इंदौर : 20 मौतें , 18 को मुआवजा दिया, प्रशासन का दावा- दूषित पानी से 6 की गई जान

इंदौर : 20 मौतें , 18 को मुआवजा दिया, प्रशासन का दावा- दूषित पानी से 6 की गई जान

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एजेंसी, इंदौर। इंदौर भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से फैली बीमारी और मौतों का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक इस घटना में मौतों की संख्या 18 से बढ़कर 20 तक पहुंच गई है। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर अब भी मौतों के आंकड़ों को लेकर स्थिति साफ नहीं है। प्रशासन जहां आधिकारिक तौर पर छह मौतों को दूषित पानी से जोड़कर देख रहा है वहीं 18 मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिए जाने काम मामला सामने आया है।

प्रशासन की ओर से अब तक 18 परिवारों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। इनमें से 15 परिवारों को सीधे भुगतान किया जा चुका है जबकि तीन अन्य परिवारों के खातों की प्रक्रिया पूरी कर आरटीजीएस के माध्यम से राशि ट्रांसफर की जा रही है। कलेक्टर शिवम वर्मा का कहना है कि मीडिया रिपोर्ट्स और अन्य माध्यमों से जिन-जिन मौतों की जानकारी सामने आई है उन सभी मामलों की गंभीरता से जांच कर पीड़ित परिवारों को सहायता दी गई है।

मुआवजा सूची में जुड़े दो नए नाम
इस बीच प्रशासन ने मुआवजा सूची में बुधवार को दो नए नाम भी जोड़े हैं। इनमें रामकली जगदीश और श्रवण नत्यु खुपराव शामिल हैं। दूसरी ओर, जिस स्थान पर ड्रेनेज लाइन का काम किया गया था वहां नर्मदा जल आपूर्ति लाइन शुरू होते ही पानी का रिसाव शुरू हो गया। कॉलोनी की सड़कों और दुकानों में पानी भर गया जिसके चलते अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हालात को देखते हुए नर्मदा लाइन को एक बार फिर बंद करना पड़ा।

सीएम ने क्या कहा
मौतों और मुआवजे के आंकड़ों में अंतर को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए गिनती का विषय नहीं है। एक व्यक्ति की जान जाना भी हमारे लिए कष्टकारी है। हम इसके आंकड़े में नहीं पड़ रहे हैं। ये अलग बात है कि प्रशासन की दृष्टि से उनका अपना एक अलग तरीका होता है। पीएम कराने वाले लोगों का कुछ आंकड़ा था। हमने कहा कि कोई बात नहीं है। उस परिक्षेत्र के अंदर जब घटना घटी है तो नगर निगम के माध्यम से एक पंजीयन होता है। राहत देने के मामले में हम उस आंकड़े के बजाए सबके साथ हैं।

बोरिंग का पानी उपयोग करने से बच रहे लोग
भागीरथपुरा में हालात अब भी चिंताजनक बने हुए हैं। दूषित पानी की आशंका के चलते लोग बोरिंग का पानी इस्तेमाल करने से बच रहे हैं और टैंकर या आरओ के पानी पर निर्भर हो गए हैं। बुधवार को सुबह से दोपहर तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 18 मरीज डायरिया की शिकायत लेकर पहुंचे जिनमें से छह की हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल रेफर किया गया। इससे पहले 16 मरीजों के आईसीयू में भर्ती होने की जानकारी भी सामने आई थी जिनमें से तीन मरीज वेंटिलेटर पर हैं।

429 लोग अस्पताल में भर्ती
अब तक कुल 429 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया जा चुका है। इनमें से 330 मरीजों को डिस्चार्ज किया जा चुका है, जबकि बुधवार को छह नए मरीज भर्ती हुए। वर्तमान में करीब 105 मरीज विभिन्न अस्पतालों में इलाजरत हैं।

कब होगी जल आपूर्ति
कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि भागीरथपुरा क्षेत्र में लगातार क्लोरीनेशन का काम किया जा रहा है। सरकारी बोरिंगों के साथ-साथ 350 से अधिक निजी बोरिंगों में भी क्लोरीनेशन पूरा किया जा चुका है। नर्मदा लाइन को दोबारा शुरू करने से पहले फ्लशिंग, सैंपलिंग और क्लोरीन लेवल की जांच की जा रही है। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही जल आपूर्ति बहाल की जाएगी।

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