Shaligram Garg Firing

बागेश्वर धाम प्रमुख धीरेंद्र शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग पर पुलिस का बड़ा शिकंजा : खूनी जमीन विवाद और फायरिंग मामले में दो आरोपी गिरफ्तार

छतरपुर प्रादेशिक मध्‍य प्रदेश

एजेंसी, छतरपुर। Shaligram Garg Firing : मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से एक बहुत ही बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। यहां के बहुचर्चित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर और महंत पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के सगे भाई शालिग्राम गर्ग को पुलिस ने एक जानलेवा फायरिंग और हिंसक झड़प के मामले में कानून का शिकंजा कसते हुए गिरफ्तार कर लिया है। राजनगर थाना पुलिस द्वारा की गई इस त्वरित और बड़ी दंडात्मक कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र के कोड़ा गांव में हुए एक भयानक गोलीकांड की घटना के बाद दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर यह कड़ी कानूनी कार्रवाई की गई है, जिसमें शालिग्राम गर्ग के साथ एक अन्य मुख्य आरोपी को भी सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।

कोड़ा गांव में हुई हिंसक वारदात, शालिग्राम गर्ग सहित दो मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

छतरपुर पुलिस के आला अधिकारियों ने इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी की आधिकारिक रूप से पुष्टि करते हुए मामले की पूरी जानकारी मीडिया के साथ साझा की है। पुलिस विभाग के अनुसार, कोड़ा गांव में हुई इस जानलेवा वारदात के बाद पुलिस ने सघन तलाशी अभियान चलाया था। इस अभियान के तहत पुलिस ने नामजद मुख्य आरोपी शालिग्राम गर्ग और उसके एक अन्य सक्रिय सहयोगी अंकित मिश्रा को धर-दबोचा है। शालिग्राम गर्ग की पहचान देश-विदेश में विख्यात बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई के रूप में होने के कारण पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले को लेकर बेहद सतर्कता बरत रहा है और पकड़े गए दोनों आरोपियों से गुप्त स्थान पर बहुत ही गहनता से पूछताछ की जा रही है।

चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज, बाकी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए दी जा रही दबिश

इस खूनी संघर्ष और गोलीकांड के संबंध में जिले के एडिशनल एसपी आदित्य पटले ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कानून व्यवस्था की स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर इस पूरी हिंसक वारदात में कुल 4 आरोपी सीधे तौर पर शामिल थे। इन आरोपियों में से 3 अपराधी नामजद हैं, जबकि 1 अज्ञात हमलावर की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया कि 2 मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब फरार चल रहे अन्य सह-आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की कई विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी और दबिश दे रही हैं।

जमीन के पुराने विवाद ने लिया खूनी रूप, गोली लगने से युवक की हालत बेहद नाजुक

पुलिस की शुरुआती तफ्तीश और स्थानीय स्तर पर की गई पूछताछ में यह बात सामने आई है कि इस पूरे विवाद और खूनी संघर्ष की मुख्य वजह एक जमीन से जुड़ा हुआ पुराना पारिवारिक व व्यावसायिक विवाद है। इसी भू-खंड से जुड़े विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच अचानक कहासुनी शुरू हो गई, जिसने देखते ही देखते एक बेहद हिंसक मोड़ ले लिया। विवाद के दौरान आरोपियों की तरफ से सरेआम अंधाधुंध फायरिंग की गई, जिसमें गोली लगने के कारण एक स्थानीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को खून से लथपथ हालत में तुरंत नजदीकी जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी अत्यंत नाजुक और चिंताजनक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए तुरंत ग्वालियर के बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया है।

वारदात में इस्तेमाल किया गया अवैध हथियार पुलिस ने किया बरामद

राजनगर थाना पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना के दौरान गोली चलाने के लिए इस्तेमाल किए गए मुख्य हथियार को भी पूरी तरह से बरामद कर लिया है। पुलिस की फोरेंसिक टीम इस हथियार की जांच कर रही है ताकि कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश किए जा सकें। पुलिस प्रशासन का साफ कहना है कि मामले की वैज्ञानिक और कानूनी विवेचना बहुत ही तेजी से जारी है और इस जांच के दौरान जो भी नए तथ्य या सह-आरोपी सामने आएंगे, उनके आधार पर कानून के मुताबिक आगे की बेहद सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बड़ा बयान: शालिग्राम गर्ग के कुकृत्यों से मेरा कोई लेना-देना नहीं

अपने सगे भाई शालिग्राम गर्ग की इस शर्मनाक करतूत और पुलिस केस दर्ज होने के बाद बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने इस पूरे विवाद और फायरिंग की घटना पर अपनी गहरी नाराजगी और कड़ा रुख जाहिर करते हुए एक आधिकारिक बयान जारी किया है। धीरेंद्र शास्त्री ने बहुत ही स्पष्ट शब्दों में कहा कि शालिग्राम गर्ग द्वारा किए गए किसी भी गलत कार्य या विवाद से उनका दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि हमारा अपने इस पैतृक परिवार के सांसारिक मामलों से कोई जुड़ाव नहीं है, क्योंकि हमारे लिए तो यह पूरा विश्व ही हमारा एक साझा परिवार है।

देश का कानून भाई को दे कठोर से कठोर दंड, हर मामले में न घसीटा जाए मेरा नाम

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने देश की न्याय व्यवस्था पर अपना पूर्ण विश्वास जताते हुए कहा कि भारत का कानून पूरी तरह से स्वतंत्र है और शालिग्राम गर्ग ने यदि कोई अपराध किया है, तो देश का कानून और पुलिस उन्हें जो भी कठोर से कठोर दंड देना चाहे, वह सहर्ष दे। उन्होंने मीडिया और आम जनता से हाथ जोड़कर यह विशेष अपील भी की है कि परिवार के किसी भी अन्य सदस्य के निजी कृत्यों या आपराधिक मामलों में उनके नाम को न घसीटा जाए और न ही हर बात में जबरन उनके साथ कोई संबंध जोड़ा जाए। अध्यात्म के मार्ग पर चलने के कारण उनका ध्यान केवल लोक कल्याण और सनातन धर्म की सेवा पर केंद्रित है।

कानून व्यवस्था को लेकर क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात, विधायी प्रक्रिया जारी

इस बेहद संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद छतरपुर जिले के राजनगर थाना क्षेत्र और कोड़ा गांव में किसी भी प्रकार के तनाव या कानून व्यवस्था की स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन ने भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात कर दिया है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी खुद इलाके में गश्त कर रहे हैं और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को बहुत जल्द स्थानीय कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा, जहां पुलिस मामले की आगे की कड़ियों को जोड़ने और फरार आरोपियों का पता लगाने के लिए उनकी रिमांड की मांग कर सकती है।

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