Amarnath Yatra 2026

कड़ी सुरक्षा के बीच अमरनाथ गुफा के लिए रवाना हुआ 6,700 श्रद्धालुओं का चौथा जत्था, भक्तों में भारी उत्साह

जम्मू-कश्मीर धर्म-आस्था राष्ट्रीय

एजेंसी, जम्मू। Amarnath Yatra 2026 : दक्षिण कश्मीर के हिमालयी क्षेत्र में स्थित बाबा बर्फानी की पवित्र अमरनाथ गुफा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। जम्मू के भगवती नगर मुख्य आधार शिविर से रविवार को तड़के सुबह 6,700 से अधिक तीर्थयात्रियों का एक नया और बड़ा जत्था बेहद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पवित्र अमरनाथ गुफा मंदिर की ओर अपनी आगे की यात्रा के लिए रवाना हो गया है। इस वर्ष की यात्रा को लेकर भक्तों में अभूतपूर्व उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखा जा रहा है। चारों तरफ बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही है। सुरक्षा तंत्र पूरी तरह से अलर्ट पर है ताकि यात्रा शांतिपूर्वक और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराई जा सके।

दो अलग-अलग काफिलों में रवाना हुए भोले के भक्त

प्रशासनिक अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार की सुबह पवित्र गुफा की ओर प्रस्थान करने वाले श्रद्धालुओं के इस बड़े जत्थे को सुरक्षा कारणों से दो अलग-अलग विशेष काफिलों में विभाजित करके रवाना किया गया। इस जत्थे में कुल तीर्थयात्रियों के साथ-साथ 1,310 महिला श्रद्धालु और 22 बच्चे भी शामिल हैं, जो पूरे जोश के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आगे बढ़ रहे हैं। पहला काफिला तड़के सुबह 3 बजे और उसके ठीक बाद दूसरा काफिला सुबह 3 बजकर 40 मिनट पर जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से कश्मीर घाटी की तरफ निकला। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बीते 2 जुलाई को जम्मू से इस पवित्र यात्रा को आधिकारिक रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था, जिसके बाद जम्मू से कश्मीर की ओर बढ़ने वाला यह श्रद्धालुओं का चौथा आधिकारिक जत्था है।

शुरुआती दो दिनों में 26 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

अमरनाथ यात्रा के सुचारू संचालन को लेकर जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, अब तक केवल जम्मू के मुख्य आधार शिविर से ही कुल 20,220 श्रद्धालु कश्मीर घाटी के विभिन्न बेस कैंपों के लिए प्रस्थान कर चुके हैं। बीते 3 जुलाई से शुरू हुई इस 57 दिवसीय वार्षिक अमरनाथ यात्रा के शुरुआती दो दिनों के भीतर ही देश-विदेश से आए 26,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने समुद्र तल से लगभग 3,880 मीटर की अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित इस पावन और प्राकृतिक गुफा मंदिर में पहुंचकर बाबा बर्फानी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त कर लिया है। भारी भीड़ को देखते हुए दर्शन की व्यवस्था को बेहद सुगम बनाया गया है ताकि बुजुर्गों और बच्चों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों से बढ़ रहे कदम

यह विश्व प्रसिद्ध धार्मिक यात्रा हर साल की तरह इस बार भी दो पारंपरिक और मुख्य रास्तों से एक साथ संचालित की जा रही है। इसमें पहला रास्ता दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थित पारंपरिक और बेहद खूबसूरत 48 किलोमीटर लंबा पहलगाम मार्ग है, जबकि दूसरा रास्ता मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में स्थित बेहद खड़ी चढ़ाई वाला लेकिन 14 किलोमीटर का छोटा बालटाल मार्ग है। अधिकारियों ने बताया कि रविवार को कुल 152 छोटे-बड़े वाहनों में सवार होकर 2,590 श्रद्धालुओं का पहला काफिला बालटाल आधार शिविर के लिए रवाना हुआ है। वहीं दूसरी तरफ, 139 वाहनों के सुरक्षा घेरे में सवार होकर 4,131 श्रद्धालुओं का दूसरा बड़ा काफिला पहलगाम आधार शिविर की ओर अपनी मंजिल तय करने के लिए आगे बढ़ा है।

गैर-पंजीकृत तीर्थयात्रियों के लिए प्रशासन की नई गाइडलाइन

अमरनाथ यात्रा में उमड़ रही श्रद्धालुओं की इस अप्रत्याशित और रिकॉर्ड तोड़ भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने शनिवार को एक विशेष परामर्श जारी किया है। प्रशासन ने ऐसे सभी गैर-पंजीकृत श्रद्धालुओं से, जो बिना किसी पूर्व पंजीकरण के यात्रा पर आने की योजना बना रहे हैं, विनम्र अपील की है कि वे अपनी यात्रा को कुछ दिनों के लिए आगे बढ़ा दें या स्थगित कर दें। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि तीर्थयात्रियों की अत्यधिक संख्या के चलते आगामी 9 जुलाई तक के सभी ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीकरण के ‘स्लॉट’ पूरी तरह से फुल हो चुके हैं। इसके साथ ही अधिकारियों ने यह भी साफ कर दिया है कि रविवार से केवल उन्हीं श्रद्धालुओं को कश्मीर घाटी की ओर आगे जाने की इजाजत दी जाएगी जिनके पास वैध पंजीकरण पर्ची होगी, जबकि बिना पंजीकरण वाले यात्रियों को अगले आदेश तक निर्धारित सुरक्षा जांच चौकियों पर ही रोक दिया जाएगा।

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