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मध्य पूर्व में महायुद्ध की आहट : ट्रंप की ‘सभ्यता मिटाने’ वाली खौफनाक धमकी, पलटवार में 1.4 करोड़ ईरानी जान देने को तैयार

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एजेंसी, नई दिल्ली/तेहरान। दुनिया इस समय एक विनाशकारी युद्ध के मुहाने पर खड़ी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर अब तक का सबसे डरावना बयान देते हुए चेतावनी दी है कि आज रात एक पूरी सभ्यता मिटाने यानि सभ्यता हमेशा के लिए खत्म हो सकती है। ट्रंप द्वारा दी गई समय सीमा (डेडलाइन) खत्म होने से ठीक पहले आए इस बयान ने पूरी दुनिया में दहशत पैदा कर दी है। ट्रंप का कहना है कि अगर ईरान ने मंगलवार रात 8 बजे तक उनकी शर्तें नहीं मानीं, तो वह कुछ ऐसा करेंगे जिसे इतिहास कभी नहीं भूल पाएगा।

ट्रंप का अल्टीमेटम: ‘पाषाण युग में पहुंच जाएगा ईरान’

अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि आज रात यह तय हो जाएगा कि दुनिया का भविष्य क्या होगा। उन्होंने ईरान को सीधी धमकी दी है कि अगर वह होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और समझौते पर राजी नहीं होता है, तो उसके हर पावर प्लांट और पुल को बमबारी कर नष्ट कर दिया जाएगा। ट्रंप ने कहा, “आज रात एक पूरी सभ्यता मिट जाएगी जिसे वापस नहीं लाया जा सकेगा। मैं ऐसा नहीं चाहता, लेकिन ऐसा होकर रहेगा।” उन्होंने चेतावनी दी कि महज चार घंटे के भीतर ईरान को ‘पाषाण युग’ में धकेल दिया जाएगा।

राष्ट्रपति पेजेशकियन का करारा जवाब: ‘1.4 करोड़ लोग देंगे कुर्बानी’

ट्रंप की इस विनाशकारी धमकी के बाद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भी पीछे हटने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने एक भावुक और सख्त संदेश में कहा कि देश की रक्षा के लिए 1 करोड़ 40 लाख से ज्यादा ईरानी नागरिक अपनी जान कुर्बान करने के लिए तैयार हैं। पेजेशकियन ने खुद भी देश के लिए जान देने की शपथ खाते हुए कहा कि वे ट्रंप के किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। ईरान में इस समय देशभक्ति का माहौल है और कई लोग सरकारी सुविधाओं के पास ‘मानव श्रृंखला’ बनाकर अमेरिकी हमलों को रोकने की तैयारी कर रहे हैं।

वेंस को अब भी समझौते की उम्मीद

दूसरी तरफ, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने थोड़ी नरम भाषा का इस्तेमाल करते हुए उम्मीद जताई है कि डेडलाइन खत्म होने से पहले ईरान का कोई सकारात्मक जवाब आ सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अपने सैन्य उद्देश्यों को काफी हद तक पूरा कर लिया है और अब फैसला ईरान को करना है। वेंस के अनुसार, अमेरिका एक ऐसी स्थिति चाहता है जहां दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई बिना किसी बाधा के जारी रहे, लेकिन अगर ईरान नहीं माना तो अंजाम बुरा होगा।

मिडिल ईस्ट में युद्ध का 39वां दिन

ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच छिड़े इस भीषण युद्ध का आज 39वां दिन है। जैसे-जैसे घड़ी की सुइयां ट्रंप की डेडलाइन (वॉशिंगटन के समयनुसार रात 8 बजे) की ओर बढ़ रही हैं, वैसे-वैसे जंग का खतरा और गहराता जा रहा है। अगर समझौता नहीं हुआ, तो आज की रात आधुनिक इतिहास की सबसे खौफनाक रातों में से एक साबित हो सकती है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों और सुरक्षा को लेकर भी भारी चिंता जताई जा रही है।

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