एजेंसी, नई दिल्ली/सलाया। Indian Sailor Killed : पश्चिम एशिया में जारी भीषण तनाव के बीच एक दुखद खबर सामने आई है। होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रैट ऑफ होर्मुज) को पार कर यमन जा रहा एक मालवाहक जहाज ईरान और अमेरिका के बीच हो रही ‘क्रॉस-फायरिंग’ की चपेट में आ गया। इस गोलाबारी में जहाज पर तैनात भारतीय क्रू सदस्य अल्ताफ तालाब केर की दर्दनाक मौत हो गई है। मृतक नाविक गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले के सलाया का निवासी था।
“A wooden Dhow, carrying general cargo, with 18 Indian crew capsized yesterday close to the Strait of Hormuz after it caught fire. The exact cause of the fire is being ascertained. The crew members were rescued by a vessel which was passing by. In this incident, one Indian on…
— ANI (@ANI) May 9, 2026
गोलाबारी से जहाज में हुए छेद और फिर जलसमाधि
प्राप्त विवरण के अनुसार, ‘MSV अल फायज नूर सुलेमानी-1’ नामक यह मालवाहक जहाज दुबई से आवश्यक सामान लादकर यमन की ओर रवाना हुआ था। समुद्र के बीच में जब यह जहाज ईरान और अमेरिका की सेनाओं के बीच चल रही अंधाधुंध फायरिंग के दायरे में आया, तो गोलियां लगने से जहाज के ढांचे में बड़े-बड़े छेद हो गए। इसके परिणामस्वरूप जहाज में तेजी से पानी भरने लगा और वह डूबने लगा। इस दौरान सलाया के अल्ताफ केर इंजन रूम में अपनी ड्यूटी पर तैनात थे, जहाँ गंभीर चोटें लगने के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया।
17 भारतीय नाविक सुरक्षित बचाए गए
जिस समय यह हादसा हुआ, जहाज पर अल्ताफ के अलावा 17 अन्य नाविक भी सवार थे। जहाज को डूबता देख पास से गुजर रहे एक अन्य समुद्री जहाज ने समय रहते तत्परता दिखाई और सभी 17 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया। राहत की बात यह है कि ये सभी नाविक अब दुबई के सुरक्षित बंदरगाह पर पहुंच चुके हैं, जहाँ से उनके भारत लौटने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। हालांकि, अपने साथी को खोने के कारण सभी नाविक गहरे सदमे में हैं।
भारत सरकार से पार्थिव शरीर लाने की गुहार
इस घटना के बाद इंडियन सेलिंग वेसल्स एसोसिएशन के सचिव आदम भैया ने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय को ई-मेल भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। एसोसिएशन ने अनुरोध किया है कि मृतक अल्ताफ केर के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द उनके पैतृक गांव सलाया लाने के लिए विशेष व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही दुबई में मौजूद अन्य 17 भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी और मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अन्य कानूनी दस्तावेजों को त्वरित गति से तैयार करने की अपील की गई है।
सलाया में शोक की लहर और बढ़ती चिंता
अल्ताफ की मौत की खबर पहुंचते ही सलाया के नाविक समुदाय और उनके परिवार में मातम छा गया है। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर काम करने वाले नाविकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। होर्मुज के रास्ते होने वाले व्यापार पर इस संघर्ष का सीधा असर पड़ रहा है, जिससे न केवल आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि निर्दोष कामगारों को अपनी जान भी गंवानी पड़ रही है। स्थानीय समुदाय ने सरकार से मांग की है कि युद्धग्रस्त क्षेत्रों में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।
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