एजेंसी, रतलाम। Ratlam Tajya Hadsa : मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से मुहर्रम के अवसर पर एक बेहद दुखद और दिल को दहला देने वाली दुर्घटना की खबर सामने आई है। यहाँ के पिपलौदा पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हतनारा ग्राम में पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ मुहर्रम का जुलूस निकाला जा रहा था, जो अचानक एक बड़े हादसे में बदल गया। देर रात के समय अकीदतमंदों द्वारा निकाला जा रहा पवित्र ताजिया अचानक हवा में मौजूद बिजली की ऊंचे तनाव वाली मुख्य लाइन (हाईटेंशन तारों) के संपर्क में आ गया। तारों से टकराते ही पूरे ताजिए में बिजली का बेहद तेज और जानलेवा करंट दौड़ गया। इस भीषण दुर्घटना की वजह से करंट की चपेट में आने से तीन व्यक्तियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि लगभग दस अन्य लोग बिजली के झटके से बुरी तरह झुलसकर जख्मी हो गए हैं।
#WATCH | Madhya Pradesh: 3 people died, 13 injured after their Tazia came into contact with a high-tension wire during Muharram procession in Hatnara village of Ratlam district, last night. Medical treatment of the injured is still underway. pic.twitter.com/jHNxknvBUE
— ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) June 26, 2026
मध्यरात्रि के समय मेवाती मोहल्ले में अचानक पसरा मातम
स्थानीय लोगों और घटना को अपनी आंखों से देखने वाले चश्मदीदों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह दर्दनाक वाकया बृहस्पतिवार की रात को करीब सवा ग्यारह बजे के आसपास घटित हुआ। हतनारा ग्राम के मेवाती मोहल्ला इलाके से अजादारों और अकीदतमंदों द्वारा पूरी आस्था के साथ पारंपरिक रूप से ताजिए को उठाया गया था और उसे लेकर जुलूस मुख्य रास्तों से आगे की ओर बढ़ रहा था। इसी दौरान रास्ते में ऊंचाई से गुजर रही बिजली के ऊंचे तनाव वाली मुख्य लाइन के बेहद नजदीक ताजिया पहुंच गया और उससे टकरा गया। बिजली का प्रवाह इतना जोरदार और भयानक था कि जो लोग ताजिए को अपने हाथों से थामे हुए थे, वे करंट लगते ही बुरी तरह झुलसकर तुरंत जमीन पर गिर पड़े। पल भर में ही श्रद्धा का माहौल चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल गया।
पुलिस महकमे और प्रशासनिक अधिकारियों की त्वरित कार्रवाई
इस भयानक दुर्घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस बल और प्रशासन के आला अधिकारी बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत राहत कार्य के लिए घटनास्थल पर पहुंच गए। रतलाम जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमित कुमार ने इस बेहद दुखद घटना की आधिकारिक पुष्टि करते हुए मीडिया को बताया कि इस बेहद दर्दनाक हादसे में तीन नागरिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। उन्होंने आगे जानकारी दी कि घटना वाली जगह पर कानून व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में इस पूरी लापरवाही और हादसे के असली कारणों का पता लगाने के लिए मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी गई है।
शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में घायलों का इलाज और क्षेत्र में गहरा शोक
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी दस झुलसे हुए व्यक्तियों को आनन-फानन में बिना किसी देरी के पास के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और रतलाम के मुख्य शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय (रतलाम मेडिकल कॉलेज) में इलाज के लिए ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों की टीम उनकी जान बचाने में जुटी हुई है। रतलाम चिकित्सा महाविद्यालय के वरिष्ठ डॉक्टर रवींद्र सोलंकी ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि जब अस्पताल में लोगों को लाया गया था, तब उनमें से तीन व्यक्ति पहले ही दम तोड़ चुके थे। वर्तमान समय में सभी घायल मरीजों को उच्च स्तरीय और बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की हर संभव कोशिश की जा रही है। इस दर्दनाक हादसे की खबर फैलते ही पूरे गांव सहित आसपास के इलाकों में गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है और हर कोई इस अनहोनी से बेहद दुखी है।
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