एजेंसी, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में दो अत्यंत महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति बनी है। बुधवार को हुई इस बैठक में मंत्रिमंडल ने इमिग्रेशन, वीजा, विदेशी नागरिक पंजीकरण और ट्रैकिंग (आईवीएफआरटी योजना) को 31 मार्च 2026 की समय सीमा समाप्त होने के बाद अगले पांच वर्षों के लिए विस्तार देने का निर्णय लिया है।
Modi Ji’s visionary UDAN Scheme soars new heights. Approval of ₹28,840 Cr Modified UDAN Scheme by Union Cabinet lifts aspirations of common citizens to travel by air. Developing 100 new airports, 200 helipads, 441 aerodromes will extend UDAN’s ambit to new areas and more people. pic.twitter.com/cCg8aGsuJN
— Amit Shah (@AmitShah) March 25, 2026
अब यह महत्वाकांक्षी योजना 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होकर 31 मार्च 2031 तक जारी रहेगी। सरकार ने इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए 1,800 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट भी स्वीकृत किया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक प्रेस वार्ता के दौरान सरकार द्वारा लिए गए इन दूरगामी फैसलों की विस्तृत जानकारी साझा की।
आईवीएफआरटी डिजिटल प्लेटफॉर्म का मुख्य उद्देश्य भारत में इमिग्रेशन सेवाओं, वीजा जारी करने की प्रक्रिया और विदेशी नागरिकों के पंजीकरण से जुड़े तमाम कार्यों को एक सूत्र में पिरोना और उन्हें अधिक कुशल बनाना है। इस योजना का लक्ष्य एक सुरक्षित और एकीकृत सेवा वितरण ढांचे के माध्यम से इमिग्रेशन और वीजा सेवाओं का पूरी तरह से आधुनिकीकरण करना है। इससे न केवल भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी, बल्कि वैध तरीके से यात्रा करने वाले विदेशी पर्यटकों और यात्रियों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
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ऐतिहासिक रूप से देखें तो इस परियोजना को सबसे पहले 13 मई 2010 को आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति द्वारा 1,011 करोड़ रुपये के बजट के साथ मंजूरी दी गई थी, जिसे सितंबर 2014 तक पूरा किया जाना था। इसके बाद साल 2015 में इस बजट को संशोधित कर 638.90 करोड़ रुपये किया गया था और इसकी समय-सीमा को बढ़ाकर 31 मार्च 2017 तक किया गया था। अब इस नए विस्तार के साथ सरकार का ध्यान तकनीक के माध्यम से सेवाओं को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने पर है।


