Rahul Gandhi

मानहानि मामले में राहुल गांधी को बड़ी राहत : कोर्ट ने खारिज की आवाज का नमूना लेने की याचिका, 18 जुलाई को होगी अंतिम बहस

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय

एजेंसी, सुल्तानपुर। Rahul Gandhi Defamation Case : भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद राहुल गांधी को देश के केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई एक कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि के मुकदमे में उत्तर प्रदेश की एक विशेष अदालत से बहुत बड़ी राहत मिली है। सुल्तानपुर की प्रतिष्ठित एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट के जज राकेश यादव ने मामले की सुनवाई करते हुए भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय नेता विजय मिश्र द्वारा दायर की गई पुनरीक्षण (निगरानी) याचिका को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। अदालत के इस महत्वपूर्ण फैसले के बाद अब निचले मजिस्ट्रेट कोर्ट में लंबित चल रहे इस मानहानि के मुकदमे की अंतिम सुनवाई और बहस का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया है।

वर्ष 2018 का है यह पूरा विवाद, जब दर्ज कराया गया था मानहानि का मुकदमा

यह पूरा कानूनी विवाद लगभग 8 साल पुराना है। वर्ष 2018 में भाजपा के कद्दावर नेता विजय मिश्र ने राहुल गांधी पर एक राजनीतिक रैली के दौरान अमित शाह को लेकर अमर्यादित और मानहानिकारक टिप्पणी करने का गंभीर आरोप लगाया था। इसी बयान से आहत होकर उन्होंने सुल्तानपुर की कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। इस मामले की लंबी सुनवाई के बाद अब स्पेशल कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि मजिस्ट्रेट अदालत में चल रही अंतिम बहस की महत्वपूर्ण कार्यवाही को बीच में रोकना किसी भी दृष्टिकोण से न्यायसंगत नहीं है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब अगली सुनवाई के लिए 18 जुलाई की तारीख तय की गई है।

शिकायतकर्ता की वॉयस सैंपल टेस्ट कराने की मांग को कोर्ट ने किया अस्वीकार

मुकदमे की अदालती कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता विजय मिश्र ने एक विशेष अर्जी दाखिल कर यह मांग की थी कि कथित बयान वाले वीडियो क्लिप की सत्यता जांचने के लिए राहुल गांधी की आवाज का नमूना (वॉयस सैंपल) लिया जाना बेहद जरूरी है। हालांकि, इस मांग पर सुनवाई करते हुए पूर्व में 2 मई को स्पेशल मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत ने इस अर्जी को कानूनी आधार पर पूरी तरह खारिज कर दिया था। इस फैसले से असंतुष्ट होकर विजय मिश्र ने निचली अदालत के आदेश को एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन बुधवार को सेशन कोर्ट ने भी उनकी इस पुनरीक्षण याचिका को पूरी तरह से निरस्त कर दिया।

दो अलग-अलग अदालतों से शिकायतकर्ता भाजपा नेता को लगा बड़ा कानूनी झटका

इस पूरे मामले में राहुल गांधी का पक्ष कानूनी रूप से बेहद मजबूत साबित हुआ है क्योंकि उन्हें लगातार दो अलग-अलग अदालतों से बड़ी राहत मिल चुकी है। पहले स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट और अब जिला सत्र न्यायालय (सेशन कोर्ट) द्वारा वॉयस सैंपल की याचिका को खारिज किए जाने को शिकायतकर्ता विजय मिश्र और भाजपा के लिए एक बहुत बड़ा कानूनी झटका माना जा रहा है। कोर्ट के इस अंतिम निर्णय के बाद अब राहुल गांधी को बार-बार कोर्ट के चक्कर काटने और जांच प्रक्रियाओं से बड़ी राहत मिल गई है और इस मामले की अंतिम चरण की न्यायिक कार्यवाही अब बिना किसी रुकावट के अपने तय समय पर आगे बढ़ सकेगी।

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