एजेंसी, कोलकाता। Bengal Election 2026 : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से पहले चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपना लिया है। आयोग ने साफ कर दिया है कि चुनावी ड्यूटी में किसी भी तरह की कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी। इसी कड़ी में दक्षिण 24 परगना के डायमंड हार्बर पुलिस जिले के पांच पुलिस अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इन अधिकारियों पर सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही और ड्यूटी में ढिलाई बरतने का गंभीर आरोप है।
STORY | EC orders suspension of 5 police officers in Bengal for ‘serious misconduct’ during polls
The Election Commission has directed the West Bengal government to suspend five police officials in Diamond Harbour and initiate disciplinary action against them, for “serious… pic.twitter.com/6pp31JAa22
— Press Trust of India (@PTI_News) April 25, 2026
इन पुलिस अधिकारियों पर हुई कार्रवाई
निलंबित होने वाले अधिकारियों में सबसे प्रमुख नाम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और आईपीएस अधिकारी संदीप गराई का है। उनके साथ ही सब-डिविजनल पुलिस अधिकारी साजल मंडल, डायमंड हार्बर के इंस्पेक्टर-इन-चार्ज मौसाम चक्रवर्ती, फलता के इंस्पेक्टर-इन-चार्ज अजय बाग और उस्ती थाने की अधिकारी साधना बाग को भी सस्पेंड कर दिया गया है। आयोग ने इन सभी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए हैं।
पुलिस अधीक्षक को भी कड़ी फटकार
चुनाव आयोग ने डायमंड हार्बर की पुलिस अधीक्षक (एसपी) ईशानी पाल को भी कड़ी चेतावनी दी है। आयोग ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अपने जूनियर अधिकारियों के काम की निगरानी करना उनकी जिम्मेदारी थी, जिसमें वे नाकाम रहीं। आयोग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निचले स्तर से लेकर शीर्ष अधिकारियों तक सभी की जवाबदेही तय की जाएगी।
सुरक्षा पुख्ता करने के लिए 11 नए पर्यवेक्षक नियुक्त
29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए आयोग ने 11 अतिरिक्त पुलिस पर्यवेक्षकों (ऑब्जर्वर्स) की तैनाती की है। राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के मुताबिक, इन सभी पर्यवेक्षकों को दूसरे राज्यों से विशेष तौर पर बुलाया गया है। इनका मुख्य काम मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाना और किसी भी तरह के तनाव को रोकना होगा।
हिंसा रोकने के लिए आयोग ने कसी कमर
23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान के दौरान कुछ इलाकों से छिटपुट हिंसा और झड़पों की खबरें आई थीं। इसी अनुभव को देखते हुए आयोग दूसरे चरण में सुरक्षा का कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहता। इन 11 नए अधिकारियों की नियुक्ति के बाद अब राज्य में पुलिस पर्यवेक्षकों की कुल संख्या बढ़कर 95 हो गई है, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। संवेदनशील इलाकों की पहचान कर ली गई है और वहां अतिरिक्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। इन सभी बाहरी पर्यवेक्षकों की सुरक्षा का जिम्मा स्थानीय पुलिस को सौंपा गया है।
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