एजेंसी, भोपाल। Rakesh Singh Yadav Congress Resignation : मध्य प्रदेश कांग्रेस को एक और बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के पूर्व प्रदेश महासचिव राकेश सिंह यादव ने करीब 30 वर्षों तक संगठन से जुड़े रहने के बाद कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को भेजते हुए प्रदेश नेतृत्व की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इस्तीफे के बाद मीडिया से बातचीत में राकेश सिंह यादव ने जीतू पटवारी पर कई आरोप लगाए और राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Congress leader Rakesh Singh Yadav has resigned from the party, levelling serious allegations against senior leaders, including Rahul Gandhi.
Rakesh Yadav accused the party leadership of ignoring grassroots workers and claimed internal functioning had become arbitrary and… pic.twitter.com/UvH1px8nIK
— News Algebra (@NewsAlgebraIND) July 3, 2026
30 साल पुराने राजनीतिक सफर का किया अंत
राकेश सिंह यादव लंबे समय से कांग्रेस संगठन में सक्रिय रहे हैं और विभिन्न जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। उन्होंने पार्टी से अलग होने की घोषणा करते हुए कहा कि लंबे समय तक संगठन के लिए काम करने के बावजूद अब ऐसी परिस्थितियां बन गई हैं, जिनमें उनके लिए कांग्रेस में बने रहना संभव नहीं रह गया। उन्होंने कहा कि पार्टी छोड़ने का फैसला आसान नहीं था, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों और संगठन की कार्यप्रणाली को देखते हुए उन्होंने यह कदम उठाने का निर्णय लिया।
प्रदेश नेतृत्व की कार्यशैली पर उठाए सवाल
इस्तीफे के बाद राकेश सिंह यादव ने आरोप लगाया कि प्रदेश स्तर पर संगठन की कार्यशैली लोकतांत्रिक नहीं रह गई है। उनके अनुसार समर्पित और पुराने कार्यकर्ताओं की लगातार उपेक्षा की जा रही है, जबकि महत्वपूर्ण फैसले सीमित स्तर पर लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर कार्यकर्ताओं की बात सुनने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। उनका दावा था कि कई निर्णय बिना व्यापक चर्चा के लिए जा रहे हैं, जिससे संगठन में असंतोष बढ़ रहा है।
जीतू पटवारी पर लगाए गंभीर आरोप
राकेश सिंह यादव ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर कई गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के खिलाफ लगाए गए आरोपों को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सार्वजनिक रूप से साबित नहीं कर सके। इसके साथ ही उन्होंने जीतू पटवारी पर जमीनों की दलाली करने का आरोप भी लगाया। हालांकि इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने सार्वजनिक रूप से कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। इन आरोपों पर जीतू पटवारी की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
राहुल गांधी के नेतृत्व पर भी की टिप्पणी
राकेश सिंह यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को प्रदेश संगठन की स्थिति पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने राहुल गांधी के लिए तीखी राजनीतिक टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें यह देखना चाहिए कि प्रदेश की जिम्मेदारी किन नेताओं को सौंपी गई है। उनका आरोप था कि वर्तमान नेतृत्व के कारण पार्टी लगातार कमजोर होती जा रही है और वरिष्ठ नेताओं का सम्मान भी प्रभावित हुआ है।
मीडिया डिबेट और संगठनात्मक फैसलों पर जताई नाराजगी
पूर्व प्रदेश महासचिव ने यह भी कहा कि पार्टी द्वारा कार्यकर्ताओं को मीडिया की बहसों से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे वे अपनी बात सार्वजनिक रूप से नहीं रख पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता या आर्थिक लाभ नहीं, बल्कि जनसेवा होना चाहिए। उनके अनुसार संगठन के भीतर संवाद और विचार-विमर्श की संस्कृति मजबूत होनी चाहिए, ताकि कार्यकर्ता खुलकर अपनी बात रख सकें।
कांग्रेस के सामने बढ़ीं नई राजनीतिक चुनौतियां
राकेश सिंह यादव के इस्तीफे को मध्य प्रदेश कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है। हाल के समय में पार्टी के भीतर नेतृत्व और संगठन को लेकर विभिन्न स्तरों पर मतभेदों की चर्चा होती रही है। ऐसे में एक वरिष्ठ नेता का इस्तीफा संगठन के लिए नई चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल कांग्रेस की ओर से राकेश सिंह यादव के इस्तीफे और उनके लगाए गए आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस घटनाक्रम पर पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
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