एजेंसी, श्योपुर। Kuno Cheetah Project : देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने अपने दो दिवसीय श्योपुर दौरे के दौरान रविवार को प्रसिद्ध कूनो नेशनल पार्क के भीतर स्थापित अत्याधुनिक ‘चीता कमांड एवं कंट्रोल सेंटर’ का विस्तृत अवलोकन किया। इस विशेष दौरे के दौरान वन विभाग के उच्च अधिकारियों ने राष्ट्रपति को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से चीतों की पल-पल की रियल-टाइम ट्रैकिंग और उनकी सुरक्षा से जुड़ी त्रिस्तरीय निगरानी प्रणाली के बारे में बेहद बारीकी से जानकारी दी। महामहिम राष्ट्रपति ने सेंटर परिसर में लगाई गई विशेष चीता प्रोजेक्ट प्रदर्शनी का भी काफी देर तक अवलोकन किया, जिसमें भारत में चीतों को दोबारा बसाने की इस ऐतिहासिक परियोजना की अब तक की सभी बड़ी उपलब्धियों और मील के पत्थरों को बहुत ही सुंदर तरीके से दर्शाया गया था।
#श्योपुर-/राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू अपने दो दिवसीय प्रवास पर आज इंडियन एयरफोर्स के एमआई-17 हेलीकॉप्टर से श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क पहुंचीं। राज्यपाल श्री मंगूभाई पटेल भी कूनो पहुंचे तथा राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू की अगवानी की।
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RM :- https://t.co/iWGRKWapxP pic.twitter.com/NspoZ8H5yn— Collector Sheopur (@Collectorsheop1) June 21, 2026
कूनो के जंगलों में बढ़ रहा चीतों का कुनबा, गांधी सागर में भी तीन चीते सक्रिय
इस विशेष वन्यजीव प्रदर्शनी के माध्यम से राष्ट्रपति को आधिकारिक तौर पर अवगत कराया गया कि वर्तमान समय में भारत की धरती पर चीतों की कुल संख्या बढ़कर 52 हो चुकी है। इन 52 चीतों में से 49 चीते अकेले कूनो नेशनल पार्क के घने जंगलों में पूरी तरह सक्रिय हैं और वहां के वातावरण में खुद को ढाल चुके हैं, जबकि तीन अन्य चीतों को मंदसौर जिले में स्थित गांधी सागर अभयारण्य में नए आशियाने के तौर पर भेजा गया है। वन्यजीव अधिकारियों ने राष्ट्रपति को जानकारी देते हुए बताया कि कूनो के जंगलों में चीतों की सहूलियत के लिए हर दो किलोमीटर के दायरे में विशेष ‘वाटर पिट’ यानी पानी के कृत्रिम गड्ढे तैयार किए गए हैं, ताकि भीषण गर्मी के मौसम में भी इन वन्यजीवों को पीने के पानी की तनिक भी किल्लत न हो।
बोत्सवाना से आए चीतों की प्रगति में राष्ट्रपति ने दिखाई विशेष रुचि
इस बेहद महत्वपूर्ण दौरे के दौरान राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने विशेष रूप से उन 8 चीतों के स्वास्थ्य, कूनो के माहौल में उनके अनुकूलन और उनकी प्रगति के बारे में वन विभाग के विशेषज्ञों से विस्तार से बातचीत की, जिन्हें उन्होंने अपनी बोत्सवाना यात्रा के दौरान खुद रिसीव किया था। उन चीतों से जुड़ी यादों को ताजा करते हुए राष्ट्रपति ने कूनो के खुले जंगलों में उनकी अठखेलियों और गतिविधियों को जानने में गहरी रुचि प्रदर्शित की। इस मौके पर मौजूद वन विभाग के सबसे वरिष्ठ अधिकारियों ने महामहिम को इस अति-महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के सामने आने वाली रोजमर्रा की चुनौतियों, उनके वैज्ञानिक समाधानों और परियोजना की शानदार वैश्विक सफलता के बारे में एक विस्तृत प्रस्तुति दी। राष्ट्रपति के इस पूरे कूनो दौरे के दौरान मध्य प्रदेश के महामहिम राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल भी उनके साथ कदम से कदम मिलाकर उपस्थित रहे और वन्यजीव संरक्षण के इस बड़े अभियान की सराहना की।
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