एजेंसी, नई दिल्ली/तेहरान। Hormuz Indian sailor death : ओमान के समुद्र तटीय क्षेत्र के निकट भू-राजनीतिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील माने जाने वाले हॉर्मूज जलडमरूमध्य में संयुक्त अरब अमीरात के 2 वाणिज्यिक तेल टैंकरों पर ईरान की सेना द्वारा किए गए भीषण मिसाइल हमले के बाद वैश्विक स्तर पर तनाव बहुत अधिक बढ़ गया है। इस खतरनाक हमले की चपेट में आने से जहाज के चालक दल में शामिल 1 निर्दोष भारतीय नागरिक की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि जहाजों पर तैनात 10 अन्य भारतीय नाविक गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं। इस हिंसक सैन्य कार्रवाई के बाद पश्चिम एशिया के पूरे इलाके में चल रहा संघर्ष अब एक और विनाशकारी मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। भारत सरकार ने अपने नागरिक के हताहत होने की इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है और त्वरित कार्रवाई करते हुए मंगलवार की सुबह देश की राजधानी नई दिल्ली में ईरानी दूतावास के सर्वोच्च राजनयिक को विदेश मंत्रालय में तलब कर अपना बहुत ही कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
Our statement on attacks on commercial vessels
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— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) July 14, 2026
ओमान के समुद्री मार्ग में ईरान ने दागीं क्रूज मिसाइलें, दोनों टैंकरों में भड़की भीषण आग
संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार यूएई के 2 बड़े राष्ट्रीय तेल टैंकर ‘एमटी अल बहियाह’ और ‘एमटी मोम्बासा’ ओमान के क्षेत्रीय समुद्री जलक्षेत्र के अंतर्गत हॉर्मूज जलडमरूमध्य के दक्षिणी नौवहन रास्ते से अपनी नियमित यात्रा पर आगे बढ़ रहे थे। इसी दौरान ईरानी सीमा की तरफ से इन दोनों जहाजों को निशाना बनाते हुए अचानक 2 विनाशकारी क्रूज मिसाइलें दाग दी गईं। मिसाइलों के सीधे टकराने के बाद इन दोनों विशालकाय तेल टैंकरों में देखते ही देखते भीषण आग लग गई और वे काफी हद तक क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि जहाजों पर मौजूद आपातकालीन सुरक्षा दल ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया। संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान की इस हिंसक सैन्य कार्रवाई को एक “खुला और अकारण हमला” करार देते हुए इसकी तीखी आलोचना की है और इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन बताया है। यूएई प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा को बनाए रखने के लिए हर संभव जवाबी कदम उठाने का पूर्ण अधिकार रखते हैं।
दोनों व्यापारिक जहाजों पर सवार कुल 30 भारतीय नाविकों में से 11 हुए हताहत
इस दुखद समुद्री घटना का शिकार हुए दोनों विशालकाय व्यापारिक जहाजों पर कुल 46 चालक दल के सदस्य अपनी सेवाएं दे रहे थे, जिनमें से सबसे बड़ी संख्या यानी कुल 30 नाविक भारतीय नागरिक थे। भारत के विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी आधिकारिक विवरण के मुताबिक, ‘एमटी अल बहियाह’ नामक जहाज पर कुल 12 भारतीय कर्मी तैनात थे, जिनमें से 1 भारतीय नागरिक की मिसाइल विस्फोट के कारण मौके पर ही दुखद मृत्यु हो गई, जबकि 1 अन्य नाविक बुरी तरह घायल हुआ है। इसके अतिरिक्त दूसरे पोत ‘एमटी मोम्बासा’ पर कुल 18 भारतीय नागरिक सवार थे, जिनमें से 9 नाविक गंभीर रूप से घायल हुए हैं और डॉक्टरों के अनुसार इनमें से 2 नाविकों की शारीरिक स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है। पश्चिम एशिया के इस अशांत क्षेत्र में जारी हिंसक संघर्षों के कारण अब तक कुल 11 भारतीय नागरिकों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है। विदित हो कि पिछले महीने भी पलाऊ देश के ध्वज के साथ चल रहे एक अन्य टैंकर ‘एमटी सेट्टेबेलो’ पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान 3 निर्दोष भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी।
नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने ईरानी मिशन के उप प्रमुख को तलब कर जताई गहरी नाराजगी
भारतीय नागरिकों को निशाना बनाकर किए गए इस जानलेवा हमले पर भारत सरकार का रुख बेहद आक्रामक और सख्त हो गया है। नई दिल्ली में स्थित विदेश मंत्रालय के मुख्यालय में मंगलवार की सुबह ईरानी दूतावास के मिशन उप प्रमुख को तत्काल प्रभाव से बुलाया गया और भारत की संप्रभुता तथा नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े इस विषय पर बेहद कड़ा विरोध पत्र सौंपते हुए हमले की तीखी भर्त्सना की गई। विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक प्रेस वक्तव्य में साफ तौर पर कहा कि भारत हॉर्मूज जलडमरूमध्य जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण और व्यस्त अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में स्वतंत्र व्यापार तथा सुरक्षित नौवहन को बाधित करने वाले इन कायराना हमलों और निर्दोष नाविकों को जानबूझकर निशाना बनाने वाली हिंसक वारदातों की कड़ी निंदा करता है। भारत सरकार ने पश्चिम एशियाई महाद्वीप में अचानक से दोबारा शुरू हुई इस सैन्य शत्रुता और हिंसा के फैलाव पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है।
वैश्विक शांति के लिए कूटनीति के रास्ते पर लौटने और राहत कार्यों में तेजी लाने की अपील
भारत ने वैश्विक मंच पर इस बात पर जोर दिया है कि पूरे क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के व्यापक हित में सभी पक्षों को तुरंत इस हिंसक दौर को रोकना होगा और बातचीत तथा कूटनीति के शांतिपूर्ण रास्ते पर वापस लौटना होगा। भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वैश्विक वाणिज्यिक नौवहन और निर्दोष नागरिकों से जुड़े बुनियादी ढांचों को निशाना बनाने की यह खतरनाक प्रवृत्ति तुरंत बंद होनी चाहिए। इस बीच संयुक्त अरब अमीरात में कार्यरत भारतीय दूतावास और वहां के स्थानीय राजनयिक मिशन पूरी तत्परता के साथ स्थानीय प्रशासन और अस्पतालों से निरंतर संपर्क बनाए हुए हैं ताकि घायल भारतीय नागरिकों को सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके और मृत नाविक के शव को सम्मानपूर्वक भारत वापस लाने के लिए प्रभावित परिवारों को हर संभव सहयोग दिया जा सके।
अमेरिकी प्रतिबंधों और रणनीतिक खींचतान के कारण भड़का है यह नया विवाद
अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञों के अनुसार यह भीषण मिसाइल हमला एक ऐसे बेहद नाजुक समय पर हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हॉर्मूज जलडमरूमध्य में ईरान की आर्थिक नाकेबंदी को एक बार फिर से बेहद कड़ाई के साथ लागू करने की बात कही थी। इसके साथ ही अमेरिकी प्रशासन ने इस अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग से सुरक्षित गुजरने के बदले अन्य देशों के जहाजों से एक विशेष सुरक्षा शुल्क वसूलने का भी स्पष्ट संकेत दिया था, जिसके तुरंत बाद अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के कुछ ठिकानों पर बमबारी की थी। अमेरिका की इसी आक्रामक कार्रवाई के जवाब में ईरान ने बहरीन, जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात जैसी मित्र शक्तियों से जुड़े इन दोनों तेल टैंकरों को निशाना बनाकर यह जवाबी सैन्य कार्रवाई की है, जिसने पूरे खाड़ी क्षेत्र को युद्ध के मुहाने पर खड़ा कर दिया है।
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