MP High Court strict

MP High Court strict on 4 officers : एमपी हाईकोर्ट की 4 अफसरों पर सख्ती, डीजीपी को नोटिस से मची खलबली

प्रादेशिक भोपाल

एजेंसी, भोपाल। MP High Court strict on 4 officers : मध्यप्रदेश में पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। प्राय: थानों में अपराध दर्ज करने में जबर्दस्त हीला हवाली की जाती है। ऐसी बेशुमार शिकायतों के बावजूद पुलिस ​विभाग कोई प्रभावी कदम नहीं उठा पा रहा है। गंभीर मामलों में भी एफआई आर दर्ज कराने के लिए पीड़ित यहां से वहां भटकते रहते हैं। ऐसे ही एक केस में एमपी हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने एफआईआर दर्ज नहीं करने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस के 4 अधिकारियों से जवाब तलब किया है। इनमें डीजी पी भी शामिल हैं। कोर्ट द्वारा वरिष्ठतम अधिकारी को नोटिस जारी किए जाने के बाद विभाग में खलबली मची है। हाईकोर्ट में दायर याचिका में थाना सीमा क्षेत्र को लेकर प्रभावित को भटकाने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता ने कोर्ट को बताया कि थानों की सीमा का जिक्र करते हुए पुलिस अधिकारी एक थाने से दूसरे थाने भेजते रहे लेकिन कहीं भी फरियादी की बात सुनकर एफआईआर दर्ज नहीं की गई।

केस दर्ज कराने इधर उधर भटका रहे टीआई
याचिका में विजय नगर पुलिस स्टेशन, राजेंद्र नगर पुलिस स्टेशन और लसुड़िया पुलिस स्टेशन के टीआई पर केस दर्ज करने के लिए इधर उधर भटकाने का आरोप लगाया गया। याचिकाकर्ता ने कोर्ट में कहा कि सीमा विवाद के कारण उनका केस दर्ज नहीं किया गया है। फरियादी को अभी भी एक पुलिस स्टेशन से दूसरे पुलिस स्टेशन में भेजा जाता है।

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डीजीपी से भी जवाब तलब
जीरो पर एफआईआर दर्ज नहीं करने के इस मामले पर इंदौर हाईकोर्ट में सख्त रुख दिखाया है। कोर्ट ने विजय नगर पुलिस स्टेशन, राजेंद्र नगर पुलिस स्टेशन और लसूड़िया पुलिस स्टेशन के टीआई को नोटिस जारी किए। इतना ही नहीं, कोर्ट ने मामले में डीजीपी से भी जवाब तलब किया है। हाईकोर्ट में पुलिस कमिश्नरी के बाद बढ़ रहे अपराधों को लेकर यह जनहित याचिका दायर की गई। हाईकोर्ट के जस्टिस विजय कुमार शु€क्ला, जस्टिस आलोक अवस्थी ने इस स्वीकार कर लिया है। सोमवार को सुनवाई के बाद सरकार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब देने को कहा है। अभिभाषक मनीष यादव ने समाजसेवी महेश गर्ग की ओर से यह याचिका दायर की है।

इसमें आरोप लगाया है कि पुलिस कमिश्नरी लागू होने के बाद जनता के लिए आसानी होनी थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पुलिस महानिदेशक ने सभी जिलों को आदेश दिए थे कि घटना किसी भी थाना क्षेत्र में हुई हो, फरियादी यदि निकट के थाने पर शिकायत करता है तो उस थाने में जीरो पर कायमी की जाए और शिकायत को संबंधित थाने भेज दिया जाए। वर्तमान में ऐसा नहीं हो रहा है। याचिका में लसूडिय़ा, विजय नगर, आजाद नगर, संयोगितागंज सहित अन्य थानों में पहुंचे मामलों को भी रखा गया है। पुलिस महानिदेशक को भेजे उस पत्र का भी हवाला दिया गया है, जिसमें इंदौर पुलिस की शिकायत करते हुए व्यवस्था में सुधार का निवेदन किया गया था। इसकी भी सुनवाई नहीं हुई।

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