धराशायी गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स

एक ही दिन में धराशायी गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स, 13 फीसदी तक आई गिरावट

व्यापार

एजेंसी, नई दिल्ली। एक ही दिन में धराशायी गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स : आमतौर पर सोना-चांदी को बाजार की उथल-पुथल में “सेफ हेवन” माना जाता है, लेकिन बजट 2026 के दिन यह धारणा बुरी तरह हिल गई। 1 फरवरी को जब विशेष ट्रेडिंग सत्र के साथ शेयर और कमोडिटी बाजार खुले, तो सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली। इसका सीधा असर गोल्ड और सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स पर पड़ा, जहां निवेशकों को एक ही दिन में दोहरे अंकों का झटका लगा। कमोडिटी बाजार की बात करें तो एमसीएक्स पर सोने की कीमतों में इंट्राडे कारोबार के दौरान करीब 9 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और भाव ₹1,36,185 प्रति 10 ग्राम तक फिसल गया। वहीं चांदी भी पीछे नहीं रही और इसका रेट करीब 9 फीसदी टूटकर ₹2,65,652 पर आ गया। इतनी तेज गिरावट लंबे समय बाद देखने को मिली है, जिसने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।

एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में और गहरी चोट
स्पॉट और फ्यूचर्स मार्केट से ज्यादा दर्द एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स निवेशकों को झेलना पड़ा। गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में 10 से 13 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। निप्पॉन इंडिया गोल्ड बीईएस, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स, जीरोधा गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स और एंजेल वन गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स जैसे फंड्स बुरी तरह दबाव में नजर आए। वहीं सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में हालात और खराब रहे। एसबीआई, आईसीआईसीआई प्रू और एक्सिस सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में करीब 20 फीसदी तक की भारी गिरावट देखने को मिली, जिसने चांदी में निवेश करने वालों को चौंका दिया।

गिरावट की वजह क्या रही?
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, डॉलर में मजबूती और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ता दबाव इस गिरावट की बड़ी वजह रहा। इसके अलावा सीएमई ग्रुप द्वारा कॉमेक्स गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स पर मार्जिन बढ़ाने के फैसले ने भी वैश्विक कीमतों पर असर डाला, जिसकी गूंज भारतीय बाजार तक पहुंची।

निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तरह की गिरावट में घबराकर फैसले लेना नुकसानदायक हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बिकवाली ज्यादा तर लीवरेज और मार्जिन अनवाइंडिंग के चलते हुई है, न कि लंबी अवधि के फंडामेंटल्स के खराब होने से। जो निवेशक पहले से गोल्ड या सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में हैं, उन्हें जल्दबाजी में एग्जिट करने से बचने की सलाह दी जा रही है। वहीं नए निवेशकों के लिए रणनीति यही है कि एकमुश्त निवेश करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से निवेश किया जाए।

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