एजेंसी, भोपाल। MP New National Highway : देश की केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश के बुनियादी ढांचे और सड़क संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित केंद्रीय कैबिनेट की उच्च स्तरीय बैठक में मध्यप्रदेश के लिए एक नए भव्य राष्ट्रीय राजमार्ग (नेशनल हाईवे) के निर्माण प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। यह नया हाईवे राज्य के जुलवानिया, खंडवा और बैतूल जिलों से होकर गुजरेगा, जिससे प्रदेश के एक बड़े हिस्से की सूरत पूरी तरह बदल जाएगी। राज्य की भौगोलिक सीमा के भीतर इस महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना की कुल लंबाई लगभग 233.653 किलोमीटर होगी, जिसके निर्माण पर केंद्र सरकार द्वारा कुल 4415.50 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की जाएगी। इस बड़ी सौगात के बाद राज्य के सुदूर इलाकों में विकास की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश में कनेक्टिविटी को और बेहतर करने की दिशा में आज हमारी सरकार ने एक अहम निर्णय लिया है। इसके तहत राज्य में NH-347B के हिवरखेड़ी-रोशनी-आशापुर-रुधि सेक्शन को 2-लेन में अपग्रेड करने के साथ ही देशगांव-जुलवानिया सेक्शन को 2-लेन से 4-लेन में बदलने को मंजूरी दी गई है। इससे…
— Narendra Modi (@narendramodi) June 3, 2026
आदिवासी और नर्मदा नदी के तटीय क्षेत्रों में आर्थिक क्रांति और रोजगार का मार्ग होगा प्रशस्त
मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में मिली इस अनमोल सौगात के दूरगामी और बेहद सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। विशेष रूप से राज्य के पिछड़े आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों और पावन नर्मदा नदी के तटों से सटे ग्रामीण और शहरी इलाकों में चल रहे विकास कार्यों में अभूतपूर्व तेजी आएगी। इस आधुनिक मार्ग के निर्माण से न केवल वाहनों का आवागमन सुगम होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए और बेहतर अवसर भी पैदा होंगे। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में लिए गए इन महत्वपूर्ण फैसलों की आधिकारिक जानकारी देश की जनता के साथ साझा करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि आदिवासी बहुल खरगोन क्षेत्र से लेकर खंडवा तक जाने वाले इस नए मार्ग के कारण स्थानीय अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा मिलेगी। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यह पूरा क्षेत्र मां नर्मदा का आंचल है और पर्यटन की दृष्टि से इसमें अपार संभावनाएं छिपी हुई हैं, जिन्हें अब आसानी से निखारा जा सकेगा।
दो अलग-अलग हिस्सों में विभाजित करके किया जाएगा नए राष्ट्रीय राजमार्ग का आधुनिक विस्तार
इस विशाल सड़क परियोजना को पूरी तरह से आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए दो मुख्य तकनीकी हिस्सों में विभाजित किया गया है। परियोजना के पहले चरण के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 347 बी (एनएच-347 बी) के हिवरखेड़ी, रोशनी, आशापुर और रुधी खंड पर पहले से मौजूद इंटरमीडिएट लेन की सड़क को पूरी तरह अपग्रेड किया जाएगा। इसे पक्के और मजबूत शोल्डर स्टैंडर्ड के साथ बेहतरीन टू-लेन (2 लेन) सड़क के रूप में बदला जाएगा, जिसकी कुल लंबाई 125.01 किलोमीटर निर्धारित की गई है। वहीं, इसके दूसरे चरण के तहत एनएच-347 बी के ही देशगांव से जुलवानिया वाले हिस्से को हाइब्रिड एन्यूटी मोड (तकनीकी व्यवस्था) के अंतर्गत वर्तमान टू-लेन से बढ़ाकर शानदार फोर-लेन (4 लेन) चौड़ी सड़क में विस्तारित किया जाएगा, जो लगभग 108.643 किलोमीटर लंबा होगा।
खरगोन जिले को मिलेगा एक नया ग्रीनफील्ड बायपास और पीएम गतिशक्ति के आर्थिक गलियारों से जुड़ाव
इस महत्वाकांक्षी विकास परियोजना की सबसे खास बात यह है कि इसके तहत खरगोन जिले के शहरी क्षेत्र को भारी वाहनों के दबाव और ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए एक विशेष योजना बनाई गई है। इसके अंतर्गत शहर के बाहर 16.20 किलोमीटर लंबा एक बिल्कुल नया और आधुनिक ग्रीनफील्ड बायपास विकसित किया जाएगा। यह उन्नत और अत्याधुनिक कॉरिडोर मध्यप्रदेश के भीतर विभिन्न शहरों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी तो स्थापित करेगा ही, साथ ही केंद्र सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘पीएम गतिशक्ति योजना’ के छह बड़े आर्थिक केंद्रों (आर्थिक नोड्स) को आपस में जोड़ते हुए मल्टी-मॉडल परिवहन एकीकरण को भी बहुत बड़ा बढ़ावा देगा।
कपड़ा उद्योग, फूड पार्क और आदिवासी जिलों का एक साथ होगा कायाकल्प
यह राजमार्ग केवल एक साधारण सड़क नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के प्रमुख सामाजिक, आर्थिक और लॉजिस्टिक्स हब को आपस में जोड़ने वाला एक मजबूत कूटनीतिक गलियारा सिद्ध होगा। इस परियोजना के पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद राज्य का एक बड़ा कपड़ा क्लस्टर (टेक्सटाइल हब), दो विशाल मेगा फूड पार्क, एक आधुनिक औद्योगिक पार्क और दो बड़े सुपर थर्मल पावर प्लांट सीधे तौर पर मुख्य सड़क नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। इसके अलावा पांच महत्वपूर्ण सामाजिक केंद्रों सहित देश के दो आकांक्षी जिलों (खंडवा व बड़वानी) और तीन प्रमुख आदिवासी बाहुल्य जिलों (बैतूल, खंडवा और खरगोन) के नागरिकों को इसका सीधा प्रशासनिक और आर्थिक लाभ मिलेगा। यह नया मार्ग प्रदेश के पांच बड़े लॉजिस्टिक्स केंद्रों, दो प्रमुख रेलवे स्टेशनों, दो हवाई अड्डों और एक मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क को भी आपस में जोड़ेगा, जिससे माल ढुलाई की लागत और समय में भारी कमी आएगी।
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