एजेंसी, चेन्नई। तमिलनाडु फ्लोर टेस्ट : तमिलनाडु की राजनीति में कल होने वाले फ्लोर टेस्ट से पहले एक बहुत बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। मुख्यमंत्री और टीवीके प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने विपक्षी दल एआईएडीएमके के बागी गुट के बड़े नेताओं एसपी वेलुमणि और सीवी षणमुगम से मुलाकात की है। इस रणनीतिक मुलाकात के बाद राज्य के सियासी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। माना जा रहा है कि एआईएडीएमके के करीब 30 विधायक कल होने वाले फ्लोर टेस्ट में मुख्यमंत्री विजय की सरकार के पक्ष में मतदान करेंगे, जिससे सरकार पर मंडरा रहा संकट पूरी तरह खत्म हो सकता है।
AIADMK faction led by MLAs Velumani-Shanmugam extends support to ruling TVK.
Convene party’s general council meeting immediately, says AIADMK MLA Velumani.
AIADMK MLA Shanmugam claims party chief Palaniswami wanted to have alliance with DMK to form govt.
AIADMK faction MLAs to… pic.twitter.com/AM7tELY23p
— Press Trust of India (@PTI_News) May 12, 2026
विपक्षी खेमे में बड़ी बगावत और मुख्यमंत्री का स्वागत
मुख्यमंत्री विजय जब चेन्नई स्थित एआईएडीएमके के स्थानीय कार्यालय पहुंचे, तो वहां का दृश्य चौंकाने वाला था। विपक्ष के दफ्तर में सत्ताधारी दल के मुख्यमंत्री का स्वागत न केवल फूलों के गुलदस्ते देकर किया गया, बल्कि उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया गया। विजय ने वहां मौजूद बागी नेताओं और अन्य विधायकों के साथ काफी देर तक गोपनीय चर्चा की। बता दें कि सीवी षणमुगम और एसपी वेलुमणि ने पहले ही विजय को अपना समर्थन देने के संकेत दे दिए थे, लेकिन अब यह गठबंधन धरातल पर उतरता दिख रहा है।
एआईएडीएमके में दो फाड़: पलानीस्वामी की बढ़ी मुश्किलें
एआईएडीएमके इस समय अपने इतिहास के सबसे बड़े आंतरिक संकट से गुजर रही है। पार्टी के कुल 47 विधायक हैं, जिनमें से 30 विधायकों का साथ बागी गुट के पास बताया जा रहा है। दरअसल, पार्टी महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने विजय सरकार को समर्थन देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद पार्टी के भीतर असंतोष का ज्वालामुखी फट गया। साल 2019 से लेकर 2026 तक के चुनावों में मिली लगातार हार के कारण कई वरिष्ठ नेता और विधायक पलानीस्वामी के नेतृत्व से नाराज हैं और वे अब मुख्यमंत्री विजय के साथ जाने को तैयार हैं।
बहुमत का गणित और विजय का मास्टरस्ट्रोक
हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में विजय की पार्टी टीवीके ने 234 में से 108 सीटें जीतकर शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन बहुमत के आंकड़े (118) से वह 10 सीटें दूर रह गई थी। इसी कमी को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री ने विपक्ष के भीतर की कमजोरी को अपनी ताकत बनाया है। यदि एआईएडीएमके के 30 विधायक और कांग्रेस के 5 विधायक कल सरकार के पक्ष में वोट करते हैं, तो विजय न केवल फ्लोर टेस्ट पास कर लेंगे, बल्कि सदन में एक बेहद मजबूत स्थिति में आ जाएंगे।
कांग्रेस ने भी दिया समर्थन का भरोसा
सिर्फ एआईएडीएमके के बागी ही नहीं, बल्कि कांग्रेस भी इस बार मुख्यमंत्री विजय के साथ खड़ी नजर आ रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के. सेल्वपेरुन्थगई ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पार्टी के सभी 5 विधायक कल टीवीके सरकार के पक्ष में ही वोट डालेंगे। कल होने वाली यह वोटिंग न केवल मुख्यमंत्री विजय की कुर्सी को सुरक्षित करेगी, बल्कि एआईएडीएमके के भीतर पलानीस्वामी के वर्चस्व को भी एक बड़ी चुनौती देगी। राज्य की जनता और राजनैतिक पंडितों की नजरें अब कल सुबह होने वाली विधानसभा की कार्यवाही पर टिकी हैं।
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