चेन्नई| उदयनिधि 2 सितंबर को चेन्नई में सनातन उन्मूलन कार्यक्रम में शामिल हुए थे। अपनी स्पीच में उन्होंने सनातन धर्म की तुलना डेंगू, मलेरिया और कोरोना से की थी। सनातन धर्म को बीमारी बताने वाले तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ 262 शख्सियतों ने सुप्रीम कोर्ट को चिट्ठी लिखी है। इन लोगों ने सुप्रीम कोर्ट से खुद दखल देने की मांग की है। इनमें 14 जज, 130 ब्यूरोक्रेट्स और सेना के 118 रिटायर्ड अफसर शामिल हैं। इन्होंने तमिलनाडु सरकार के खिलाफ स्टालिन पर कोई एक्शन ना लेने के लिए कार्रवाई करने की मांग की है। इन लोगों में तेलंगाना हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस के श्रीधर राव, पूर्व डिफेंस सेक्रेटरी और राज्यसभा के पूर्व महासचिव आईएएस योगेंद्र नारायण, भारत सरकार के पूर्व सेक्रेटरी आईएएस समीरेंद्र चटर्जी और आईएएस धनेंद्र कुमार, पूर्व रॉ चीफ आईपीएस संजीव त्रिपाठी भी शामिल हैं। उदयनिधि ने 2 सितंबर को सनातन धर्म की तुलना डेंगू, मलेरिया और कोरोना से की। उन्होंने कहा- मच्छर, डेंगू, फीवर, मलेरिया और कोरोना ये कुछ ऐसी चीजें हैं, जिनका केवल विरोध नहीं किया जा सकता, बल्कि उन्हें खत्म करना जरूरी होता है। सनातन धर्म भी ऐसा ही है।
हाईकोर्ट के जज रह चुके एसएन ढींगरा और गोपाल कृष्ण ने शुरू की पहल
लेटर लिखने की पहल दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व जज एसएन ढींगरा और शिपिंग सेक्रेटरी गोपाल कृष्ण ने की थी। इन्होंने हेटस्पीच रोकने और शांति-व्यवस्था संभालने के लिए विचार करने की मांग भी की है। लेटर में लिखा गया कि उदयनिधि स्टालिन ने भारत के एक बड़े हिस्से के खिलाफ नफरत फैलाने वाला भाषण दिया है। संविधान में भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है इसलिए यह बयान सीधे तौर पर संविधान के खिलाफ है। इसके अलावा तमिलनाडु सरकार ने स्टालिन के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया बल्कि उन्हें बचाने की कोशिश की। यह कानून का उल्लंघन है। 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को नफरत फैलाने वाले भाषण या बयान पर तुरंत एक्शन लेने का ऑर्डर दिया था। लेटर में सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का हवाला दिया और लिखा कि तमिलनाडु सरकार ने एक्शन लेने में देरी की, यह सुप्रीम कोर्ट का अपमान है।
उदयनिधि का सिर कलम करने पर 10 करोड़ रुपए का इनाम
अयोध्या के संत परमहंस आचार्य ने 4 सितंबर को उदयनिधि के बयान पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि जो उदयनिधि का सिर कलम करके लाएगा, उसे 10 करोड़ रुपए का इनाम मिलेगा। इस दौरान उन्होंने उदयनिधि के पोस्टर पर तलवार चलाई।
उदयनिधि अपने बयान पर कायम, बोले- ये बात मैं लगातार कहूंगा
उधर, उदयनिधि अपने बयान पर कायम हैं। उन्होंने 3 सितंबर की शाम को फिर से सनातन धर्म को खत्म करने की बात दोहराई। उदयनिधि ने चेन्नई में पत्रकारों से बातचीत में कहा- मैं फिर से कह रहा हूं कि मैंने केवल सनातन धर्म की आलोचना की है और सनातन धर्म को समाप्त कर दिया जाना चाहिए। ये बात मैं लगातार कहूंगा। कुछ लोग बचकाना व्यवहार कर रहे हैं और कह रहे हैं कि मैंने नरसंहार के लिए आमंत्रित किया है।


