Suvendu Adhikari

शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट पर बरकरार रहने का किया फैसला, नंदीग्राम सीट से देंगे इस्तीफा : चुनाव परिणामों के विश्लेषण के साथ पूरी रिपोर्ट

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एजेंसी, कोलकाता। Suvendu Adhikari Bhabanipur : पश्चिम बंगाल की राजनीति से आज एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी पारंपरिक भवानीपुर विधानसभा सीट को अपने पास रखेंगे और नंदीग्राम की सीट छोड़ देंगे। गौरतलब है कि हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में शुभेंदु अधिकारी ने इन दोनों ही सीटों पर शानदार जीत दर्ज की थी। बुधवार को उन्होंने भवानीपुर से विधायक के रूप में विधानसभा की सदस्यता की शपथ भी ग्रहण कर ली है, जिससे अब उनके भविष्य की राजनीतिक दिशा साफ हो गई है।

नंदीग्राम के विकास को लेकर मुख्यमंत्री का आश्वासन

विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भावुक और रणनीतिक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भले ही नंदीग्राम सीट पर अब उपचुनाव होगा और वहां से कोई नया चेहरा विधायक बनेगा, लेकिन वह नंदीग्राम की जनता को कभी भी अपनी कमी महसूस नहीं होने देंगे। उन्होंने वहां के निवासियों को भरोसा दिलाया कि चुनाव के दौरान विकास से संबंधित जो भी वादे किए गए थे, उन्हें हर हाल में पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नंदीग्राम के विकास की जिम्मेदारी उनकी प्राथमिकता में शामिल रहेगी।

पुराना अनुभव और नंदीग्राम से जुड़ाव

मुख्यमंत्री ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए नंदीग्राम के साथ अपने गहरे रिश्तों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 से 2016 के बीच जब फिरोजा बीबी वहां से विधायक थीं, तब भी वह आधिकारिक तौर पर वहां के विधायक न होते हुए भी क्षेत्र के कार्यों में पूरी तरह सक्रिय थे। उन्होंने याद दिलाया कि 2008 के नंदीग्राम पुलिस गोलीबारी कांड के शहीदों के परिवारों के साथ वह हमेशा खड़े रहे हैं। उन्होंने जनता को विश्वास दिलाया कि वह भविष्य में भी नंदीग्राम के लिए वैसी ही सहायक भूमिका निभाते रहेंगे जैसी उन्होंने पहले निभाई थी।

भवानीपुर और नंदीग्राम के चुनावी आंकड़ों का विश्लेषण

इस बार के विधानसभा चुनाव के आंकड़ों पर गौर करें तो शुभेंदु अधिकारी का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने ममता बनर्जी के गढ़ माने जाने वाले भवानीपुर क्षेत्र में उन्हें कांटे के मुकाबले में 15,105 वोटों के अंतर से पराजित किया। यह जीत उनके लिए राजनीतिक रूप से काफी बड़ी मानी जा रही है। वहीं, अगर नंदीग्राम की बात करें, जिसे शुभेंदु अधिकारी का अपना मजबूत किला माना जाता है, वहां उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार पवित्र कर को 9,665 वोटों के अंतर से हराया था। इन दोनों सीटों पर मिली जीत ने राज्य की राजनीति में उनके बढ़ते कद को प्रमाणित किया है।

राज्य के आगामी विकास की रूपरेखा

मुख्यमंत्री ने बातचीत के दौरान यह भी संकेत दिए कि उनकी सरकार का लक्ष्य पूरे राज्य का समान विकास करना है। भवानीपुर सीट को पास रखने का फैसला उन्होंने रणनीतिक और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए लिया है। उन्होंने साफ कहा कि राज्य के बाकी हिस्सों की तरह ही नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों ही क्षेत्रों के लोगों की उम्मीदों पर वह खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे। अब सबकी नजरें नंदीग्राम में होने वाले आगामी उपचुनाव पर टिकी हैं कि वहां से पार्टी किसे अपना नया उम्मीदवार बनाती है।

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