एजेंसी, एलओसी। जम्मू-कश्मीर में एलओसी के पास एक बार फिर पाकिस्तानी संदिग्ध ड्रोन नजर आए। सेना ने ड्रोन दिखते ही उस पर फायरिंग किया। इसके बाद ड्रोन पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की ओर लौट गया। बीते कुछ दिनों में पाकिस्तान की ओर से ड्रोन्स की गतिविधि बढ़ गई है। लिहाजा पाकिस्तान से लगी बॉर्डर पर सैनिक हाई अलर्ट पर हैं।
नियमित निगरानी के दौरान दिखे ड्रोन्स
सेना ने कहा कि यह ड्रोन्स नियमित निगरानी के दौरान नजर आए। पुंछ में भी फॉरवर्ड पोस्ट के पास इसी तरह का एक ड्रोन देखा गया। वहीं, जम्मू के रामगढ़ सेक्टर में भी इंटरनेशनल बॉर्डर पर एक ऐसा ही ड्रोन देखा गया। सेना के अनुसार, बीते पांच दिनों में तीन बार पाकिस्तान की ओर से ड्रोन्स भारतीय सीमा में दाखिल हुए। 13 जनवरी को जम्मू के राजौरी जिले में पाकिस्तानी ड्रोन्स देखे गए थे। वहीं, 11 जनवरी को नौशेरा सेक्टर, धरमसाल सेक्टर, रियासी, सांबा और पुंछ के मंकोट सेक्टर में एकसाथ पांच ड्रोन नजर आए थे।
ये भी पढ़े : मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक,19 दिनों में होंगी 12 बैठकें
ड्रोन के जरिए हथियार पहुंचाने की कोशिश
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इंटरनेशनल बॉर्डर और एलओसी पर भारतीय सैनिकों की चौकसी के कारण घुसपैठ मुश्किल हो गई है। ऐसे में कश्मीर के अलग-अलग इलाकों में छिपे बैठे आतंकियों तक हथियार पहुंचाने के लिए पाकिस्तानी सेना व आतंकी संगठन ड्रोन्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके साथ ही, वह इन ड्रोन्स के जरिए ड्रग्स की तस्करी भी कर रहे हैं। बीते गुरुवार को सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के काकोरा गांव में एंटी-टेरर ऑपरेशन के दौरान करीब 3 किलो वजन का संदिग्ध आईईडी बरामद किया। बम निरोधक दस्ते ने जांच के बाद आईईडी को सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया। इससे पहले 9 जनवरी को सांबा में आईबी के पास घगवाल के पालूरा गांव में हथियार की खेप मिली थी, जिसे पाकिस्तान से आए ड्रोन ने गिराया था। इसमें 2 पिस्तौल, तीन मैगजीन, 16 राउंड और एक ग्रेनेड शामिल था।


