एजेंसी, जयपुर। Abhijeet Dipke news : राजस्थान की राजधानी जयपुर के ऐतिहासिक शहीद स्मारक पर सोमवार को उस समय भारी अराजकता और हंगामे की स्थिति पैदा हो गई, जब कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य संस्थापक अभिजीत दीपके पर भीड़ के बीच अचानक जानलेवा हमला कर दिया गया। अभिजीत दीपके देश में चल रहे राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक मामले, चरमराती शिक्षा व्यवस्था और बढ़ती बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर आयोजित एक बड़े विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने पहुंचे थे। वे जब अपने समर्थकों के कंधों पर सवार होकर मुख्य मंच की ओर आगे बढ़ रहे थे, तभी प्रदर्शनकारियों की आड़ में आए 3 संदिग्ध युवकों ने उन पर धावा बोल दिया। इनमें से एक युवक ने आगे बढ़कर दीपके के गले में लिपटे गमछे को तेजी से खींचा और उसके बाद एक के बाद एक कई ताबड़तोड़ थप्पड़ जड़ दिए। इस अचानक हुए हमले से कार्यक्रम स्थल पर पूरी तरह भगदड़ और हड़कंप मच गया।
Physical attacks are a sign of fear and cowardice.
We will continue to raise our voices peacefully. I am a follower of Gandhi and Ambedkar, and I will keep fighting this battle with peace and love.
PS: Dharmendra Pradhan must resign!
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) June 15, 2026
समर्थकों ने हमलावर को दबोचा, पुलिस ने लिया हिरासत में
अभिजीत दीपके पर हुए इस सरेआम हमले के तुरंत बाद उनके आसपास मौजूद सुरक्षाकर्मियों और आक्रोशित समर्थकों ने सक्रियता दिखाते हुए थप्पड़ मारने वाले मुख्य आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया। उग्र भीड़ ने आरोपी युवक की भी जमकर धुनाई कर दी। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए वहां तैनात पुलिस बल ने तुरंत हस्तक्षेप किया और हमलावर युवक को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर अपनी हिरासत में ले लिया। पुलिस प्रशासन सुरक्षा घेरे में आरोपी को तुरंत विधायकपुरी पुलिस थाने ले गया, जहां उससे इस हिंसक कृत्य के पीछे की साजिश को लेकर कड़ी पूछताछ की जा रही है। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामाजिक माध्यमों पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।
थप्पड़कांड की आड़ में बड़े पैमाने पर मोबाइल फोन की चोरी
शहीद स्मारक पर जब एक तरफ इस थप्पड़कांड को लेकर भारी तनाव और हंगामा चल रहा था, ठीक उसी समय शातिर चोरों ने भीड़ का फायदा उठाकर वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों के कीमती मोबाइल फोन पर हाथ साफ करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते दर्जनों लोगों के मोबाइल फोन गायब होने की शिकायतें सामने आने लगीं। स्थिति इतनी अनियंत्रित हो गई कि आयोजन समिति को मुख्य मंच से लगातार उद्घोषणा (अनाउंसमेंट) करनी पड़ी कि प्रदर्शन में आए सभी लोग अपनी जेबों और बहुमूल्य सामानों की सुरक्षा स्वयं करें।
दिल्ली के बाद जयपुर में प्रदर्शन, पुलिस ने दी थी सशर्त अनुमति
गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके पूर्व में देश की राजधानी दिल्ली में भी इन्हीं राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर एक बड़ा प्रदर्शन कर चुके हैं, जहां उन्होंने पूरे देश में चरणबद्ध तरीके से आंदोलन चलाने की घोषणा की थी। इसी योजना के तहत वे देर रात जयपुर पहुंचे थे। इससे पहले रविवार को पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने जयपुर पुलिस प्रशासन पर प्रदर्शन की अनुमति न देने का गंभीर आरोप लगाते हुए विरोध जताया था। हालांकि, बाद में कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने इस कार्यक्रम को बेहद कड़े प्रतिबंधों और शर्तों के साथ अपनी मंजूरी दी थी।
सीमित संख्या और शांतिपूर्ण आंदोलन का था आह्वान
प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस विरोध प्रदर्शन में 800 से अधिक लोगों के एकत्रित होने पर पूरी तरह पाबंदी लगाई गई थी। साथ ही आयोजकों को शहर की यातायात व्यवस्था और सामान्य जीवन को प्रभावित न करने की सख्त हिदायत दी गई थी। आंदोलन की शुरुआत से पहले कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने देश के युवाओं, छात्रों और अभिभावकों से बड़ी संख्या में इस मुहिम से जुड़ने की अपील की थी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा, ज्ञान की प्रतीक किताबें और शांति के फूल लेकर आने का आग्रह किया था। संगठन का कहना था कि यह लड़ाई किसी राजनीतिक दल की नहीं बल्कि देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य और संपूर्ण शिक्षा प्रणाली में सुधार की है, जिसे शांतिपूर्ण ढंग से लड़ा जाएगा, परंतु इस अप्रत्याशित हमले ने शांतिपूर्ण आंदोलन में व्यवधान डाल दिया।
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