सीएम मोहन यादव

सीएम मोहन यादव का बड़ा एलान : सिंहस्थ 2028 तक उज्जैन को मिलेगी ‘मेट्रो सिटी’ की नई वैश्विक पहचान

उज्जैन देश/प्रदेश प्रादेशिक मध्‍य प्रदेश

एजेंसी, उज्जैन। Ujjain Metro : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन के भविष्य को लेकर एक बड़ा विजन साझा करते हुए कहा है कि इस धार्मिक नगरी को अब ‘मेट्रो सिटी’ के रूप में नई पहचान दिलाई जाएगी। उज्जैन के मक्सी रोड स्थित जय गुरुदेव आश्रम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आगामी सिंहस्थ 2028 तक उज्जैन को न केवल एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र, बल्कि एक आधुनिक मेट्रो सिटी के रूप में भी पूरी तरह स्थापित कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उज्जैन अब केवल एक धार्मिक नगरी नहीं, बल्कि उत्सवों और आधुनिक सुविधाओं वाली नगरी के रूप में विकसित हो रही है।

सिंहस्थ 2028 और मेट्रो सिटी का लक्ष्य

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार का लक्ष्य 2028 के सिंहस्थ कुंभ मेले से पहले उज्जैन की तस्वीर बदलना है। इसके तहत शहर में बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को वैश्विक स्तर का बनाया जाएगा। उज्जैन को मेट्रो सिटी के रूप में विकसित करने का अर्थ है कि यहां परिवहन, सड़क और तकनीकी सुविधाएं एक बड़े महानगर की तर्ज पर होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ के दौरान जब दुनिया भर से श्रद्धालु यहां पहुंचेंगे, तो उन्हें आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ एक सुव्यवस्थित and आधुनिक शहर का अनुभव भी मिलेगा।

गीता भवन और गोपालन को प्रोत्साहन

धार्मिक और सांस्कृतिक विकास पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के हर जिले में ‘गीता भवन’ का निर्माण कराया जा रहा है। इन भवनों में भगवान कृष्ण के उपदेशों का वाचन होगा और लोग आध्यात्मिक अध्ययन कर सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भगवान कृष्ण के अनुयायी होने के नाते सरकार गोपालन और गोवंश संरक्षण को बढ़ावा दे रही है। राज्य सरकार उन परिवारों को आर्थिक सहायता भी प्रदान कर रही है जो गोपालन के कार्य से जुड़े हुए हैं। इसके अतिरिक्त, प्रदेश भर में नई गोशालाओं के निर्माण और उनके संरक्षण की दिशा में भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।

धार्मिक नगरों में शराबबंदी और सनातन परंपरा

मुख्यमंत्री ने समाज में संयम और नैतिकता को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उज्जैन सहित प्रदेश के 19 प्रमुख धार्मिक नगरों में पूर्ण शराबबंदी लागू की गई है। इन शहरों में ओंकारेश्वर, महेश्वर, दतिया, ओरछा और चित्रकूट जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने संतों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उनके द्वारा दिए गए मार्गदर्शन और शिक्षाओं के आधार पर ही प्रदेश में विकास और समाज कल्याण की नीतियां लागू की जा रही हैं।

आध्यात्मिक मार्गदर्शन और जीवन का दर्शन

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जय गुरुदेव आश्रम में गुरुदेव उमाकांत महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में मानव जीवन को दुर्लभ माना गया है और संतों द्वारा बताए गए मार्ग पर चलकर ही जीवन को सरल और संयमित बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि संतों के आशीर्वाद और सरकार के प्रयासों से मध्य प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं और अधिक समृद्ध होंगी, जिससे उज्जैन विश्व पटल पर एक अनूठे आधुनिक-आध्यात्मिक केंद्र के रूप में उभरेगा।

ये भी पढ़े : जांजगीर में जायदाद के लिए खूनी संघर्ष : अपनों ने ही बुझाया घर का चिराग, एक ही परिवार के 4 लोगों की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या

ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें

Leave a Reply