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यूएई भारत में करेगा पांच अरब डॉलर का भारी निवेश, पीएम मोदी और राष्ट्रपति अल नहयान के बीच छह महत्वपूर्ण समझौतों पर हुए हस्ताक्षर

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एजेंसी, अबू धाबी। UAE Investment : भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को एक नई ऊंचाई देते हुए शुक्रवार को छह प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद जायेद अल नहयान के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद इन समझौतों को अंतिम रूप दिया गया। इस अवसर पर यूएई ने भारत के विभिन्न क्षेत्रों में पांच अरब डॉलर के बड़े निवेश की भी आधिकारिक घोषणा की। यह निवेश ऊर्जा, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, तकनीक और आर्थिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

ऊर्जा सुरक्षा और एलपीजी आपूर्ति पर रणनीतिक सहयोग

दोनों देशों के बीच हुए समझौतों में ऊर्जा क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड (आईएसपीआरएल) और अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (एडीएनओसी) के बीच हुए करार के तहत विशाखापतनम और चांदीकोल में तीन करोड़ बैरल कच्चे तेल के भंडारण की संभावनाओं पर काम किया जाएगा। इसके साथ ही, इंडियन ऑयल लिमिटेड (आईओसीएल) और एडीएनओसी ने एलपीजी की दीर्घकालिक आपूर्ति और रणनीतिक सहयोग के लिए समझौता किया है। यह समझौता भारत की एलपीजी आवश्यकताओं को पूरा करने और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।

रक्षा और साइबर सुरक्षा के लिए नया ढांचा

रक्षा क्षेत्र में आपसी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों ने एक व्यापक रूपरेखा तैयार की है। इस समझौते के अंतर्गत उन्नत तकनीक, विशेष सैन्य संचालन, समुद्री सुरक्षा और साइबर रक्षा जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक सहयोग बढ़ाया जाएगा। सुरक्षित संचार और प्रशिक्षण के लिए भी नए मानक स्थापित किए जाएंगे ताकि दोनों देशों की सेनाओं के बीच रणनीतिक सामंजस्य बना रहे। इसके अतिरिक्त, समुद्री सुरक्षा और तकनीकी सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए भी सहमति बनी है।

समुद्री बुनियादी ढांचा और कौशल विकास

भारत को वैश्विक शिपबिल्डिंग और शिप रिपेयर का केंद्र बनाने की दिशा में कोचिन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल) और ड्राईडकॉक्स वर्ल्ड ने वाड़ीनार में शिप रिपेयर क्लस्टर स्थापित करने के लिए हाथ मिलाया है। इसके लिए एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं, जिसमें भारतीय समुद्री कार्यबल को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार प्रशिक्षित करने और उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करने का प्रावधान है। इससे भारत के समुद्री क्षेत्र के पेशेवरों को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी।

सुपरकंप्यूटिंग और एआई मिशन में बड़ी भागीदारी

प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत के ‘एआई मिशन’ को नई ताकत देने के लिए भारत के सीडैक और यूएई की कंपनी जी-42 के बीच समझौता हुआ है। इसके तहत भारत में 8 एक्साफ्लॉप क्षमता वाला सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर स्थापित किया जाएगा। वहीं, निवेश के मोर्चे पर भी बड़ी घोषणाएं की गई हैं। अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (एडीआईए) और भारत के एनआईआईएफ बुनियादी ढांचे में एक अरब डॉलर का निवेश करेंगे। इसके अलावा, एमिरेट्स न्यू डेवलपमेंट बैंक (ईएनबीडी) द्वारा आरबीएल बैंक में तीन अरब डॉलर और इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी द्वारा सममान कैपिटल में एक अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा। इन निवेशों से भारत की आर्थिक और तकनीकी क्षमताओं को जबरदस्त विस्तार मिलने की उम्मीद है।

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