एजेंसी, उज्जैन। Sumnanand Giri Threat : मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन से एक बेहद संवेदनशील और सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाली बड़ी खबर सामने आई है। उज्जैन के प्रसिद्ध मंगलनाथ मार्ग पर स्थित गंगाघाट श्री मौन तीर्थ पीठ के पीठाधीश्वर और निरंजनी अखाड़े के प्रतिष्ठित महामंडलेश्वर डॉक्टर सुमनानंद गिरि महाराज को एक बार फिर से अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा जान से मारने की अत्यंत खौफनाक धमकी दी गई है। यह धमकी डाक के माध्यम से भेजे गए एक पत्र के जरिए दी गई है, जिसमें देश में पहले हुई कुछ हिंसक घटनाओं का हवाला देते हुए महामंडलेश्वर का भी वैसा ही हश्र करने की बात कही गई है। इस घटना के बाद से ही धार्मिक नगरी के संत समाज और स्थानीय पुलिस प्रशासन में भारी हड़कंप मच गया है।
Ujjain, Madhya Pradesh: On requesting security after receiving a death threat letter, Mahamandaleshwar Swami Sumananand Giri Maharaj says, “… I initially thought it might be from someone known or perhaps some ordinary letter… The letter says: ‘…The water has gone above your… pic.twitter.com/nzwFVyCoc9
— IANS (@ians_india) June 16, 2026
डाक से पहुंचे पत्र को खोलते ही सामने आई खौफनाक साजिश
मिली जानकारी के अनुसार, गंगाघाट स्थित श्री मौन तीर्थ पीठ के पते पर सोमवार की शाम को एक बंद लिफाफा पहुंचा था। मंगलवार के दिन जब आश्रम के सेवादारों और महाराज ने इस लिफाफे को खोला, तो उसके भीतर हाथ से लिखा हुआ एक पत्र मिला। इस पत्र को पढ़ते ही सबके होश उड़ गए क्योंकि उसमें महामंडलेश्वर डॉक्टर सुमनानंद गिरि के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक, डरावने और धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। इस पत्र के सामने आते ही आश्रम की सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
उत्तर प्रदेश के महू से भेजा गया है यह धमकी भरा पत्र
शुरुआती जांच और पत्र पर लगे डाक विभाग के ठप्पों को देखने से यह पता चला है कि यह विवादित पत्र उत्तर प्रदेश के महू शहर से किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा पोस्ट किया गया है। पत्र के भीतर धार्मिक भावनाओं और अपमान का जिक्र करते हुए संत को सीधे तौर पर समाप्त करने और जहन्नुम भेजने की खुली धमकी दी गई है। इसके साथ ही पत्र में बेहद आक्रामक लहजे में यह भी लिखा गया है कि इस बार देश और राज्य के शीर्ष राजनेता भी उन्हें बचाने में पूरी तरह से नाकाम साबित होंगे। पत्र मिलने के तुरंत बाद महामंडलेश्वर ने मामले की कड़ाई को देखते हुए स्थानीय पुलिस थाने में अपनी लिखित शिकायत दर्ज करवा दी है।
लगातार सनातन धर्म के प्रचार के कारण निशाने पर होने का दावा
घटना के संबंध में जानकारी देते हुए महामंडलेश्वर डॉक्टर सुमनानंद गिरि महाराज ने बताया कि सोमवार की देर शाम यह पत्र आश्रम के कार्यालय में प्राप्त हुआ था, जिसकी पूरी जानकारी तुरंत ही उज्जैन के पुलिस अधीक्षक को दे दी गई है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे लंबे समय से सनातन संस्कृति के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए लगातार काम कर रहे हैं, और इसी वजह से कुछ कट्टरपंथी ताकतें उन्हें लगातार अपने निशाने पर ले रही हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले भी गुजरात के बड़ौदा और खुद उज्जैन में उन पर जानलेवा हमले हो चुके हैं, लेकिन बार-बार मांग करने के बावजूद प्रशासन द्वारा उन्हें अब तक कोई पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था मुहैया नहीं कराई गई है।
पूर्व में भी कई बार मिल चुके हैं ऐसे ही उर्दू में लिखे धमकी भरे पत्र
यह कोई पहला मामला नहीं है जब निरंजनी अखाड़े के इस संत को इस प्रकार की गंभीर धमकी का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले वर्ष 2023 और वर्ष 2025 में भी उन्हें ठीक इसी तरह से पत्र भेजकर जान से मारने की धमकियां दी जा चुकी हैं। वर्ष 2025 में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर के करेली इलाके से एक व्यक्ति के नाम से बंद लिफाफे में उर्दू भाषा में लिखा हुआ एक पत्र भेजा गया था, जिसमें अत्यंत आपत्तिजनक बातें लिखते हुए उनका सिर धड़ से अलग करने की क्रूर धमकी दी गई थी। वहीं वर्ष 2023 में भी जब अखाड़ा परिषद की एक बड़ी बैठक चल रही थी, तब भी किसी अज्ञात शख्स ने उर्दू में लिखा पत्र भेजकर माहौल खराब करने की कोशिश की थी।
आश्रम में मुस्लिम युवक-युवतियों की घर वापसी कराने के कारण बढ़ा विवाद
धार्मिक और सामाजिक जानकारों का मानना है कि महामंडलेश्वर डॉक्टर सुमनानंद गिरि महाराज को बार-बार मिलने वाली इन धमकियों के पीछे उनके आश्रम में होने वाली कुछ विशेष धार्मिक गतिविधियां हैं। महाराज ने पूर्व में अपने आश्रम के भीतर कई मुस्लिम युवतियों को उनकी स्वेच्छा से सनातन धर्म में शामिल करवा कर पूरी वैदिक और सनातनी रीति-रिवाज से उनका विवाह संपन्न करवाया है। इसके अलावा अभी करीब एक महीने पहले ही उन्होंने एक मुस्लिम युवक को भी पूरे विधि-विधान और धार्मिक अनुष्ठान के साथ हिंदू धर्म में वापस शामिल करवाया था, जिससे कुछ असामाजिक तत्व बेहद नाराज चल रहे हैं।
अनिकेत और फरहा के विवाह समारोह के बाद चर्चा में आया था आश्रम
विगत चौबीस जून दो हजार चौबीस को इसी मंगलनाथ मार्ग पर स्थित मौनी तीर्थ आश्रम में एक बेहद चर्चित विवाह संपन्न हुआ था। उज्जैन के रहने वाले एक हिंदू युवक अनिकेत चौबे ने एक तलाकशुदा मुस्लिम महिला फरहा के साथ सात फेरे लिए थे। इस विवाह से पहले महिला ने अपनी मर्जी से सनातन धर्म को स्वीकार कर लिया था और अपनी धार्मिक पहचान बदल ली थी। महिला की एक छोटी बेटी जारा ने भी अपनी मां के साथ ही सनातन धर्म अपना लिया था। इसके बाद आश्रम के भीतर ही हिंदू रीति-रिवाज से मांग में सिंदूर भरकर और मंगलसूत्र पहनाकर युवक ने उस महिला को अपनी पत्नी और उसकी बेटी को अपनी कानूनी संतान के रूप में सहर्ष स्वीकार किया था।
सलमान खान ने भी इसी आश्रम में अपनाया था सनातन धर्म
इसी प्रकार, हाल ही में इकतीस मई दो हजार छब्बीस को गंगाघाट स्थित मौनतीर्थ आश्रम में एक और बड़ा धार्मिक शुद्धिकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। उज्जैन के गांधी नगर इलाके के रहने वाले एक मुस्लिम युवक सलमान खान ने बिना किसी बाहरी दबाव के, अपनी मर्जी से सनातन धर्म अपनाने की इच्छा जाहिर की थी। आश्रम के मुख्य गर्भगृह में कड़े धार्मिक अनुष्ठानों, मंत्रोच्चार और शुद्धि विधि के बाद उस युवक को कश्यप गोत्र प्रदान किया गया और उसका नया सनातनी नाम ‘शांतनु’ रखा गया। मौनी तीर्थ आश्रम पिछले लंबे समय से इस प्रकार के धार्मिक संस्कारों और दीक्षा कार्यक्रमों के कारण पूरे देश में लगातार चर्चा का केंद्र बना हुआ है, जिसके कारण संत की सुरक्षा पर अब बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
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