Supreme Court Judges

शीर्ष अदालत को मिले 5 नए न्यायाधीश : राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद जारी हुआ आधिकारिक नोटिफिकेशन

देश/प्रदेश नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, नई दिल्ली। Supreme Court Judges : देश की न्याय व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार और राष्ट्रपति भवन की ओर से एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट को अब 5 नए न्यायाधीश मिल गए हैं। लंबे समय से चल रही कानूनी प्रक्रियाओं और विचार-विमर्श के बाद आखिरकार इन 5 नए जजों के नामों पर अंतिम मुहर लगा दी गई है। भारत के राष्ट्रपति द्वारा इन सभी नियुक्तियों को मंजूरी दिए जाने के बाद केंद्रीय कानून मंत्रालय के न्याय विभाग की तरफ से आधिकारिक रूप से इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। सोमवार की सुबह सरकार की तरफ से यह अधिसूचना सामने आई, जिसने सुप्रीम कोर्ट में जजों की खाली सीटों को भरने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया है।

नए जजों के आने से बढ़ेगी सुप्रीम कोर्ट की ताकत

इस नई नियुक्ति के बाद सुप्रीम कोर्ट में काम करने वाले न्यायाधीशों की संख्या में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इन सभी 5 नए जजों के औपचारिक रूप से शपथ लेने और अपना कार्यभार संभालने के बाद सुप्रीम कोर्ट में कुल जजों की संख्या बढ़कर 37 हो जाएगी। आपको बता दें कि देश की सबसे बड़ी अदालत के सुचारू संचालन के लिए स्वीकृत पदों की संख्या को हाल ही में बदला गया था, जिसके तहत अब कुल स्वीकृत संख्या 38 तय की गई है। इस लिहाज से देखा जाए तो नए जजों के आने के बाद भी सुप्रीम कोर्ट में स्वीकृत क्षमता से केवल 1 पद ही खाली रह जाएगा।

जानिए कौन हैं सुप्रीम कोर्ट के यह 5 नए न्यायाधीश

सरकार द्वारा जारी की गई अलग-अलग अधिसूचनाओं के मुताबिक जिन हस्तियों को शीर्ष अदालत का हिस्सा बनाया गया है, वे सभी कानून के क्षेत्र के दिग्गज माने जाते हैं। इनमें सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील वेंकिता सुब्रमणि मोहना का नाम शामिल है, जो लंबे समय से सुप्रीम कोर्ट में वकालत कर रही थीं। उनके अलावा कई राज्यों के उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों को प्रमोट करके सुप्रीम कोर्ट लाया गया है। इस सूची में बंबई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शील नागू, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अरुण पल्ली के नाम शामिल हैं। इन अनुभवी चेहरों के आने से सुप्रीम कोर्ट के कामकाज में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

जजों की स्वीकृत संख्या बढ़ाने के लिए लाया गया था अध्यादेश

सर्वोच्च अदालत में मुकदमों के बढ़ते बोझ और जजों की कमी की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने पिछले महीने ही एक बड़ा कदम उठाया था। सरकार द्वारा कानून में बदलाव करने के लिए एक विशेष अध्यादेश लाया गया था। इस अध्यादेश के माध्यम से भारत के मुख्य न्यायाधीश को मिलाकर सुप्रीम कोर्ट में जजों की कुल स्वीकृत संख्या को 34 से बढ़ाकर 38 करने का फैसला लिया गया था। इस बदलाव से पहले सुप्रीम कोर्ट में 2 पद खाली चल रहे थे, लेकिन स्वीकृत संख्या में 4 नए पद जुड़ने के बाद कुल खाली पदों की संख्या बढ़कर 6 हो गई थी। अब सोमवार को हुई इन 5 नई नियुक्तियों के बाद केवल 1 पद ही रिक्त बचा है।

कॉलेजियम की सिफारिश के बाद रिकॉर्ड समय में हुई नियुक्ति

न्यायाधीशों की नियुक्ति की यह पूरी प्रक्रिया बहुत ही तेज गति से पूरी की गई है। सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने बीते 27 मई को इन 5 नामों की सिफारिश सरकार को भेजी थी। कॉलेजियम के प्रस्ताव पर सरकार और राष्ट्रपति कार्यालय ने बहुत ही सक्रियता दिखाई और महज 4 दिनों के भीतर ही इन नियुक्तियों से जुड़ी सभी औपचारिकताओं को पूरा करके आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया। इतनी जल्दी हुई इस प्रक्रिया को न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच बेहतर तालमेल के रूप में देखा जा रहा है ताकि देश की जनता को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।

ये भी पढ़े : मध्य प्रदेश में किसान कल्याण और ग्रामीण समृद्धि का नया रोडमैप

ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें

Leave a Reply