कोलकाता/चेन्नई

बंगाल और तमिलनाडु में बंपर वोटिंग : भारी मतदान से सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट या टीएमसी की वापसी?

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एजेंसी, कोलकाता/चेन्नई। Bengal Election Voting : पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान और तमिलनाडु की सभी सीटों पर वोट डालने के लिए लोगों में भारी उत्साह देखा गया। चुनाव आयोग द्वारा शाम 5 बजे तक जारी किए गए रुझानों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में लगभग 89.93 प्रतिशत और तमिलनाडु में करीब 82.24 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई है।

बंगाल और तमिलनाडु में जिलों के अनुसार वोटिंग का हाल

पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में मतदान का स्तर काफी ऊंचा रहा। दक्षिण दिनाजपुर में सबसे अधिक 93.12 प्रतिशत वोट पड़े, जबकि कूचबिहार में 92.07 और बीरभूम में 91.55 प्रतिशत मतदान हुआ। दार्जिलिंग में सबसे कम 86.49 प्रतिशत वोटिंग हुई। दूसरी तरफ, तमिलनाडु के धर्मपुरी में 87.28 और इरोड में 87.59 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने हक का इस्तेमाल किया। चेन्नई में यह आंकड़ा 81.34 प्रतिशत रहा, जबकि कन्याकुमारी में सबसे कम 73.44 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

भारी मतदान के पीछे क्या है विशेषज्ञों की राय?

जानकारों का मानना है कि जब लंबे समय से चल रही सरकार के दौरान मतदान प्रतिशत में इतनी बड़ी बढ़ोतरी होती है, तो यह अक्सर सत्ता के बदलाव का संकेत होता है। हालांकि, कई बार कड़े मुकाबले के कारण भी मतदाता अपने पसंदीदा दल को जिताने के लिए भारी संख्या में बाहर निकलते हैं। राजनीतिक विश्लेषक आशुतोष के अनुसार, केवल वोटिंग प्रतिशत से नतीजे तय नहीं किए जा सकते। असली सवाल यह है कि क्या भाजपा पिछले चुनावों के वोट अंतर को पाट पाएगी। पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का चुनाव 29 अप्रैल को होगा और परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

नेताओं के बीच जुबानी जंग और जीत के दावे

बंपर वोटिंग को देखते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया है कि तृणमूल कांग्रेस पहले से ही जीत की स्थिति में है। उन्होंने कहा कि उनका मकसद सिर्फ केंद्र की सत्ता से भाजपा को हटाना है। वहीं, दूसरी ओर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर कहा कि बंगाल से टीएमसी का शासन खत्म होने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राज्य में भय के शासन के अंत की बात कही और भाजपा पर जनता के बढ़ते भरोसे को इस भारी मतदान की वजह बताया।

चुनावी हिंसा : भाजपा उम्मीदवार पर हमले की खबर

मतदान के दौरान दक्षिण दिनाजपुर के कुमारग्राम क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी सुवेंदु सरकार के साथ मारपीट की घटना सामने आई। सुवेंदु सरकार का आरोप है कि कुमारगंज के एक बूथ पर तृणमूल समर्थकों ने उनकी टीम पर हमला किया। उन्होंने बताया कि कई जगहों से उनके पोलिंग एजेंटों को बाहर निकाल दिया गया था। घटना के समय सुरक्षा बलों की कमी का फायदा उठाकर भीड़ ने उन्हें निशाना बनाया।

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