Pithampur Liugong plant

औद्योगिक क्रांति की ओर बढ़े मध्य प्रदेश के कदम : पीथमपुर में 272 करोड़ के नए प्लांट का भूमि-पूजन, सीएम बोले- 10 लाख करोड़ का निवेश धरातल पर उतरा

धार प्रादेशिक मध्‍य प्रदेश

एजेंसी, धार। Pithampur Liugong plant : मध्य प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य और आर्थिक विकास के इतिहास में 8 जुलाई का दिन बेहद खास और ऐतिहासिक साबित हुआ है। राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार जिले के प्रसिद्ध पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में लियुगोंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की 272 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली अत्याधुनिक नई विनिर्माण इकाई (यूनिट) का भव्य भूमि-पूजन और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर इस बड़े औद्योगिक कार्यक्रम का विधि-विधान से शुभारंभ किया। इस गौरवशाली अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महान राजा भोज की इस ऐतिहासिक और पवित्र धरती पर एक बहुत बड़ा उद्योग स्थापित होने जा रहा है। उन्होंने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यह राज्य के लिए सौभाग्य की बात है कि हमारा यह पूरा इंडस्ट्रियल बेल्ट और धार जिला मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास का मुख्य ग्रोथ इंजन बनकर उभर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में धार जिले की औद्योगिक भुजाएं लगातार मजबूत हुई हैं, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण यह है कि बीते 17 सितंबर को प्रधानमंत्री ने स्वयं यहाँ 6 लाख से अधिक किसानों और युवाओं के हित में वस्त्र उद्योग (टेक्सटाइल) का एक बहुत बड़ा मेगा पार्क राष्ट्र को समर्पित किया था।

राजा भोज की ऐतिहासिक विरासत और ‘मेक इन इंडिया’ का संकल्प

अपने विस्तृत संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मालवा के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कहा कि राजा भोज पर जितनी असीम कृपा विद्या की देवी मां सरस्वती की थी, उतना ही बड़ा आशीर्वाद धन की देवी मां लक्ष्मी का भी उन्हें प्राप्त था। राजा भोज द्वारा किए गए जनकल्याणकारी और ऐतिहासिक कार्यों से आज न केवल पूरा मालवा बल्कि पूरा हिंदुस्तान गौरवांवित महसूस करता है। उन्होंने बताया कि आज जिस 272 करोड़ रुपए की नई औद्योगिक यूनिट का शिलान्यास हुआ है, वह इकाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया-मेक फॉर द वर्ल्ड’ के महान वैश्विक संकल्प को पूरा करने के लिए तीव्र गति से काम करेगी। मुख्यमंत्री ने लियुगोंग ग्रुप के प्रबंधन को इस निवेश के लिए विशेष बधाई और शुभकामनाएं दीं, जिनकी वजह से राज्य में विकास और रोजगार का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। विरोधियों पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने बीते वर्ष को ‘उद्योग वर्ष’ के रूप में मनाया था और पहली बार राज्य की राजधानी में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट (जीआईएस) का सफल आयोजन किया गया था, जिसका उद्घाटन खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। उस समय विरोधी दलों ने विकास की इस पहल का मजाक उड़ाया था और सवाल दागे थे कि इस समिट से राज्य को क्या हासिल होगा, लेकिन वे भूल गए कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अब पूरा भारत बदल चुका है।

30 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव और विरोधियों को करारा जवाब

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरकार की आर्थिक उपलब्धियों का ब्योरा देते हुए स्पष्ट किया कि उनकी सरकार बनने के बाद मध्य प्रदेश विकास के एक बिल्कुल नए और स्वर्णिम दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने डेटा साझा करते हुए बताया कि जब हमारी टीम ने ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का पूरा हिसाब-किताब लगाया, तो हमारे पास कुल 30 लाख करोड़ रुपए के विशाल निवेश प्रस्ताव मौजूद थे, जो कि सवाल उठाने वाले विरोधी दलों के मुंह पर एक करारा जवाब था। इन प्रस्तावों में से 10 लाख करोड़ रुपए से अधिक के औद्योगिक कार्य आज पूरी तरह धरातल पर उतर चुके हैं और उन पर काम शुरू हो गया है। यह हमारी सरकार के काम करने के स्पष्ट विजन, दृढ़ इच्छाशक्ति और पारदर्शी तरीके को दर्शाता है।

पिछले 6 महीनों में रिकॉर्डतोड़ विदेशी निवेश और युवाओं के लिए बंपर रोजगार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बेहद प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश इस समय अपनी पूरी क्षमता और ताकत के साथ देश में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाला राज्य बन गया है। यही कारण है कि पिछले केवल 6 महीनों के भीतर, यानी 1 जनवरी से लेकर 30 जून तक राज्य सरकार को 76 हजार 862 करोड़ रुपए से अधिक के बिल्कुल नए निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस भारी-भरकम निवेश के माध्यम से आने वाले समय में राज्य के लगभग 82 हजार युवाओं को सीधे तौर पर सम्मानजनक रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने बताया कि अकेले नर्मदापुरम क्षेत्र को 11 हजार 500 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं और पूरे राज्य में 10 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आया है। यह आंकड़े उन लोगों के लिए एक सीधा जवाब हैं जो मुख्यमंत्री के अलग-अलग दौरों और औद्योगिक बैठकों पर सवाल उठा रहे थे। आज दुनिया का ऐसा कोई भी विकसित देश नहीं है, जो भारत और विशेषकर मध्य प्रदेश की धरती पर निवेश करने का इच्छुक न हो।

कांग्रेस के कई दशकों के शासन पर भारी पड़े भाजपा सरकार के 6 महीने

पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्ष 1956 से लेकर कई दशकों तक मध्य प्रदेश और देश में कांग्रेस की सरकारें रहीं, लेकिन उन्होंने इतने लंबे सालों के शासनकाल में भी वो विकास कार्य करके नहीं दिखाए, जो हमारी सरकार ने पिछले मात्र 6 महीनों के छोटे से कार्यकाल में धरातल पर करके दिखा दिए हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि पिछले 10 दिनों के भीतर तो ऐसा महसूस हुआ जैसे मध्य प्रदेश में औद्योगिक निवेश की मूसलाधार बारिश और झड़ी लग गई हो। हमारे ऊपर साक्षात बाबा महाकाल का विशेष आशीर्वाद है और जब परमात्मा प्रसन्न होता है, तो प्रकृति और जनता भी अपना भरपूर आशीर्वाद बरसाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश एक अद्भुत और स्वर्णिम कालखंड से गुजर रहा है। आज भारत दुनिया का सबसे युवा आबादी वाला देश है, जहाँ हर क्षेत्र में असीम संभावनाएं मौजूद हैं और मध्य प्रदेश देश की प्रगति के साथ कदम से कदम मिलाकर उन सभी संभावनाओं को हकीकत में बदल रहा है।

केवल खोखली घोषणाएं नहीं, पिछले 10 दिनों में धरातल पर उतरे ये बड़े प्रोजेक्ट्स

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आंकड़ों और तारीखों के साथ अपनी सरकार की कार्यकुशलता को साबित करते हुए कहा कि उनकी सरकार केवल कागजी घोषणाएं करने वाली सरकार नहीं है, बल्कि काम को समय पर धरातल पर उतारने वाली सरकार है। पिछले 10 दिनों के बड़े औद्योगिक कार्यों का ब्योरा देते हुए उन्होंने बताया कि:

  • 8 जुलाई को पीथमपुर में 272 करोड़ रुपए के भव्य विनिर्माण प्लांट का ऐतिहासिक भूमि-पूजन संपन्न हुआ।

  • 6 जुलाई को सतगढ़ी इलाके में 150 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से बनने वाले ‘डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क’ की आधारशिला रखी गई।

  • 5 जुलाई को शिवपुरी जिले में 2500 करोड़ रुपए के भारी-भरकम निवेश से बनने वाली ‘अडाणी डिफेंस यूनिट’ का भूमि-पूजन किया गया।

  • 30 जून को भगवान बाबा महाकाल की पवित्र नगरी उज्जैन में विश्व प्रसिद्ध कंपनी पेप्सिको की अत्याधुनिक 1250 करोड़ रुपए की विनिर्माण इकाई का भव्य शुभारंभ हुआ, जो क्षेत्र के किसानों की आय को दोगुनी करने में एक मील का पत्थर साबित होगी।

  • 29 जून को नीमच जिले में 1 हजार 554 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली 38 नई औद्योगिक इकाइयों की सौगात देकर सरकार ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। इसके साथ ही एमएसएमई सेक्टर को 585 करोड़ रुपए से अधिक तथा स्टार्टअप्स और बड़े उद्योगों को 1 हजार 274 करोड़ रुपए की भारी प्रोत्साहन राशि सीधे बैंक खातों में अंतरित की गई।

लियुगोंग कंपनी की उत्पादन क्षमता होगी दोगुनी, आत्मनिर्भर भारत को मिलेगी रफ्तार

इस नए प्लांट के शुरू होने से होने वाले फायदों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पीथमपुर में स्थापित हो रही लियुगोंग कंपनी भी विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करेगी। अभी तक इस विनिर्माण संयंत्र की क्षमता सालाना 3250 भारी मशीनें बनाने की थी, लेकिन इस नई यूनिट के पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़कर सीधे 7 हजार 500 मशीनें प्रति वर्ष हो जाएगी। कार्यक्रम में मौजूद लियूगोंग इंडिया के ग्लोबल वाइस चेयरमैन ल्यू गोवेन ने मध्य प्रदेश सरकार का आभार जताते हुए कहा कि यह कंपनी के लिए एक बेहद सौभाग्यशाली और ऐतिहासिक दिन है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वयं इस नए विनिर्माण संयंत्र की नींव रखी है। यह नया प्लांट स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओं को रोजगार प्रदान करने के साथ-साथ राज्य और देश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा और आने वाले समय में यह रिसर्च, अनुसंधान और भारी मशीनरी निर्माण का एक प्रमुख वैश्विक केंद्र बनकर उभरेगा। कंपनी के प्रतिनिधि वरुण विजयवर्गीय ने भी मुख्यमंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2009 में पहला प्रोडक्शन शुरू करने वाली लियुगोंग इंडिया कंपनी आज मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग दे रही है।

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