15 जून को महान ज्योतिषीय बदलाव : त्रिग्रही योग तीन ग्रहों का मिलन बढ़ाएगा 3 राशियों की मुश्किलें
एजेंसी, नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की चाल में होने वाले बदलाव मानव जीवन को गहराई से प्रभावित करते हैं। इसी कड़ी में आने वाली पंद्रह जून दो हजार छब्बीस को अंतरिक्ष में एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी खगोलीय घटना घटने जा रही है। इस विशेष दिन पर मिथुन राशि के भीतर तीन बड़े ग्रहों का मिलाप होने जा रहा है, जिसे ज्योतिषीय भाषा में त्रिग्रही योग या त्रिग्रही युति कहा जाता है। इस अनोखे संयोग की शुरुआत पंद्रह जून की सुबह होगी, जब मन के कारक माने जाने वाले चंद्र देव मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद ठीक दोपहर के समय ग्रहों के राजा सूर्य देव भी इसी राशि में गोचर कर जाएंगे। बुध ग्रह पहले से ही यहाँ विराजमान रहेंगे। इस प्रकार मिथुन राशि के भीतर सूर्य, बुध और चंद्रमा तीनों मिलकर एक त्रिकोणीय शक्ति का निर्माण करेंगे। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, हालांकि यह त्रिकोणीय मिलाप कई राशियों के लिए भाग्य के नए द्वार खोलने वाला और शुभ फलदायी रहेगा, परंतु राशिचक्र की तीन विशेष राशियाँ ऐसी हैं जिनके लिए यह समय बहुत कठिन, उतार-चढ़ाव से भरा और चुनौतियों की सौगात लेकर आ सकता है। इन तीन राशियों के जातकों को अपने जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में बहुत अधिक संभलकर रहने की आवश्यकता होगी।
इस बड़े ज्योतिषीय परिवर्तन के कारण कर्क राशि के जातकों की कुंडली में यह त्रिकोणीय मिलाप बारहवें घर में होने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के नियमों के अनुसार कुंडली के बारहवें घर को नुकसान, व्यय और हानि का स्थान माना जाता है। यही कारण है कि इस अवधि में कर्क राशि के लोगों को अपने कामकाज, नौकरी और व्यापार के क्षेत्र में अत्यधिक सावधानी बरतने की जरूरत होगी। यदि आप कहीं भी धन का निवेश करने जा रहे हैं या किसी के साथ पैसों का लेन-देन कर रहे हैं, तो बहुत सोच-समझकर ही कदम आगे बढ़ाएं, अन्यथा आपको बहुत बड़ी आर्थिक चोट लग सकती है। जो लोग लंबे समय से नई आजीविका या रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं, उन्हें इस समय अपनी कोशिशों को दोगुना करना होगा क्योंकि सफलता आसानी से हाथ नहीं आने वाली है। केवल कार्यक्षेत्र ही नहीं, बल्कि आपके निजी जीवन में भी इसके नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। आपके शादीशुदा जीवन में किसी बाहरी व्यक्ति के हस्तक्षेप के कारण आपसी तालमेल बिगड़ सकता है और गंभीर गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं। इस कठिन समय के बुरे प्रभावों से बचने के लिए कर्क राशि के लोगों को नियमित रूप से देवों के देव महादेव की आराधना करनी चाहिए और उन पर जल अर्पित करना चाहिए।
इस खगोलीय बदलाव के प्रभाव से वृश्चिक राशि के जातकों की कुंडली के आठवें घर में इस त्रिग्रही योग का निर्माण होने जा रहा है। ज्योतिष विज्ञान में आठवें घर को आकस्मिक घटनाओं और संकटों का कारक माना जाता है। इस योग के चलते आपके जीवन में अचानक से कुछ ऐसी अप्रिय और अनचाही घटनाएं घट सकती हैं जो आपको मानसिक रूप से परेशान कर देंगी। कोई अनपेक्षित बुरी खबर आपके मन को काफी दुखी और आहत कर सकती है। इसके साथ ही आपको अपने धन और संपत्ति के मामले में भी बड़े उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान आपका संचित धन अचानक खर्च हो सकता है, इसलिए आपको एक बेहद सटीक और कड़ा बजट बनाकर ही अपने खर्चों को नियंत्रित करना होगा। नौकरीपेशा लोगों के लिए कार्यालय का माहौल थोड़ा तनावपूर्ण हो सकता है। आपको अपने कार्यस्थल पर होने वाली गुटबाजी और राजनीति से पूरी तरह दूरी बनाकर रखनी होगी, अन्यथा कुछ विरोधी आपकी सामाजिक और व्यावसायिक छवि को नुकसान पहुँचाने का प्रयास कर सकते हैं। इस विपरीत परिस्थिति से अपनी रक्षा करने के लिए वृश्चिक राशि के जातकों को हर दिन पूरी श्रद्धा के साथ हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।
मकर राशि के लोगों के लिए यह त्रिग्रही योग उनकी कुंडली के छठे घर में बनने जा रहा है, जिसे ज्योतिष में शत्रु, रोग और बाधाओं का घर माना जाता है। इस योग के सक्रिय होने से आपके विरोधी और शत्रु पक्ष अचानक से अधिक शक्तिशाली हो सकते हैं और वे आपको किसी न किसी प्रकार से नुकसान पहुँचाने की साजिश रच सकते हैं। विशेष रूप से आपके कार्यक्षेत्र में कुछ ऐसे गुप्त शत्रु सक्रिय हो सकते हैं जो सामने से तो आपके मित्र बने रहेंगे परंतु पीठ पीछे आपका काम बिगाड़ने की कोशिश करेंगे, इसलिए केवल अपने काम पर ध्यान केंद्रित करें और किसी पर भी आँख बंद करके भरोसा न करें। आर्थिक मोर्चे पर भी आपको बेहद सजग रहना होगा, किसी को भी उधार देने से बचें क्योंकि इस समय दिया गया धन वापस मिलने की संभावना न के बराबर है। इस गोचर के प्रभाव से आपके घर और परिवार के भीतर का वातावरण भी कुछ अशांत, गंभीर और नकारात्मक रह सकता है, जिससे मानसिक शांति भंग हो सकती है। इस नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और संकटों से मुक्ति पाने के लिए मकर राशि के जातकों को प्रतिदिन या विशेषकर सोमवार के दिन शिव चालीसा का पाठ अवश्य करना चाहिए।
(Disclaimer: यहाँ दी गई समस्त जानकारियां पूरी तरह से पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिषीय विधाओं और लोक आस्था पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक आधार या प्रमाण उपलब्ध नहीं है। यह केवल सामान्य पाठकों की रुचि और जानकारी के लिए प्रस्तुत किया गया है, यह चैनल इसकी सत्यता, पूर्णता या प्रामाणिकता का कोई दावा नहीं करता है।)
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