एजेंसी, दुबई। US Airstrike on Iran : खाड़ी देशों में सैन्य टकराव और तनाव के चरम पर पहुंचने के बीच ईरान ने अमेरिका पर बेहद गंभीर और सनसनखेज आरोप लगाए हैं। ईरानी सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर यह दावा किया गया है कि हाल ही में ईरान को निशाना बनाकर की गई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और भीषण एयर स्ट्राइक के कारण ईरान की सीमाओं के भीतर भारी तबाही मची है। ईरान की आधिकारिक प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि इन घातक हवाई हमलों के परिणामस्वरूप देश के भीतर कम से कम 30 नागरिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इस सैन्य कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच जारी पुराना तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध की स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है।
DUBAI, United Arab Emirates (AP) — U.S. airstrikes targeting Iran have killed more than 30 people in “recent days,” an Iranian government spokesperson said Wednesday.
The comment from Fatemeh Mohajerani came as a Health Ministry spokesperson said more than 260 people had been…
— Alec Nolan (@AlecOnFOX7) July 15, 2026
अमेरिकी हवाई हमलों की समय-सीमा पर बना हुआ है रहस्य
ईरानी प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के बाद अंतरराष्ट्रीय विश्लेषक इस बात को लेकर उलझन में हैं कि ये मौतें किस विशिष्ट समयावधि के दौरान हुई हैं। प्रवक्ता ने अपने आधिकारिक वक्तव्य में यह पूरी तरह से साफ नहीं किया है कि यह जानलेवा आंकड़ा हाल ही में हुए किस खास हमले का है या फिर यह पिछले कुछ दिनों के दौरान हुए अलग-अलग हमलों का संचयी योग है। आमतौर पर देखा गया है कि अमेरिका और इजराइल के साथ चल रहे इस भीषण सैन्य गतिरोध के दौरान ईरान अपने नुकसान और हताहतों की वास्तविक संख्या को सार्वजनिक करने से बचता रहा है। ऐसे में अचानक इतनी बड़ी संख्या में मौतों के आंकड़ों को दुनिया के सामने लाना ईरान की बदलती रणनीति की ओर संकेत करता है।
रातभर हुई बमबारी से दहल उठा ईरान, घायलों की संख्या 260 के पार
इसी बीच ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अन्य उच्च अधिकारी ने स्थिति की गंभीरता को और स्पष्ट करते हुए बेहद डरावने आंकड़े पेश किए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केरमैनपोर ने मीडिया को जानकारी दी कि रातभर हुए भीषण हमलों के बाद पूरे देश के अस्पतालों में आपातकालीन स्थिति घोषित कर दी गई है। उन्होंने बताया कि केवल एक रात के भीतर ही अमेरिकी एयर स्ट्राइक के कारण 260 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका विभिन्न सैन्य और नागरिक अस्पतालों में इलाज चल रहा है। हालांकि, स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस हमले में मरने वालों की संख्या की पुष्टि करने से इनकार कर दिया, जिससे कुल मौतों का वास्तविक आंकड़ा और अधिक होने की आशंका जताई जा रही है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर वर्चस्व की जंग बनी तबाही की मुख्य वजह
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे इस खूनी संघर्ष की असली जड़ होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण स्थापित करने की रणनीतिक होड़ है। फारस की खाड़ी का यह बेहद संकरा समुद्री मुहाना वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरी दुनिया के लिए सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग माना जाता है। पूरी दुनिया में होने वाले कुल कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। इस अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर अपने वर्चस्व को बनाए रखने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच लगातार सैन्य झड़पें होती रही हैं, जिसने अब एक बड़े हवाई युद्ध का रूप ले लिया है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय में बढ़ी चिंता, शांति बहाली की कोशिशें तेज
ईरान के खिलाफ अमेरिकी सेना की इस बड़ी सैन्य कार्रवाई के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में अस्थिरता का माहौल पैदा हो गया है। संयुक्त राष्ट्र सहित दुनिया के कई बड़े देशों ने इस सैन्य टकराव पर गहरी चिंता व्यक्त की है और दोनों पक्षों से तुरंत संयम बरतने की अपील की है। हालांकि, अमेरिकी रक्षा विभाग की ओर से इस मामले में अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय मीडिया इस हमले की स्वतंत्र पुष्टि करने में असमर्थ है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ईरान इस बड़े नुकसान का बदला लेने के लिए अमेरिका के खिलाफ क्या जवाबी कदम उठाता है।
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