रॉबर्ट वाड्रा

शिकोहपुर जमीन सौदा मामले में रॉबर्ट वाड्रा को राहत, दिल्ली कोर्ट से मिली जमानत; ईडी पर लगाए गंभीर आरोप

देश/प्रदेश नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, नई दिल्ली। Robert Vadra Bail : हरियाणा के शिकोहपुर जमीन सौदे से जुड़े चर्चित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी। अदालत ने 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर राहत प्रदान की। इस मामले की अगली सुनवाई अब 10 जुलाई को होगी। जमानत मिलने के बाद रॉबर्ट वाड्रा ने प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि जांच एजेंसी राजनीतिक दबाव में काम कर रही है। वहीं ईडी ने अदालत में वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध लेनदेन का मामला रखा।

शिकोहपुर जमीन सौदे से जुड़ा है पूरा मामला

यह मामला हरियाणा के गुरुग्राम स्थित शिकोहपुर गांव में हुई जमीन खरीद और बिक्री से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसी के अनुसार वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड ने साल 2008 में करीब साढ़े तीन एकड़ जमीन खरीदी थी। ईडी का आरोप है कि बाद में इसी जमीन को कई गुना अधिक कीमत पर बेचा गया, जिससे भारी आर्थिक लाभ कमाया गया। जांच एजेंसी का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितताएं हुईं और कथित तौर पर गलत तरीके से कमाए गए पैसे को वैध दिखाने की कोशिश की गई।

ईडी ने लगाए गंभीर आरोप

प्रवर्तन निदेशालय ने दावा किया कि जमीन खरीद के दौरान वास्तविक भुगतान और दस्तावेजों को लेकर कई सवाल सामने आए हैं। एजेंसी के मुताबिक बाद में जमीन की कीमत अचानक बढ़ी और इस सौदे से बड़ी रकम अर्जित की गई। ईडी का यह भी कहना है कि कथित अपराध से जुड़ी रकम को अलग-अलग संस्थाओं और लेनदेन के जरिए स्थानांतरित किया गया। जांच एजेंसी पहले ही इस मामले में करोड़ों रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर चुकी है।

अप्रैल में जारी हुआ था समन

दिल्ली की अदालत ने अप्रैल महीने में ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए रॉबर्ट वाड्रा और अन्य आरोपियों को समन जारी किया था। इसी के बाद वाड्रा को अदालत में पेश होना पड़ा। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और फिलहाल वाड्रा को जमानत दे दी। हालांकि मामला अभी खत्म नहीं हुआ है और आगे भी कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।

जमानत मिलते ही ईडी और सरकार पर साधा निशाना

कोर्ट से राहत मिलने के बाद रॉबर्ट वाड्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और वह हर जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी सरकार के इशारों पर काम कर रही है। वाड्रा ने कहा कि वह किसी भी दबाव से डरने वाले नहीं हैं और कानूनी तरीके से अपना पक्ष रखते रहेंगे।

हाई कोर्ट में भी जारी है कानूनी लड़ाई

इस मामले को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में भी सुनवाई चल रही है। वाड्रा की ओर से दलील दी गई है कि जिन घटनाओं का जिक्र किया जा रहा है, उस समय कुछ कानूनी धाराएं लागू नहीं थीं। इसलिए मौजूदा प्रावधानों के तहत कार्रवाई उचित नहीं मानी जा सकती। वहीं ईडी ने अदालत में कहा कि जांच के दौरान पर्याप्त तथ्य और दस्तावेज सामने आए हैं, जो मामले की गंभीरता को दर्शाते हैं। हाई कोर्ट ने अगली सुनवाई 18 मई के लिए तय की है।

लंबे समय से सुर्खियों में है मामला

शिकोहपुर जमीन सौदा मामला कई वर्षों से राजनीतिक और कानूनी बहस का केंद्र बना हुआ है। विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच इस मुद्दे पर लगातार आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। ऐसे में अदालत से मिली यह राहत एक बार फिर इस मामले को राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ले आई है।

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