एजेंसी, बारामूला। Uri Sector : जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिले बारामूला के अंतर्गत आने वाले उरी सेक्टर से एक बेहद दुखद और दर्दनाक खबर सामने आई है। उरी सेक्टर में सेना के एक शिविर के भीतर सैन्य उपकरणों के नियमित रख-रखाव और जांच के दौरान अचानक एक हैंड ग्रेनेड फट गया। इस भीषण और दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में भारतीय सेना के दो जांबाज जवान देश की सेवा करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए हैं। सैन्य और आधिकारिक सूत्रों ने इस गंभीर हादसे की पूरी पुष्टि की है। देश के लिए अपनी जान न्योछावर करने वाले इन दोनों बलिदानी वीर जवानों की पहचान महाराष्ट्र के ऐरोली के मूल निवासी चव्हाण विक्रम बालकृष्ण और महाराष्ट्र के ही सतारा जिले की कराड तहसील के अंतर्गत आने वाले शाहपुर गांव के रहने वाले अर्जुन जाधव राजेंद्र के रूप में की गई है। इस दुखद समाचार के बाद दोनों जवानों के पैतृक गांवों सहित पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।
नियमित हथियारों की जांच के दौरान हुआ धमाका, अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत
वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से छनकर आ रही जानकारियों के मुताबिक, यह बेहद दर्दनाक हादसा उरी सेक्टर के कमलकोट इलाके में स्थित भारतीय सेना के एक अग्रिम शिविर के भीतर पेश आया। शिविर में तैनात जवानों द्वारा सैन्य उपकरणों, गोला-बारूद और आधुनिक हथियारों के नियमित हस्तांतरण व रख-रखाव (मेंटेनेंस) का काम सामान्य दिनों की तरह ही चल रहा था। इसी बेहद संवेदनशील प्रक्रिया के दौरान एक हैंड ग्रेनेड अचानक डिफ्यूज होने के बजाय एक जोरदार धमाके के साथ फट गया। विस्फोट इतना भीषण था कि इसकी सीधी चपेट में आने से वहां मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी पर तैनात दोनों जवान पूरी तरह लथपथ और गंभीर रूप से घायल हो गए। धमाके की गूंज सुनते ही पूरे सैन्य शिविर के भीतर हड़कंप और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
साथी जवानों ने तुरंत पहुंचाया अस्पताल, जख्मों की गंभीरता के कारण नहीं बच सकी जान
हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद अन्य साथी जवानों और वरिष्ठ अधिकारियों ने बिना एक पल की भी देरी किए दोनों लहूलुहान जवानों को तुरंत मलबे से बाहर निकाला। सेना की मेडिकल टीम ने प्राथमिक उपचार देते हुए उन्हें तत्काल नजदीकी सैन्य अस्पताल पहुंचाया ताकि उनकी जान बचाई जा सके। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था। हैंड ग्रेनेड के स्प्लिंटर्स (लोहे के टुकड़ों) के कारण दोनों जवानों के शरीर पर आई चोटें और जख्म इतने ज्यादा गहरे व गंभीर थे कि अस्पताल पहुंचने पर वहां तैनात डॉक्टरों ने गहन परीक्षण के बाद दोनों वीरों को मृत घोषित कर दिया।
हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए सेना ने शुरू की उच्च स्तरीय आंतरिक जांच
इस बेहद संवेदनशील और दुर्भाग्यपूर्ण सैन्य घटना के सामने आने के बाद भारतीय सेना के आला अधिकारियों और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने मामले को पूरी तरह अपने हाथ में ले लिया है। देश के कानून के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई और कानूनी जांच की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी गई है। सेना की तकनीकी टीम और हथियारों के विशेषज्ञों को भी मौके पर बुलाया गया है। इस वीभत्स हादसे के सही और वास्तविक तकनीकी कारणों का पता लगाने के लिए सेना की ओर से एक उच्च स्तरीय आंतरिक जांच (कोर्ट ऑफ इंक्वायरी) के आदेश दे दिए गए हैं, ताकि यह साफ हो सके कि ग्रेनेड में हुआ यह विस्फोट किसी तकनीकी खराबी के कारण हुआ था या इसके पीछे कोई अन्य वजह शामिल थी।
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