एजेंसी, पुणे। Pune Hospital Bomb : महाराष्ट्र के पुणे शहर में एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां हडपसर इलाके के एक निजी अस्पताल के भीतर कम तीव्रता वाला विस्फोटक (लो-इंटेंसिटी डिवाइस) बरामद किया गया। यह बम जैसी डिवाइस अस्पताल के वॉशरूम में छिपाकर रखी गई थी, जिसमें कुछ तार एक डिजिटल टाइमर से जुड़े हुए थे। पुलिस के अनुसार, इस टाइमर को 7 घंटे के लिए सेट किया गया था, जिससे बड़ी अनहोनी की आशंका जताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही बम निरोधक दस्ते (बीइडीएस) ने मौके पर पहुंचकर विस्फोटक को सुरक्षित बाहर निकाला और एक खुले मैदान में ले जाकर उसे सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया।
VIDEO | Maharashtra: A suspicious object was found near a hospital in the Hadapsar area of Pune.
A team of the Bomb Detection and Disposal Squad (BDDS) was immediately rushed to the spot and it took the object to a nearby ground and disposed it of.
(Full video available on PTI… pic.twitter.com/xXCre0Etrp
— Press Trust of India (@PTI_News) May 13, 2026
अस्पताल की दूसरी मंजिल पर मिला विस्फोटक
अस्पताल के डॉक्टर विलास गायकवाड़ ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि शाम करीब 7:30 बजे अस्पताल की दूसरी मंजिल पर बने वॉशरूम में एक संदिग्ध डिब्बा देखा गया। डिब्बे के अंदर तारों से जुड़े कुछ डंडे जैसी वस्तुएं थीं, जो एक टाइमर से जुड़ी हुई थीं। संदिग्ध वस्तु की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुणे पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार के नेतृत्व में बम निरोधक दस्ते ने प्रोटोकॉल के तहत कार्रवाई शुरू की। डिवाइस को ग्लाइडिंग सेंटर के एक खुले मैदान में ले जाया गया, जहां उसे सुरक्षित रूप से ब्लास्ट कर निष्क्रिय कर दिया गया।
सीसीटीवी और चश्मदीदों के आधार पर जांच तेज
इस मामले में आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) और क्राइम ब्रांच की टीमें भी सक्रिय हो गई हैं। एनसीपी विधायक चेतन विट्ठल तुपे ने चश्मदीदों के हवाले से बताया कि दोपहर या शाम के समय एक संदिग्ध कार अस्पताल के पास आकर रुकी थी, जिसमें से एक व्यक्ति बाहर निकला और कुछ देर बाद वापस लौट गया। पुलिस अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और डॉक्टरों सहित पूरे स्टाफ से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल आतंकवाद सहित सभी संभावित पहलुओं से इस मामले की जांच की जा रही है।
बेंगलुरु में भी पीएम मोदी के रूट पर मिली थी विस्फोटक सामग्री
पुणे की इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता इसलिए भी बढ़ा दी है क्योंकि ठीक एक दिन पहले बेंगलुरु में भी इसी तरह का मामला सामने आया था। वहां प्रधानमंत्री मोदी के 10 मई के दौरे के दौरान जिस रूट से उनका काफिला गुजरना था, वहां से पुलिस को जिलेटिन की छड़ें मिली थीं। इसके तीन दिन बाद पुलिस को उसी स्थान के पास से एक इलेक्ट्रॉनिक सर्किट और टाइमर भी बरामद हुआ है, जो एक गत्ते के डिब्बे में रखे थे।
संदिग्ध कॉलर की गिरफ्तारी और पुलिस की सतर्कता
बेंगलुरु पुलिस को 10 मई की सुबह एक फोन कॉल आया था जिसमें बम लगाने का दावा किया गया था। इस कॉल के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कोरमंगला इलाके से एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान हाईवे से कुछ ही मीटर की दूरी पर जिलेटिन का डिब्बा बरामद हुआ था। पुलिस को आशंका है कि संदिग्ध आरोपी विस्फोटक को असेंबल (जोड़ने) में सफल नहीं हो पाए थे, जिससे एक बड़ा खतरा टल गया। पुणे और बेंगलुरु की इन दोनों घटनाओं के तार जुड़े होने की संभावनाओं को लेकर भी एजेंसियां सतर्क हैं।
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