एजेंसी, मॉस्को। Russia Ukraine War : यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध ने अब एक बेहद खतरनाक मोड़ ले लिया है। यूक्रेन ने बृहस्पतिवार को रूसी सरजमीं पर इतिहास का सबसे बड़ा और भयानक हवाई हमला बोल दिया है। रूस के सरकारी सैन्य विभाग की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक, यूक्रेनी सेना ने रात के अंधेरे में एक साथ करीब एक हजार से ज्यादा रिमोट से चलने वाले छोटे लड़ाकू विमानों यानी ड्रोन और चार बड़ी क्रूज मिसाइलों से रूस के अलग-अलग ठिकानों को निशाना बनाया। इन हमलावर विमानों में से करीब दो सौ ड्रोन सीधे रूस की राजधानी मॉस्को की तरफ तेजी से बढ़ रहे थे, जिन्हें रूसी सेना ने मार गिराने का दावा किया है। इस भीषण कार्रवाई के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि हम इस विनाशकारी जंग के पक्ष में कभी नहीं थे, लेकिन अगर अब हमारा देश यूक्रेन जलेगा तो रूस की राजधानी मॉस्को को भी इसकी भारी कीमत चुकानी होगी और वह भी आग की लपटों से बच नहीं पाएगा।
Last night, our long-range sanctions once again reached the Moscow region – for the second time this week, the Moscow oil refinery was hit. Targets were also struck in the Rostov region and in temporarily occupied territories of Ukraine. This is a fully justified response to… pic.twitter.com/NhFl4FlT9L
— Volodymyr Zelenskyy / Володимир Зеленський (@ZelenskyyUa) June 18, 2026
तेल कारखानों पर भीषण धमाके और तबाही का मंजर
विश्व प्रसिद्ध समाचार एजेंसी बीबीसी की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन के इस ताबड़तोड़ हवाई हमले में रूस के दक्षिणी इलाके में स्थित रोस्तोव क्षेत्र का एक बहुत बड़ा तेल डिपो पूरी तरह से तबाह हो गया है। इस जगह पर हुए जोरदार धमाके की चपेट में आने से वहां मौजूद एक स्थानीय नागरिक की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा, हमलावरों ने मॉस्को की सबसे प्रमुख कपोतन्या तेल रिफाइनरी को भी अपना निशाना बनाया। तेल कारखाने पर ड्रोन गिरने के बाद इतना भयानक विस्फोट हुआ कि तेल के विशालकाय टैंक का भारी-भरकम लोहे का ढक्कन कई मीटर ऊपर हवा में उछल गया और पूरे इलाके के आसमान में कयामत की तरह काले धुएं का गुबार छा गया। कारखाने में लगी आग इतनी भयावह थी कि वह देखते ही देखते पूरे परिसर में फैल गई। खबरों के अनुसार, इस हमले के मलबे और धमाके की वजह से पास में बने एक बड़े बाजार यानी शॉपिंग सेंटर में भी भीषण आग लग गई। आसमान से गिरे मलबे के कारण आम लोगों के रहने वाले मकानों और व्यापारिक इमारतों को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई ऊंची इमारतों को तुरंत खाली करा लिया गया और मॉस्को के सभी हवाई अड्डों पर विमानों की आवाजाही को कुछ समय के लिए पूरी तरह से रोक दिया गया। आम जनता ने इस तबाही के खौफनाक वीडियो बनाकर सामाजिक माध्यमों पर भी साझा किए हैं।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने ली जिम्मेदारी और पुतिन की चुप्पी
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सामाजिक माध्यम एक्स पर एक संदेश जारी कर इस बड़े हमले की पूरी जिम्मेदारी ली है। उन्होंने कहा कि मॉस्को पर की गई यह कार्रवाई दरअसल पिछले हफ्ते हमारी राजधानी कीव पर रूस द्वारा किए गए हमलों का एक करारा जवाब है। उन्होंने साफ किया कि यूक्रेनी जांबाजों ने केवल उन्हीं ठिकानों को अपनी रणनीति के तहत निशाना बनाया है जो रूस की सेना को युद्ध जारी रखने के लिए ईंधन और संसाधन पहुंचा रहे हैं। जेलेंस्की ने अपनी सेना और खुफिया विभागों की इस बहादुरी की जमकर तारीफ की और कहा कि अब रूस के पास अपनी भलाई के लिए बातचीत की मेज पर आने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। दिलचस्प बात यह है कि जिस समय रूस की धरती पर यह भीषण हमला हुआ, उस वक्त रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन कजान शहर में दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के बड़े नेताओं के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे थे। इस बेहद गंभीर हमले को लेकर रूसी राष्ट्रपति की तरफ से अभी तक कोई भी आधिकारिक या सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है।
साल 2023 से शुरू हुआ राजधानी पर हमलों का सिलसिला
अगर हम इस युद्ध के इतिहास पर नजर डालें तो साल 2022 में जब इस टकराव की शुरुआत हुई थी, तब यूक्रेन की तरफ से किए जाने वाले ड्रोन हमले बेहद सीमित और सीमावर्ती इलाकों तक ही होते थे। इसके बाद साल 2023 में पहली बार यूक्रेन के खोजी विमान मॉस्को की हवाई सीमा में दाखिल होने में कामयाब रहे, लेकिन उस समय इन हमलों में गिने-चुने ड्रोनों का ही इस्तेमाल किया जाता था। बीते कुछ समय में यूक्रेन ने अपनी तकनीक को बहुत ज्यादा मजबूत कर लिया है और अब वह बहुत लंबी दूरी तक मार करने वाले आधुनिक हथियार बनाने में पूरी तरह सक्षम हो चुका है। दूसरी तरफ, रूस ने भी अपनी राजधानी की सुरक्षा के लिए चारों तरफ बेहद मजबूत आसमान से रक्षा करने वाली प्रणाली यानी एयर डिफेंस ग्रिड को तैनात कर रखा है। यही वजह है कि अब यह भयानक जंग सिर्फ सीमाओं या मोर्चों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि दोनों देश एक-दूसरे की रीढ़ तोड़ने के लिए तेल के अड्डों, कारखानों और प्रमुख रणनीतिक ठिकानों को लगातार निशाना बना रहे हैं।
दुनिया के अमीर देशों का यूक्रेन को बड़ा समर्थन
रूस पर हुए इस ऐतिहासिक हमले के बीच दुनिया के सात सबसे अमीर और शक्तिशाली देशों के समूह यानी जी-7 ने यूक्रेन को और ज्यादा सैन्य मदद देने का एक बहुत बड़ा ऐलान कर दिया है। इस वैश्विक संगठन ने साफ कहा है कि वे यूक्रेन की सुरक्षा के लिए उसे और अधिक आधुनिक हवाई रक्षा प्रणालियां, आसमान में मिसाइल को मार गिराने वाले इंटरसेप्टर और बहुत लंबी दूरी तक मार करने वाले खतरनाक हथियार तुरंत सौंपेंगे। इसके साथ ही, रूस की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए उसके तेल और गैस के अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर लगे प्रतिबंधों को पहले से कहीं ज्यादा कड़ा किया जाएगा। अमीर देशों के इस समूह ने ठंड का मौसम शुरू होने से पहले यूक्रेन की बिजली व्यवस्था और ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक बहुत बड़े अतिरिक्त आर्थिक पैकेज की घोषणा भी की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति का बड़ा बयान
इस पूरे घटनाक्रम पर दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि शुरुआत में उन्हें ऐसा लगता था कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे इस भीषण युद्ध को रोकना बेहद आसान काम होगा, लेकिन दोनों देशों के नेताओं और जनता के बीच जमी हुई सदियों पुरानी गहरी दुश्मनी ने अब शांति की बातचीत को बहुत ज्यादा पेचीदा बना दिया है। उन्होंने बताया कि उनकी इस सिलसिले में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन दोनों से ही बहुत अच्छे माहौल में बातचीत हुई है और वह खुद अपनी आंखों से इस खूनी खेल का जल्द से जल्द अंत देखना चाहते हैं।
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