होर्मुज को फिर से खोलना चीन के हित में होगा, अमेरिका ने जिनपिंग को दी नसीहत
एजेंसी, बीजिंग। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी नेता शी जिनपिंग की मुलाकात ने वैश्विक राजनीति में नई सुगबुगाहट पैदा कर दी है। एएफपी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने गुरुवार को इस बातचीत को अत्यंत सकारात्मक और भविष्य के लिए सुखद बताया है। एसोसिएटेड प्रेस की खबरों की मानें तो ट्रंप ने शी जिनपिंग को आगामी 24 सितंबर को व्हाइट हाउस के आधिकारिक दौरे के लिए आमंत्रित किया है, जो दोनों देशों के बीच संबंधों को सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
होर्मुज जलमार्ग का खुलना चीन की ऊर्जा सुरक्षा के लिए आवश्यक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मध्य पूर्व में दोबारा बड़े सैन्य अभियान शुरू करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ईरान के साथ जारी वार्ताओं में उसकी कठोर स्थिति से नाराज हैं। व्हाइट हाउस कथित तौर पर ‘ऑपरेशन प्रोजेक्ट फ्रीडम’ फिर शुरू कर होरमुज… pic.twitter.com/FDowlGB6lw
— यूनीवार्ता (@univartaindia1) May 12, 2026
इसी बीच अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा कि होर्मुज जलमार्ग को फिर से सुचारू रूप से खोलना चीन के अपने हितों के लिए बहुत जरूरी है। बेसेंट का मानना है कि चीन इस दिशा में हर संभव प्रयास करेगा क्योंकि यह जलडमरूमध्य वैश्विक व्यापार और विशेषकर ऊर्जा आपूर्ति के लिए जीवन रेखा के समान है। उन्होंने आगे कहा कि चीन पर्दे के पीछे रहकर उन सभी पक्षों और ताकतों के साथ बातचीत कर रहा है जिनका ईरानी नेतृत्व पर गहरा प्रभाव है, ताकि इस महत्वपूर्ण रास्ते को जल्द से जल्द सुरक्षित बनाया जा सके।
संबंधों में नई ऊंचाइयों की तलाश: राष्ट्रपति ट्रंप की सकारात्मक प्रतिक्रिया
बैठक के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि आज सुबह चीनी प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बातचीत बेहद सार्थक और सकारात्मक रही। उन्होंने जोर देकर कहा कि शाम को दोस्तों के बीच उन मुद्दों पर चर्चा करने का एक और बेहतरीन अवसर मिला है, जो संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन दोनों के लिए फायदेमंद साबित होंगे। ट्रंप ने इस मुलाकात को अपने लिए एक बड़ा सम्मान बताते हुए कहा कि दोनों देशों का साथ आना दुनिया के लिए एक अच्छा संदेश है।
चीन ने भी बढ़ाया दोस्ती का हाथ: प्रतिद्वंद्वी नहीं, साझेदार बनने पर जोर
वहीं दूसरी ओर, चीनी नेता शी जिनपिंग ने भी सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि चीन की प्रगति अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रसिद्ध नारे ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ के विरुद्ध नहीं बल्कि उसके अनुकूल ही है। जिनपिंग ने दोनों देशों के आपसी संबंधों की तुलना एक “महान जहाज” से करते हुए आह्वान किया कि इसे संयुक्त रूप से सही दिशा में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में अमेरिका और चीन को एक-दूसरे का प्रतिद्वंद्वी होने के बजाय भरोसेमंद साझेदार होना चाहिए।
ईरान ने चीनी जहाजों को दी होर्मुज से गुजरने की मंजूरी
इस कूटनीतिक हलचल के बीच एक बड़ी खबर ईरान से भी आई है। होर्मुज के प्रबंधन और संचालन को लेकर बने नए प्रोटोकॉल पर सहमति बनने के बाद ईरान ने कुछ विशेष चीनी जहाजों को वहां से गुजरने की इजाजत देना शुरू कर दिया है। अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फ़ार्स ने एक विश्वसनीय सूत्र के हवाले से गुरुवार को यह जानकारी साझा की है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब व्हाइट हाउस ने भी इस बात की पुष्टि की है कि ट्रंप और जिनपिंग दोनों ही इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को पूरी तरह से फिर से खोलने की आवश्यकता पर सहमत हैं।
व्यापार और कमर्शियल गतिविधियों पर पड़ेगा सीधा असर
होर्मुज जलमार्ग के फिर से खुलने से न केवल अंतरराष्ट्रीय व्यापार को मजबूती मिलेगी, बल्कि एलपीजी और अन्य ईंधन की आपूर्ति भी सुगम हो सकेगी। चीन के लिए यह मार्ग इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उसकी अधिकांश कमर्शियल ऊर्जा आवश्यकताएं इसी मार्ग से होकर आने वाले जहाजों पर टिकी हैं। अगर यह समझौता सफल रहता है, तो आने वाले समय में वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में भी स्थिरता देखने को मिल सकती है।
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