एजेंसी, रतलाम। Rajdhani Express Fire : मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से एक बेहद हैरान करने वाली और बड़ी दुर्घटना सामने आ रही है। कोटा रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले रतलाम जिले के आलोट स्टेशन के नजदीक त्रिवेंद्रम से दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन की ओर जा रही ट्रेन नंबर 12431 त्रिवेंद्रम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस के दो डिब्बों में अचानक भीषण आग लग गई। यह दर्दनाक हादसा रविवार की सुबह करीब साढ़े पांच बजे कोटा मंडल के लूणीरीछा और विक्रमगढ़ आलोट स्टेशन के बीच घटित हुआ। इस अचानक हुई आगजनी की घटना से ट्रेन में सफर कर रहे सैकड़ों यात्रियों के बीच भारी अफरा-तफरी, चीख-पुकार और दहशत का माहौल बन गया। गनीमत यह रही कि समय रहते राहत कार्य शुरू कर दिया गया, जिससे एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया।
#WATCH | Ratlam, Madhya Pradesh: The FSL (Forensic Science Laboratory) team inspects the burnt coach of Train No. 12431 Thiruvananthapuram–Hazrat Nizamuddin Rajdhani Express. Investigation is underway.
A fire broke out in an AC coach of the Thiruvananthapuram-Hazrat Nizamuddin… pic.twitter.com/qFzoq0UD50
— ANI (@ANI) May 17, 2026
धुआं उठने के बाद आग ने धारण किया विकराल रूप
प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, रविवार सुबह जब ट्रेन अपनी रफ्तार से दौड़ रही थी, तभी अचानक ट्रेन के बी-1 कोच से गहरा और काला धुआं उठता हुआ दिखाई दिया। जब तक लोग कुछ समझ पाते, तब तक महज कुछ ही मिनटों में इस आग ने बेहद विकराल और डरावना रूप अख्तियार कर लिया। देखते ही देखते ट्रेन का थर्ड एसी (B1) और उससे सटा हुआ एसएलआर (SLR) कोच पूरी तरह से आग की गगनचुंबी लपटों के घेरे में आ गया। आसमान में दूर-दूर तक उठती हुई आग की तेज लपटें और धुएं का गुबार साफ दिखाई दे रहा था, जिसे देखकर आसपास के पूरे ग्रामीण इलाके में भी हड़कंप मच गया। आग इतनी ज्यादा भयानक और तेज थी कि उसने कुछ ही पलों में थर्ड एसी और एसएलआर कोच को जलाकर पूरी तरह से खाक कर दिया।
आरपीएफ स्टाफ ने 15 मिनट में खाली कराया पूरा कोच
इस बेहद आपातकालीन स्थिति में ट्रेन के गार्ड ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत ही घटना की जानकारी लोको पायलट (ट्रेन ड्राइवर) को दी, जिसके बाद लोको पायलट ने बिना वक्त गंवाए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को तत्काल मौके पर ही रोक दिया। जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय आग से प्रभावित हुए बी-1 कोच के भीतर कुल 68 यात्री सवार थे जो गहरी नींद में थे। ट्रेन के रुकते ही ट्रेन में सुरक्षा के लिए तैनात आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) के जांबाज स्टाफ और अन्य रेल कर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और कोच में फंसे पैसेंजर्स को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए डि-बोर्डिंग का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। आरपीएफ के जवानों और सजग यात्रियों की तत्परता के कारण मात्र 15 मिनट के भीतर पूरे प्रभावित कोच को खाली करा लिया गया और सभी 68 यात्रियों को मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
सुरक्षा के मद्देनजर रोकी गई बिजली की सप्लाई
ट्रेन को रोकने के तुरंत बाद रेलवे प्रशासन ने सबसे पहला और बड़ा कदम उठाते हुए एहतियात के तौर पर ओएचई (ओवरहेड इलेक्ट्रिक) यानी बिजली की मुख्य सप्लाई को पूरी तरह से बंद करवा दिया। इसके साथ ही दुर्घटनाग्रस्त बी-1 और एसएलआर कोच का पूरी ट्रेन से बिजली और तकनीकी कनेक्शन काट दिया गया ताकि आग ट्रेन के बाकी अन्य डिब्बों में न फैल सके। बिजली की ओएचई लाइन बंद किए जाने के कारण दिल्ली-मुंबई के इस बेहद व्यस्त मुख्य रेलवे ट्रैक पर रेल यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया। इस रूट पर दौड़ने वाली करीब आधा दर्जन से अधिक महत्वपूर्ण रेल गाड़ियों के पहिए थम गए और उन्हें अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा। इस घटनाक्रम के चलते मुंबई सेंट्रल से जयपुर की ओर जाने वाली जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस (12955) को भी काफी देर तक महिदपुर रोड स्टेशन पर खड़ा रखना पड़ा।
कोटा मंडल से दुर्घटना राहत ट्रेन और डीआरएम पहुंचे मौके पर
कोटा रेल मंडल के वरिष्ठ डीसीएम सौरभ जैन ने इस पूरे हादसे की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि जैसे ही कंट्रोल रूम को राजधानी एक्सप्रेस में आग लगने की सूचना मिली, वैसे ही कोटा से तुरंत एक विशेष दुर्घटना राहत ट्रेन (एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन) और चिकित्सा सहायता टीम (एआरएमई) को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। हादसे की संवेदनशीलता को देखते हुए कोटा के डीआरएम अनिल कालरा समेत रेलवे के तमाम वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, स्थानीय पुलिस बल और दमकल की कई टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। दमकलकर्मियों और स्थानीय प्रशासन ने काफी घंटों की कड़ी मशक्कत और भारी संघर्ष के बाद डिब्बों में धधक रही आग पर पूरी तरह से काबू पाया।
यात्रियों के लिए नाश्ते का प्रबंध, कोटा में जुड़ेगा नया कोच
सीनियर डीसीएम सौरभ जैन ने आगे राहत की खबर देते हुए देश को बताया कि त्रिवेंद्रम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस के इस हादसे में दो कोच पूरी तरह प्रभावित जरूर हुए हैं, लेकिन सुरक्षाबलों की मुस्तैदी से सभी यात्रियों को सुरक्षित और सकुशल बाहर निकाल लिया गया है। इस पूरे हादसे में किसी भी प्रकार की कोई जनहानि या कैजुअल्टी नहीं हुई है, जो कि एक बहुत बड़ी राहत की बात है। रेलवे प्रशासन ने बी-1 कोच के प्रभावित और डरे हुए यात्रियों को दिलासा देते हुए मौके पर ही उनके लिए गर्म ब्रेकफास्ट (नाश्ते) और पीने के पानी का विशेष इंतजाम किया। इसके बाद इन सभी यात्रियों को आगे की यात्रा तय कराने के लिए ट्रेन के अन्य कोचों में खाली सीटों पर समायोजित (एडजस्ट) करके कोटा स्टेशन तक लाया जा रहा है। रेलवे ने योजना बनाई है कि कोटा रेलवे स्टेशन पर पहुंचते ही ट्रेन में एक अतिरिक्त नया एसी कोच जोड़ा जाएगा, जिसमें इन सभी यात्रियों को दोबारा आरामदायक तरीके से शिफ्ट कर दिया जाएगा। किसी भी प्रकार की पूछताछ और अपनों की जानकारी के लिए रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर और 139 सेवा को भी सक्रिय कर दिया है।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, उच्च स्तरीय जांच के कड़े आदेश
इस पूरी घटना को लेकर रेलवे के उच्च अधिकारियों का शुरुआती तौर पर मानना है कि आग लगने की मुख्य वजह तकनीकी तौर पर शॉर्ट सर्किट हो सकती है, लेकिन आग लगने के वास्तविक और सटीक कारणों का पता एक विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही साफ हो पाएगा। रेलवे बोर्ड और स्थानीय रेल प्रशासन ने इस पूरे गंभीर मामले को अत्यंत संवेदनशीलता से लेते हुए इसकी एक उच्च स्तरीय जांच (हाई लेवल इंक्वायरी) के कड़े आदेश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही एसएलआर कोच में रखे यात्रियों और रेलवे के पार्सल सामान के नुकसान का भी सटीक आकलन किया जा रहा है ताकि प्रभावितों को मुआवजा दिया जा सके।
युद्ध स्तर पर मरम्मत का कार्य जारी, जल्द बहाल होगा रूट
पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी (सीपीआरओ) हर्षित श्रीवास्तव ने इस घटनाक्रम पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि रविवार सुबह करीब सवा पांच से साढ़े पांच बजे के बीच बी-1 कोच में आग भड़की थी। घटना के तुरंत बाद हमारी तकनीकी टीम ने सूझबूझ दिखाते हुए दोनों प्रभावित कोचों को काटकर मुख्य ट्रेन से पूरी तरह अलग कर दिया है। अब हमारी पहली प्राथमिकता यह है कि वहाँ एक वैकल्पिक डीजल इंजन लाकर ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया जाए। सीपीआरओ ने यह भी स्वीकार किया कि भीषण आग की गर्मी के कारण ओएचई (ओवरहेड इलेक्ट्रिक) सिस्टम के तारों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसके चलते पूरी रेलवे लाइन कुछ समय के लिए ठप हो गई है। वर्तमान में रेलवे के सैकड़ों इंजीनियर्स और टेक्निकल स्टाफ की टीमें युद्ध स्तर पर ओएचई लाइन की मरम्मत और सुधार कार्य में जुटी हुई हैं। लाइन के ठीक होते ही दिल्ली-मुंबई रूट पर ट्रेनों का सामान्य संचालन फिर से बहाल कर दिया जाएगा।
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