एमपी में अफसरों के वाहनों-एसी और फर्नीचर के लिए नहीं मिलेगा पैसा, वित्त विभाग ने दिए निर्देश

एमपी में अफसरों के वाहनों-एसी और फर्नीचर के लिए नहीं मिलेगा पैसा, वित्त विभाग ने दिए निर्देश

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एजेंसी, भोपाल। एमपी में 16 फरवरी से बजट सत्र की शुरूआत होने जा रही है। जिसकी तैयारियों में वित्त विभाग जुट गया है। इसके लिए वित्त विभाग की ओर से सभी विभागों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिसमें विभाग ने स्पष्ट किया है कि 31 मार्च से पहले अफसरों के लिए नए वाहन, दफ्तर में एसी और फर्नीचर समेत अन्य उपकरण खरीदने के लिए किसी भी प्रकार का बजट आवंटन नहीं किया जाएगा।

वित्त विभाग ने सभी विभागों को निर्देश दिए
वित्त विभाग के द्वारा सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चालू वित्त वर्ष के तीसरे अनुपूरक बजट में इस तरह के मामलों से संबंधित कोई भी प्रस्ताव नहीं भेजा जाए।

पेश होगा तीसरा अनुपूरक बजट
वित्त विभाग के मुताबिक, अगले महीने से विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत हो रही है। जिसमें साल 2026-27 के लिए तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। राज्य सरकार के द्वारा बजट बनाने की प्रक्रिया जीरो बेस्ड बजट प्रणाली के आधार पर की गई है। जिसमें सभी बिंदुओं को समीक्षा के बाद ही प्रावधान किया जाएगा।

23 जनवरी तक ऑनलाइन मांगे गए प्रस्ताव
वित्त विभाग की ओर से 23 जनवरी 2026 तक केवल ऑनलाइन माध्यम से प्रस्ताव लिए जाएंगे। साथ ही विभाग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि तीसरे अनुपूरक बजट से संबंधित सभी प्रस्ताव पहले प्रशासकीय विभाग से अनुमोदन के बाद ही भेजे जाएं।

केवल ये प्रस्ताव होंगे स्वीकार
– जिन कार्यों को राज्य के इमरजेंसी फंड से एडवांस स्वीकृत किया गया है।
– वित्त विभाग के द्वारा सहमति वाले प्रस्तावों को स्वीकार किया जाएगा।
– भारत सरकार या अन्य एजेंसी से वित्तीय सहायता या केंद्रांश स्वीकृत किया गया हो। जो कि मौजूदा बजट मद से अलग नहीं की जा सकती हो।
– किसी काम के लिए ज्यादा पैसे चाहिए, तो विभाग दूसरी सरकारी योजनाओं के पैसे काटकर या वहां से बची हुई राशि का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
– विशेष पूंजीगत सहायता योजना के तहत जिन विभागों ने केंद्र सरकार (भारत सरकार) को प्रस्ताव भेजे हैं या भेजने वाले हैं, अगर उनके लिए अलग से बजट लाइन खोलना ज़रूरी हो, तो प्रावधान के आधार पर सरकार को अनुपूरक प्रस्ताव देकर अलग बजट लाइन खोल सकती है।
– योजना में केंद्र सरकार के तहत मंजूर किए गए कामों में आगे चलकर और ज्यादा पैसों की जरूरत पड़ेगी। ये पैसा दूसरी योजनाओं की बजत से जुटाना संभव नहीं होगा। इसके लिए अतिरिक्त बजट की व्यवस्था की जा सकती है।

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