एजेंसी, ब्रातिस्लावा। PM Modi Slovakia Visit : भारत के कूटनीतिक इतिहास में एक और बड़ा और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्लोवाकिया की तीन दिनों की आधिकारिक यात्रा भारत के लिए बहुत बड़ी वैश्विक और कूटनीतिक कामयाबी लेकर आई है। इस यात्रा के दौरान यूरोप के इस महत्वपूर्ण देश स्लोवाकिया ने न केवल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बदलावों की वकालत करते हुए भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का खुले दिल से समर्थन किया है, बल्कि भारत के प्रधानमंत्री को अपने देश के सबसे बड़े और सर्वोच्च नागरिक सम्मान से भी सम्मानित किया है। इस बड़ी कामयाबी से वैश्विक मंच पर भारत की साख और भी मजबूत हुई है।
In Bratislava yesterday evening, I met Dr. Róbert Gáfrik, who has spearheaded the effort to translate the Upanishads into Slovak.
His passion for Indian history, culture and spirituality is commendable. https://t.co/Q77xbw79n8 pic.twitter.com/W8s4spVSyh
— Narendra Modi (@narendramodi) June 16, 2026
वैश्विक मंच पर भारत की दावेदारी को मिला बड़ा समर्थन
स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा में सोमवार के दिन भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक का आयोजन हुआ। इस बैठक में दोनों देशों के बीच आपसी हितों, व्यापार, तकनीक और वैश्विक राजनीति से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। वार्ता की समाप्ति के बाद दोनों देशों की तरफ से एक साझा बयान जारी किया गया, जिसमें विश्व की बड़ी संस्थाओं में समय के अनुसार बदलाव करने की मांग पर जोर दिया गया।
The India-Slovakia friendship is all set to grow even stronger!
Highlights from a very special visit. pic.twitter.com/BJacp9jPK5
— Narendra Modi (@narendramodi) June 16, 2026
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के ढांचे में बड़े बदलाव की मांग
दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने साझा बयान में इस बात को साफ तौर पर रेखांकित किया कि संयुक्त राष्ट्र और उसकी सुरक्षा परिषद जैसी महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के मौजूदा ढांचे में व्यापक सुधार करना अब बेहद जरूरी हो गया है। नेताओं का मानना था कि इन संस्थाओं को आज की दुनिया की भूराजनीतिक हकीकत के अनुसार अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण, समावेशी और समकालीन बनाना वक्त की मांग है।
सुरक्षा परिषद की दोनों श्रेणियों के विस्तार पर दिया जोर
साझा बयान में इस बात पर विशेष रूप से ध्यान आकर्षित किया गया कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का विस्तार केवल एक स्तर पर नहीं, बल्कि स्थायी और अस्थायी दोनों ही श्रेणियों में किया जाना बेहद आवश्यक है। इसके बिना वैश्विक फैसलों में लोकतांत्रिक संतुलन नहीं बनाया जा सकता।
भारत ने जताया स्लोवाकिया का आभार
विश्व मंच पर भारत की स्थायी दावेदारी का लगातार और मजबूती से समर्थन करने के लिए भारत की ओर से स्लोवाकिया के प्रति गहरा आभार प्रकट किया गया। भारत लंबे समय से यह कहता आ रहा है कि मौजूदा पंद्रह सदस्यीय सुरक्षा परिषद का ढांचा बहुत पुराना हो चुका है और यह वर्तमान समय की वैश्विक सच्चाइयों को पूरी तरह से नहीं दर्शाता। भारत की इस जायज मांग को यूरोप के कई बड़े देशों के साथ-साथ ब्राजील, जर्मनी और जापान जैसे देशों के समूह का भी पूरा समर्थन हासिल है।
द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस सम्मान से विभूषित हुए प्रधानमंत्री
स्लोवाकिया दौरे के दौरान सोमवार की रात को एक बेहद भव्य और विशेष राजकीय समारोह का आयोजन किया गया था। इस गरिमामयी समारोह में स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने देश के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित राजकीय सम्मान ‘द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस, फर्स्ट क्लास’ से अलंकृत किया।
प्रधानमंत्री मोदी को मिलने वाला यह 33वां वैश्विक पुरस्कार
यह सम्मान मिलना भारत और प्रधानमंत्री के लिए इसलिए भी विशेष है क्योंकि यह उनके कार्यकाल में मिलने वाला 33वां अंतरराष्ट्रीय या वैश्विक पुरस्कार है। यह दिखाता है कि दुनिया के अलग-अलग देशों में भारत के नेतृत्व को किस नजरिए से देखा जा रहा है।
देश की जनता और दोनों देशों की दोस्ती को समर्पित किया सम्मान
इस ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित सम्मान को ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि यह पुरस्कार केवल उनका नहीं, बल्कि भारत के 140 करोड़ नागरिकों का सम्मान है। इसके साथ ही उन्होंने इस पुरस्कार को भारत और स्लोवाकिया के बीच के गहरे और पुराने दोस्ताना संबंधों को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान दोनों देशों के आपसी भरोसे, स्नेह और आत्मीयता का जीता जागता प्रमाण है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यक्त की खुशी
इस बड़ी कूटनीतिक सफलता और प्रधानमंत्री को मिले सर्वोच्च सम्मान पर देश के भीतर भी काफी उत्साह देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस गौरवशाली उपलब्धि पर अपनी गहरी प्रसन्नता व्यक्त की है। सोमवार की देर रात को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी बात रखते हुए मुख्यमंत्री ने इसे देश के हर नागरिक के लिए बेहद गर्व का पल बताया।
भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव और साख का प्रतीक
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्लोवाकिया सरकार द्वारा देश के प्रधानमंत्री को ‘द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस’ से सम्मानित किया जाना 140 करोड़ देशवासियों के लिए बहुत बड़े गौरव की बात है। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार दुनिया के नक्शे पर भारत के प्रति लगातार बढ़ रहे सम्मान और उसकी मजबूत होती साख को साफ तौर पर दर्शाता है।
प्रधानमंत्री के दूरदर्शी और मजबूत नेतृत्व की सराहना
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यह सम्मान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत साझेदारियां बनाने और अलग-अलग देशों के साथ स्थायी मित्रता का विकास करने में प्रधानमंत्री के असाधारण प्रयासों का परिणाम है। उनके कुशल और दूरदर्शी नेतृत्व के कारण ही आज भारत वैश्विक मंचों पर एक बेहद प्रभावशाली और मजबूत आवाज बनकर उभरा है जिसकी बात को पूरी दुनिया ध्यान से सुनती है।
फ्रांस में आयोजित होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन के लिए प्रस्थान
स्लोवाकिया की अपनी सफल और ऐतिहासिक यात्रा को पूरा करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात बड़े देशों के 52वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए फ्रांस के एवियन शहर के लिए रवाना होंगे। भारत इस बेहद महत्वपूर्ण वैश्विक सम्मेलन में एक भागीदार देश के रूप में शामिल हो रहा है, जहां पर्यावरण, अर्थव्यवस्था और वैश्विक सुरक्षा जैसे कई अन्य बड़े अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर दुनिया के बड़े नेताओं के साथ चर्चा होने की उम्मीद है।
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