भोपाल

भोपाल में छात्रा से धोखाधड़ी और शोषण : मुस्लिम संगठन ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर दी मुख्यमंत्री निवास घेरने की चेतावनी

देश/प्रदेश प्रादेशिक भोपाल मध्‍य प्रदेश

एजेंसी, भोपाल। Bhopal Crime News : मध्य प्रदेश की राजधानी में एक इंजीनियरिंग छात्रा के साथ नाम बदलकर दोस्ती करने, शारीरिक शोषण और फिर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में नया मोड़ तब आया जब एक मुस्लिम संगठन ने पीड़िता का साथ देते हुए आरोपियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए पुलिस प्रशासन को आरोपियों को जल्द पकड़ने की चेतावनी दी है।

पहचान छिपाकर दोस्ती और शादी का झांसा

पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, साल 2023 में उसकी मुलाकात एक युवक से हुई थी जिसने अपना नाम ‘आशीष पांडे’ बताया था। आरोपी ने छात्रा को शादी का सपना दिखाया और उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। छात्रा को बाद में पता चला कि युवक का असली नाम आसिफ रजा है। असलियत सामने आने और शादी का दबाव बनाने पर आरोपी ने हाथ पीछे खींच लिए।

गर्भवती होने पर तेजाब फेंकने की धमकी

छात्रा का आरोप है कि जनवरी 2026 में जब उसने अपने गर्भवती होने की बात आरोपी को बताई, तो वह अपने दो दोस्तों के साथ उसके घर पहुँच गया। वहां उसने शादी से इनकार कर दिया और छात्रा पर धर्म बदलने का दबाव बनाया। छात्रा के मना करने पर आरोपियों ने उसे जान से मारने और चेहरे पर तेजाब फेंकने जैसी खौफनाक धमकियां दीं। साथ ही छात्रा ने आरोपी पर ब्लैकमेलिंग और पैसे ऐंठने के भी आरोप लगाए हैं।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

मार्च 2026 में मामला दर्ज होने के बावजूद अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। छात्रा का कहना है कि उसे लगातार धमकियां मिल रही हैं जिससे वह घर से निकलने में भी डर रही है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शुरुआत में मामला दर्ज करने में ढिलाई बरती और समझौते का दबाव भी बनाया। एक आरोपी को पकड़ने के बाद छोड़ देने की बात भी सामने आई है।

मुस्लिम संगठन ने बढ़ाया मदद का हाथ

इस मामले में ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने पीड़िता को अपनी बेटी बताते हुए उसकी कानूनी लड़ाई और आगे की पढ़ाई का सारा खर्च उठाने का ऐलान किया है। कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि नाम बदलकर किसी का शोषण करना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे आरोपियों के साथ नहीं बल्कि पीड़ित बेटी के साथ खड़े हैं और इसे किसी समुदाय विशेष से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

एक सप्ताह का अल्टीमेटम और मुख्यमंत्री निवास का घेराव

संगठन ने सरकार और पुलिस प्रशासन को सात दिन का समय दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि तय समय में आरोपियों को जेल नहीं भेजा गया, तो वे बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। संगठन ने राजधानी में महिला सुरक्षा के दावों पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

कड़े कानूनों के तहत मामला दर्ज

महिला थाना पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 के तहत मामला दर्ज किया है। इसमें जबरन धर्म परिवर्तन की कोशिश और धोखाधड़ी जैसी धाराएं शामिल हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच की बात कह रही है, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी न होना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है।

ये भी पढ़े : ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई की हालत नाजुक : गंभीर चोटों के बाद सेना के जनरल संभाल रहे हैं देश की कमान

ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें

Leave a Reply