एजेंसी, जबलपुर। CM Mohan Yadav : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जबलपुर के आधिकारिक दौरे के दौरान एक बेहद अप्रत्याशित और हैरान कर देने वाला घटनाक्रम सामने आया है। यहाँ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और वीआईपी प्रोटोकॉल के बीच एक पीड़ित महिला अचानक सुरक्षा घेरे को पूरी तरह से तोड़ते हुए सीधे मुख्यमंत्री के बिल्कुल नजदीक पहुँच गई। इस अचानक हुई घटना से वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अमले के बीच कुछ समय के लिए भारी अफरा-तफरी और हड़कंप मच गया। सुरक्षा में तैनात जवानों ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए उस महिला को बीच रास्ते में ही रोकने और पीछे हटाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन महिला अपनी जिद पर अड़ी रही और रोते हुए सीधे मुख्यमंत्री के सामने जा खड़ी हुई। इस संवेदनशील मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सुरक्षा प्रोटोकॉल को पूरी तरह दरकिनार कर दिया और सुरक्षाकर्मियों को पीछे हटने का इशारा करते हुए उस पीड़ित महिला की बात सुनने का फैसला किया।
स्थानीय दबंगों के अत्याचार और पुलिस की निष्क्रियता से परेशान थी पीड़िता
मुख्यमंत्री के सामने अपनी गुहार लगाने वाली इस पीड़ित महिला की पहचान स्थानीय निवासी पूजा दुबे के रूप में की गई है। मुख्यमंत्री के सामने पहुँचते ही महिला फूट-फूट कर रोने लगी और उसने अपनी व्यथा सुनाना शुरू किया। पीड़िता पूजा दुबे ने बेहद भावुक होते हुए मुख्यमंत्री को बताया कि वह और उसकी मासूम बेटी पिछले एक लंबे समय से इलाके के कुछ रसूखदार और कथित दबंग प्रवृत्तियों के लोगों के जुल्म और अत्याचार से बेहद परेशान हैं। महिला का आरोप है कि उन दबंगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर वह लंबे समय से स्थानीय पुलिस थानों और जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट-काट कर पूरी तरह से थक चुकी थी, लेकिन स्थानीय स्तर पर उसकी कोई भी सुनवाई नहीं हो रही थी। न्याय न मिलने और पुलिस की घोर निष्क्रियता से हताश होकर उसने सीधे सूबे के मुखिया के सामने अपनी बात रखने का यह बेहद साहसिक और खतरनाक कदम उठाया।
मुख्यमंत्री ने व्यस्त कार्यक्रम के बीच 10 मिनट तक सुनी शिकायत और दिए कड़े निर्देश
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का एक बेहद अलग, मानवीय और संवेदनशील अंदाज वहां मौजूद जनसमुदाय को देखने को मिला। उन्होंने अपने बेहद व्यस्त और पूर्व निर्धारित शासकीय कार्यक्रमों की परवाह न करते हुए उस पीड़ित महिला की पूरी बात को बहुत ही शांति और गहराई से सुना। मुख्यमंत्री लगभग 10 मिनट तक लगातार वहां खड़े रहे और उन्होंने पीड़िता पूजा दुबे की एक-एक शिकायत को ध्यान से सुना तथा पूरे मामले की वास्तविक वस्तुस्थिति की विस्तृत जानकारी ली। महिला की दर्दभरी दास्तां सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने मौके पर ही मौजूद जबलपुर के आला पुलिस अधिकारियों और कलेक्टर को कड़ी फटकार लगाई और पीड़ित महिला की समस्या का फौरन तथा न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित करने के सख्त लहजे में निर्देश जारी किए।
मुख्यमंत्री आवास पर बुलाया और तात्कालिक राहत के रूप में एक लाख रुपये देने की घोषणा
पीड़ित महिला की आर्थिक बदहाली और मानसिक परेशानी को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तत्काल संवेदनशीलता का परिचय दिया। उन्होंने पीड़ित परिवार को तात्कालिक राहत पहुँचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से एक लाख रुपये की नकद आर्थिक सहायता राशि देने की मंच से ही घोषणा कर दी। इसके साथ ही उन्होंने महिला को ढांढस बंधाते हुए और उसका हौसला बढ़ाते हुए पूरी सुरक्षा के साथ भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास पर आने का विशेष निमंत्रण भी दिया। मुख्यमंत्री ने महिला को आश्वस्त किया कि वे स्वयं भोपाल में बैठकर इस पूरे मामले की कानूनी प्रगति की निगरानी करेंगे और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस पूरे अभूतपूर्व और भावुक घटनाक्रम का एक लाइव वीडियो अब सोशल मीडिया के अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्मों पर बहुत ही तेजी के साथ वायरल हो रहा है, जहां देश और प्रदेश के आम लोग मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इस मानवीय, न्यायप्रिय और संवेदनशील पहलू की जमकर सराहना और चर्चा कर रहे हैं।
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