का उपहार
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जन-कल्याणकारी और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का भी विस्तार से विवरण दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब और ग्रामीण परिवेश के बच्चों के लिए मुफ्त पाठ्यपुस्तकें, साइकिल और अन्य बुनियादी सुविधाएं निरंतर दी जा रही हैं। इसके साथ ही शिक्षा के स्तर को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक लाने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सरकार द्वारा लैपटॉप प्रदान किए जा रहे हैं, जबकि अपने-अपने विद्यालयों में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाली मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने की महत्वाकांक्षी योजना भी सुचारू रूप से लागू है। इसके अलावा, महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में बड़ा ऐलान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी पावन रक्षाबंधन के त्योहार के विशेष अवसर पर ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ के तहत सभी पात्र बहनों के बैंक खातों में मिलने वाली मासिक सहायता राशि को बढ़ाकर सीधे 1,500 रुपये हस्तांतरित किया जाएगा।
विंध्य और बुंदेलखंड के 6 जिलों के लिए जीवनदायिनी बनी देश की सबसे लंबी जल सुरंग
शिक्षा और समाज कल्याण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कटनी जिले के स्लीमनाबाद में बन रही देश की सबसे लंबी और अनूठी जल सुरंग (वाटर टनल) परियोजना का अत्यंत बारीकी से स्थलीय निरीक्षण किया। जमीन की सतह से करीब 80 फीट नीचे विंध्य पर्वतमाला की कठोर चट्टानों को चीरकर बनाई गई यह नर्मदा जल सुरंग लगभग 11.95 किलोमीटर लंबी है, जो अब पूरी तरह से बनकर तैयार होने और इतिहास रचने की कगार पर पहुंच चुकी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह सुरंग आधुनिक सिविल इंजीनियरिंग और मानव बुद्धि का एक ऐसा बेजोड़ और हैरतअंगेज नमूना है, जिसके शुरू होने से पावन नर्मदा नदी का जल बिना किसी भारी इलेक्ट्रिक पंप या बिजली की खपत के, केवल पृथ्वी के प्राकृतिक गुरुत्वाकर्षण बल के सहारे जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, रीवा और पन्ना समेत विंध्य और बघेलखंड क्षेत्र के 6 बड़े जिलों तक बिना किसी बाधा के पहुंचेगा।
17 साल का लंबा और कठिन संघर्ष, जर्मनी की अत्याधुनिक तकनीक से मिली सफलता
विशेष बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने इस विशालकाय परियोजना के निर्माण के दौरान आईं बेहद कठिन भूगर्भीय और तकनीकी चुनौतियों का खुलकर जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस अभूतपूर्व सुरंग के निर्माण कार्य की शुरुआत आज से करीब 17 साल पहले साल 2008 में की गई थी और उस समय इसकी अनुमानित शुरुआती लागत मात्र 799 करोड़ रुपये तय की गई थी। लेकिन विंध्य पर्वत की बेहद जटिल और अनिश्चित भूगर्भीय संरचनाओं, सख्त पत्थरों के कारण भारी-भरकम मशीनों की ब्लेड टूटने, और खुदाई के दौरान सुरंग के भीतर होने वाले अत्यधिक पानी के रिसाव के कारण इस काम में कई बाधाएं आईं, यहाँ तक कि अमेरिका से आयातित विशाल टनल बोरिंग मशीन भी इस कठिन मोर्चे पर पूरी तरह विफल हो गई। इसके बाद सरकार ने हिम्मत न हारते हुए जर्मनी की विशेष ग्राउटिंग तकनीक और अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया, जिसके कारण आज यह कार्य अंतिम चरण में है और इन चुनौतियों की वजह से इसकी कुल लागत बढ़कर लगभग 1610 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
सोन नदी के कछार से मिलेगी नर्मदा, 1450 गांवों की बदलेगी तकदीर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन राजनीतिक आलोचकों को भी करारा जवाब दिया जो यह आरोप लगाते थे कि मुख्यमंत्री का पूरा ध्यान केवल महाकाल की पवित्र नगरी उज्जैन के विकास पर केंद्रित रहता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विंध्य, बुंदेलखंड और बघेलखंड का यह पूरा इलाका हमारी सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर शामिल है। यह विशाल टनल परियोजना दो बड़ी नदियों को आपस में जोड़ने के समान है, क्योंकि इसके माध्यम से नर्मदा नदी का पवित्र जल आकर सीधे सोन नदी के कछार (बेसिन) में मिलेगा। इस दूरगामी और महत्वाकांक्षी योजना के पूरी तरह चालू हो जाने से क्षेत्र के करीब 1450 ग्रामीण गांवों की 2.45 लाख हेक्टेयर से भी अधिक सूखी कृषि भूमि को शत-प्रतिशत सिंचाई की सुविधा मिलेगी, जिससे किसानों की फसल पैदावार दोगुनी होगी और यह पूरा क्षेत्र देश के औद्योगिक और कृषि मानचित्र पर एक नई चमक के साथ उभरेगा।
केन-बेतवा और चंबल नदी जोड़ो परियोजनाओं से दूर होगा पानी का संकट
सिंचाई तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार के सामूहिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि स्लीमनाबाद टनल परियोजना के लिए सरकार ने त्वरित रूप से लगभग 1,400 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की है, ताकि किसानों और स्थानीय नागरिकों को पीने के साफ पानी और खेतों के लिए सिंचाई की कोई कमी न रहे। इसके साथ ही उन्होंने देश की सबसे बड़ी ‘केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना’ और ‘पार्वती-कालीसिंध-चंबल’ (पीकेसी) परियोजना का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि इन दूरगामी जल संवर्धन योजनाओं के धरातल पर उतरने से मध्य प्रदेश के दर्जनों सूखाग्रस्त जिलों में हमेशा के लिए पेयजल का संकट समाप्त हो जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि स्लीमनाबाद जल सुरंग का औपचारिक और भव्य लोकार्पण बहुत जल्द देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक विशाल राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित करके किया जाएगा।
गरिमामयी समारोह में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा सहित कई दिग्गज रहे मौजूद
कटनी जिले में आयोजित इस ऐतिहासिक और बहुआयामी विकास कार्यक्रम के दौरान मंच पर प्रदेश की राजनीति के कई शीर्ष चेहरे और जनप्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित रहे। समारोह में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और स्थानीय लोकप्रिय सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने मुख्यमंत्री के इन बड़े कदमों की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के विकास का स्वर्ण युग बताया। उनके साथ ही कार्यक्रम में राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी, क्षेत्रीय सांसद गणेश सिंह, क्षेत्र के कद्दावर विधायक संजय पाठक, विधायक वीरेंद्र सिंह समेत कई अन्य वरिष्ठ नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। इस ऐतिहासिक घोषणा और लोकार्पण के साक्षी बनने के लिए कटनी और आस-पास के जिलों से भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण नागरिक, विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राएं, प्रबुद्ध शिक्षक और महिला संगठन पंडाल में मौजूद रहे, जिन्होंने करतल ध्वनि से मुख्यमंत्री के इन फैसलों का स्वागत किया।
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