एजेंसी, नई दिल्ली। PM Modi Muharram Message : इस्लाम धर्म के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण और दिल को झकझोर देने वाले अवसरों में से एक मुहर्रम के पवित्र मौके पर देश के शीर्ष राजनेताओं ने कर्बला के शहीदों को याद किया है। इस विशेष दिन पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हजरत इमाम हुसैन के महान बलिदान को अत्यंत आदर और श्रद्धा के साथ याद करते हुए उन्हें नमन किया। इसके साथ ही बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के मुखिया लालू प्रसाद यादव समेत कई अन्य दिग्गज नेताओं ने भी इस दिन के महत्व को रेखांकित करते हुए समाज में शांति और भाईचारा बनाए रखने का संदेश दिया है।
The sacrifice of Hazrat Imam Hussain (AS) continues to inspire many people to remain steadfast in the pursuit of truth and justice. It is also a reminder of the enduring power of courage and conviction.
— Narendra Modi (@narendramodi) June 26, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हजरत इमाम हुसैन के सर्वोच्च बलिदान को दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से देश और दुनिया के नागरिकों के साथ अपना संदेश साझा किया। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि हजरत इमाम हुसैन द्वारा दिया गया सर्वोच्च बलिदान सदियों बाद भी आज के समय में करोड़ों इंसानों को सच्चाई, ईमानदारी और न्याय के रास्ते पर बिना डगमगाए चलने की सीख देता है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि कर्बला के मैदान में जो अद्वितीय साहस और अटूट संकल्प दिखाया गया था, वह हमें हर विपरीत परिस्थिति में बुराई के खिलाफ डटे रहने की ताकत प्रदान करता है। उनका जीवन और उनके सिद्धांत आज के युग में भी पूरी मानवता के लिए एक मार्गदर्शक की तरह काम करते हैं।
मुहर्रम का ऐतिहासिक महत्व और कर्बला का महान संग्राम
इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार मुहर्रम का महीना बेहद गमगीन और ऐतिहासिक महत्व रखने वाला माना जाता है। इस महीने के दौरान विशेष रूप से शिया मुस्लिम समुदाय के लोग बेहद भावुक होकर हजरत इमाम हुसैन और उनके परिवार के अन्य सदस्यों की शहादत को याद करते हैं। हजरत इमाम हुसैन इस्लाम धर्म के आखिरी पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के नवासे थे। उन्होंने उस समय के अत्याचारी शासक के सामने झुकने से साफ मना कर दिया था और हक की रक्षा के लिए कर्बला के तपते हुए रेगिस्तान में अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। यह लड़ाई केवल दो सेनाओं के बीच नहीं थी, बल्कि यह न्याय और अन्याय के बीच का एक ऐसा महासंग्राम था जिसने इतिहास को हमेशा के लिए बदल दिया।
लालू प्रसाद यादव और राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं ने दिया अमन का पैगाम
दूसरी तरफ बिहार की राजनीति के वरिष्ठ नेता लालू प्रसाद यादव ने भी मुहर्रम के इस गंभीर अवसर पर जनता के नाम अपना एक महत्वपूर्ण संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें केवल शोक मनाना नहीं सिखाता, बल्कि यह हमें आत्मत्याग, धैर्य, सहनशीलता और इंसानियत का सबसे बड़ा पाठ पढ़ाता है। लालू प्रसाद यादव के साथ ही बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, राज्य विधानसभा में विपक्ष के मुख्य नेता तेजस्वी प्रसाद यादव और सांसद मीसा भारती सहित राष्ट्रीय जनता दल के कई अन्य बड़े पदाधिकारियों ने एक साझा वक्तव्य जारी किया। इन सभी नेताओं ने हजरत इमाम हुसैन और उनके साथ शहीद हुए जांबाज साथियों की कुर्बानियों को बहुत ही सम्मान के साथ याद किया।
समाज में आपसी सौहार्द और भाईचारा बनाए रखने की पुरजोर अपील
राष्ट्रीय जनता दल के तमाम बड़े नेताओं ने अपने बयान में इस बात पर विशेष बल दिया कि कर्बला की ऐतिहासिक घटना हमें सिखाती है कि चाहे सामने कितनी भी बड़ी ताकत क्यों न हो, हमेशा सच और अधिकार के लिए जुल्म के खिलाफ सीना तानकर खड़ा होना चाहिए। नेताओं ने देश की जनता से यह भावुक अपील भी की कि मुहर्रम के इस मौके को सभी लोग आपस में मिलकर, पूरी शांति, सादगी और प्रेम के साथ मनाएं। उन्होंने कहा कि आज के समय में समाज को तोड़ने वाली ताकतों को हराने के लिए इंसानियत और आपसी भाईचारे के इस संदेश को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाना बेहद जरूरी है ताकि देश में अमन-चैन का माहौल हमेशा कायम रह सके।
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