एजेंसी, इंफाल। Manipur Army Op : पूर्वोत्तर के संवेदनशील राज्य मणिपुर में अशांति फैलाने वाले और कानून को चुनौती देने वाले राष्ट्रविरोधी तत्वों के खिलाफ भारतीय सुरक्षाबलों ने अब तक की सबसे बड़ी और प्रभावी कार्रवाई की है। राज्य के अलग-अलग जिलों में चलाए गए एक व्यापक संयुक्त खोजी अभियान (सर्च ऑपरेशन) के दौरान सुरक्षाबलों ने 7 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें से 3 आरोपी अलग-अलग प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों के सक्रिय सदस्य बताए जा रहे हैं। इस बेहद गोपनीय और सटीक सैन्य कार्रवाई के दौरान सेना ने उग्रवादियों द्वारा अवैध रूप से बनाए गए 39 मजबूत बंकरों को पूरी तरह से जमींदोज कर दिया है। इसके अलावा, सुरक्षाबलों और विद्रोहियों के बीच हुई एक भीषण मुठभेड़ में ‘यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी’ (यूकेएनए) का एक मुख्य लड़ाका (कैडर) भी मार गिराया गया है। पुलिस और रक्षा विभाग के बड़े अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को इस सफल सैन्य अभियान की पुष्टि करते हुए बताया कि पकड़े गए उग्रवादियों के पास से आधुनिक हथियारों और जानलेवा गोला-बारूद का एक बहुत बड़ा जखीरा बरामद किया गया है।
दुर्गम पहाड़ियों और खराब मौसम के बीच उग्रवादी ढेर
सेना के रक्षा प्रवक्ता द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबलों को यह पक्की खुफिया सूचना मिली थी कि चुराचांदपुर जिले के हेंगलेप उपमंडल की दुर्गम पहाड़ियों में यूकेएनए संगठन के उग्रवादी किसी बड़ी हिंसक वारदात को अंजाम देने के लिए इकट्ठा हुए हैं। इस विशिष्ट इनपुट के आधार पर भारतीय सेना और असम राइफल्स के जांबाजों ने एक संयुक्त कार्ययोजना तैयार कर इलाके की घेराबंदी शुरू की। क्षेत्र का रास्ता बेहद चुनौतीपूर्ण, पथरीला और मौसम बहुत ज्यादा खराब होने के बावजूद सैनिकों ने अपनी रणनीति के तहत उग्रवादियों के गुप्त ठिकाने को चारों तरफ से घेर लिया। खुद को सेना से घिरा देख उग्रवादियों ने स्वचालित हथियारों से सैनिकों पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। भारतीय जवानों ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की और दोनों तरफ से हुई इस भीषण गोलीबारी में 1 खूंखार उग्रवादी मौके पर ही ढेर हो गया, जबकि उसके अन्य साथी घने जंगलों और अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहे।
बंकर हुए तबाह और किलेबंदी ध्वस्त
मुठभेड़ खत्म होने के बाद जब सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके में एक सघन तलाशी अभियान चलाया, तो वहां उग्रवादियों द्वारा रक्षा के लिए बनाए गए मजबूत किलेबंद बंकर दिखाई दिए, जिन्हें बारूद की मदद से पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया गया। इसके अलावा, इंफाल के बिष्णुपुर जिले से पुलिस ने कांगलेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी) और कांगलेइपाक की समाजवादी क्रांतिकारी पार्टी (सोरेपा) नामक उग्रवादी संगठनों के 3 सक्रिय सदस्यों को भी गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि ये सभी पकड़े गए विद्रोही पिछले लंबे समय से राज्य के भीतर आगजनी, जबरन वसूली और हत्या जैसी कई प्रकार की हिंसक और आपराधिक गतिविधियों में सीधे तौर पर संलिप्त थे, जिनकी पुलिस को काफी दिनों से तलाश थी।
कांगपोकपी में मिला हथियारों का बड़ा जखीरा
सुरक्षाबलों ने कांगपोकपी जिले के जंगली इलाकों में भी एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया, जहां जमीन के नीचे छिपाकर रखा गया युद्ध सामग्री का एक बड़ा भंडार हाथ लगा है। सुरक्षाबलों द्वारा जब्त किए गए इन हथियारों में मुख्य रूप से 11 सिंगल-बैरल ब्रीच-लोडिंग (एसबीबीएल) 12-बोर बंदूकें, 12-बोर गोला-बारूद के 294 जिंदा कारतूस, भारी मात्रा में गनपाउडर (बारूद) के 2 बड़े पैकेट, 12-बोर कारतूस के 34 खाली खोखे और सैनिकों की सुरक्षा में काम आने वाली 6 बुलेटप्रूफ जैकेट शामिल हैं। इसके अलावा, सेना ने 3 मुख्य उग्रवादियों के साथ-साथ 4 अन्य संदिग्ध आरोपियों को भी हिरासत में लिया है, जिनसे खुफिया एजेंसियां बंद कमरे में कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं ताकि उनके भविष्य के मंसूबों का पता लगाया जा सके।
राज्य में शांति बहाली के लिए 116 सुरक्षा नाके स्थापित
रक्षा प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि उग्रवादियों के इस पूरे बुनियादी ढांचे और उनके ठिकानों को नष्ट करके सुरक्षा बलों ने मणिपुर राज्य में दोबारा अमन-चैन और सामान्य स्थिति बहाल करने की अपनी प्रतिबद्धता को और ज्यादा मजबूत किया है। वर्तमान में, मणिपुर के सीमावर्ती, मिश्रित आबादी वाले और बेहद संवेदनशील क्षेत्रों में सेना, असम राइफल्स और स्थानीय पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से लगातार फ्लैग मार्च और क्षेत्र नियंत्रण अभ्यास (एरिया डोमिनेशन) किए जा रहे हैं। घाटी और पहाड़ी दोनों ही जिलों में असामाजिक तत्वों, हथियारों की तस्करी और संदिग्ध वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए राज्यभर में कुल 116 रणनीतिक सुरक्षा नाके और चेकपॉइंट स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही, आम जनता को रोजमर्रा की दिक्कतों से बचाने के लिए सुरक्षा बल इम्फाल-जिरिबाम राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-37) पर आवश्यक वस्तुओं, दवाइयों और राशन से लदे ट्रकों सहित सभी वाणिज्यिक वाहनों को अपनी सीधी निगरानी में सुरक्षित रास्ता प्रदान कर रहे हैं।
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