Bandi Sanjay Son Case

यौन उत्पीड़न के आरोपों के बीच केंद्रीय मंत्री के बेटे पर पोक्सो कानून के तहत मुकदमा, उगाही का जवाबी आरोप भी दर्ज

देश/प्रदेश नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, नई दिल्ली। Bandi Sanjay Son Case : केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार के बेटे भगीरथ एक गंभीर कानूनी विवाद में फंस गए हैं। उन पर एक नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न के संगीन आरोप लगे हैं, जिसके आधार पर पुलिस ने पोक्सो (POCSO) अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। इस घटना के सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है, वहीं दूसरी ओर भगीरथ ने भी लड़की के परिवार पर गंभीर जवाबी आरोप लगाए हैं।

नाबालिग की मां ने लगाए गंभीर आरोप

यह मामला तब प्रकाश में आया जब 17 वर्षीय पीड़िता की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, केंद्रीय मंत्री के बेटे भगीरथ और उनकी बेटी के बीच पिछले सात-आठ महीनों से प्रेम-संबंध था। पीड़िता की मां का आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने उनकी बेटी का शारीरिक शोषण और यौन उत्पीड़न किया। पुलिस ने इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत केस दर्ज कर लिया है, हालांकि जांच अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता, जो अभी एक छात्रा है, उससे विस्तृत पूछताछ की जानी बाकी है।

भगीरथ का पलटवार: उगाही और धमकी की शिकायत

इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब आरोपी भगीरथ ने भी करीमनगर पुलिस में एक जवाबी शिकायत दर्ज कराई। भगीरथ का दावा है कि उनकी उस लड़की से केवल जान-पहचान थी और लड़की ने उन्हें कई बार अपने पारिवारिक कार्यक्रमों और पार्टियों में आमंत्रित किया था। अपनी शिकायत में उन्होंने कहा कि वह लड़की के परिवार को भरोसेमंद मानकर अपने दोस्तों के साथ उनके साथ कुछ धार्मिक यात्राओं पर भी गए थे। भगीरथ के अनुसार, इसी जान-पहचान का फायदा उठाकर लड़की और उसके माता-पिता उन पर शादी के लिए दबाव बनाने लगे।

5 करोड़ रुपये की मांग और ब्लैकमेलिंग का दावा

भगीरथ ने अपनी प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि जब उन्होंने शादी के प्रस्ताव को ठुकरा दिया, तो लड़की के परिवार ने उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। उनके अनुसार, लड़की के माता-पिता ने उनसे भारी भरकम राशि की मांग की और पैसे न देने पर झूठी शिकायत दर्ज कराने की धमकी दी। भगीरथ का दावा है कि शुरुआती डर के कारण उन्होंने लड़की के पिता को 50,000 रुपये दे दिए थे, लेकिन इसके बाद परिवार की मांग बढ़कर 5 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। शिकायत में यह भी कहा गया है कि परिवार ने उन्हें डराने के लिए आत्महत्या तक की धमकी दी थी।

जांच के घेरे में दोनों पक्ष

पुलिस ने अब दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। एक ओर जहाँ पोक्सो जैसा गंभीर कानून शामिल है, वहीं दूसरी ओर करोड़ों रुपये की उगाही और आपराधिक धमकी के दावों ने मामले को उलझा दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कॉल रिकॉर्ड्स, वित्तीय लेन-देन और गवाहों के बयानों के आधार पर सच का पता लगाया जाएगा। चूंकि मामला एक केंद्रीय मंत्री के परिवार से जुड़ा है, इसलिए प्रशासन अत्यंत सावधानी बरत रहा है ताकि न्यायसंगत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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